: हिन्दू राष्ट्र निर्माण हेतु प्रत्येक पूर्णिमा तिथि को होगी सामूहिक हनुमत आराधना
Fri, Sep 29, 2023
रायपुर - ऋग्वेदीय पूर्वाम्नाय श्रीगोवर्द्धनमठ पुरीपीठाधीश्वर एवं हिन्दू राष्ट्र प्रणेता अनन्तश्री विभूषित श्रीमज्जगद्गुरु शंकराचार्य पूज्यपाद स्वामी श्रीनिश्चलानन्द सरस्वतीजी महाराज द्वारा सनातन संस्कृति संरक्षणार्थ संस्थापित संगठन धर्मसंघ पीठपरिषद् , आदित्यवाहिनी - आनन्दवाहिनी छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा शीघ्र हिन्दू राष्ट्र निर्माण के संकल्प के साथ प्रतिमाह सामूहिक हनुमत आराधना के तहत हनुमान चालीसा पाठ करने का निर्णय लिया गया है। संगठन के प्रांतीय पदाधिकारियों द्वारा ली गई निर्णय के अनुसार हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ प्रतिमाह पूर्णिमा तिथि को सायं छह बजे से सात बजे तक संगठन के बैनर के साथ मठ - मंदिर - कार्यालय में प्रत्येक जिला , जोन , नगर , ग्रामीण स्तर तक समस्त इकाईयों में एक साथ आयोजित किया जाना है। जिससे कि समाज में प्रत्येक स्तर पर हिन्दू राष्ट्र निर्माण के प्रति सक्रियता एवं जागरुकता का वातावरण निर्मित हो। प्रांतीय कार्यालय ने इस आयोजन के फोटोग्राफ श्रीसुदर्शन संस्थानम् के वाट्सएप ग्रूप में भी प्रेषित करने को कहा है ताकि समेकित रूप से इसे राष्ट्रीय कार्यालय भेजा जा सके। बताते चलें चातुर्मास्य में पूज्यपाद पुरी शंकराचार्यजी श्रीगोवर्द्धनमठ पुरी ओड़िशा में निवासरत रहते हैं , जहाँ प्रातः कालीन सत्र में बृहदारण्यक उपनिषद तथा सायंकालीन सत्र में श्रीमद्भागवत एवं रात्रि में ब्रह्मसूत्र भाष्य पर प्रवचन श्रवण का अवसर मिलता है। चातुर्मास्य के पश्चात राष्ट्रव्यापी हिन्दू राष्ट्र निर्माण अभियान के प्रथम चरण में महाराजश्री का गोवर्द्धन मठ पुरी से संबद्ध शिव गंगा आश्रम प्रयागराज में 01 अक्टूबर से 05 अक्टूबर तक प्रवास रहेगा , जहाँ पर प्रातःकालीन सत्र में संगोष्ठी के अंतर्गत राष्ट्र रक्षा , विज्ञान , गणित आदि विषयों एवं हिन्दू राष्ट्र निर्माण के संबंध में मार्गदर्शन प्राप्त होगा तथा सायं पांच बजे से पुनः आध्यात्मिक संदेश, दर्शन सुलभ होगा। गौरतलब है कि आज से दो वर्ष पूर्व चातुर्मास्य के अवसर पर श्रीगोवर्द्धनमठ पुरी से पूज्य शंकराचार्यजी ने आगामी साढ़े तीन वर्षों ( 42 माह ) में भारत को हिन्दू राष्ट्र के रूप में उद्भाषित होने की घोषणा की थी। उपरोक्त घोषणा के क्रियान्वयन हेतु लगभग आधा समय बीत चुका है अतः बचे हुये समय में समस्त सनातनी धर्मावलंबियों से अपेक्षा है कि अपने अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर पुरी शंकराचार्यजी के मार्गदर्शन में कार्य करते हुये अपने कार्यक्षेत्र को सुसंस्कृत , सुरक्षित , सम्पन्न , सर्वहितप्रद , सेवा परायण व्यक्ति एवं समाज के समूह के रूप में परिवर्तित करें यही सशक्त हिन्दू राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होगी। उपरोक्त अभियान के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में जनजागरण हेतु प्रत्येक पूर्णिमा को आयोजित सामूहिक हनुमत आराधना में संगठन के सभी सदस्य सभी भक्तवृन्दों को शामिल कर धर्मसंघ पीठपरिषद् आदित्य वाहिनी आनन्द वाहिनी के इस अभियान को सफल बनावें।
: बलवा कर लाठी - डंडा से मारपीट करने के दस आरोपी जेल दाखिल
Fri, Sep 29, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टबिलासपुर - भटचौरा में बलवा कर लाठी , डंडा से मारपीट करने वाले दस आरोपियों को पचपेड़ी पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये पचपेड़ी थाना प्रभारी निरीक्षक विवेक कुमार पाण्डेय ने अरविन्द तिवारी को बताया प्रार्थिया द्वारा थाना में उपस्थित होकर गत पांच सितंबर को रिपोर्ट दर्ज करायी गई कि उक्त दिनांक को मेरे दोनो बच्चे स्कूल गये थे दोपहर करीबन बारह बजे मेरे दोनो बच्चे सौर्य एवं इंद्र भागते दौड़ते रोते हुये घर की तरफ आ रहे थे। उनके पीछे तीजराम पटेल , कलेश्वर पटेल , सीभू पटेल , अभय पटेल , मुकेश पटेल , योगेश पटेल , अजय कुमार पटेल , रामगोपाल पटेल , राकेश पटेल एवं अन्य लोग हाथ मे लाठी डंडा लेकर आ रहे थे। और मेरे बच्चे सौर्य एवं इंद्र को लाठी डंडा से गाली गलौज कर जान से मारने की धमकी देकर हमारे बच्चो को मारते हो आज तुम लोगो को नही छोड़ेगे जान से मार देंगे कहते मारपीट करने लगे। मोहल्ले के ऐश्वर्या कोसले एवं मानवी कुमारी को भी ये लोग लाठी डंडा से मारपीट किये हैं एवं मोहल्ले के अन्य बच्चो को भी मारपीट किये है। प्रार्थिया की रिपोर्ट कर अपराध क्रमांक 297/23 धारा 147, 294 , 506 बी , 323 भादवि पंजीबद्ध किया गया। मामले की गंभीरता को देते हुये पुलिस अधीक्षक महोदय संतोष सिंह एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदय ( ग्रामीण) अभिषेक महेश्वरी के दिशा निर्देश पर अनुविभागीय पुलिस अधीक्षक मुख्यालय बिलासपुर राजेश श्रीवास्तव के मार्गदर्शन प्राप्त कर प्रकरण के प्रार्थी एवं गवाहो को तलब कर कथन लिया गया। कथन के आधार पर प्रकरण में धारा 3(1) द , 3(1) ध , एससी /एसटी एक्ट जोड़ा गया। उक्त प्रकरण के आरोपीगणों से प्रकरण में प्रयुक्त डंडा को गवाहों के समक्ष जप्त किया गया। पचपेड़ी पुलिस ने आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। इस कार्यवाही में थाना प्रभारी पचपेड़ी विवेक कुमार पाण्डेय , उनि पिल्लु राम मांडवी , सउनि मानिक लाल लहरे , प्रधान दुलार टोप्पो , लक्ष्मण सिंह ,आरक्षक देवेंद्र मरकाम , किशन राय , सद्दाम पाटले , राजीव सिंह , ओमप्रकाश खुंटे , सागर खटकर , अश्वनी पटेल , प्रीतम मरावी , सचिन तिवारी , महिला आरक्षक नीता यादव का विशेष योगदान रहा।गिरफ्तार आरोपीगण -अजय पटेल पिता अखी राम पटेल उम्र 21 वर्ष , मुकेश पटेल पिता चराम पटेल उम्र 27 वर्ष , कलेश्वर पटेल पिता गुनित राम पटेल उम्र 35 वर्ष , गोपाल पटेल पिता स्व. सुखलाल पटेल उम्र 49 वर्ष , तीजराम पटेल पिता द्वारिका प्रसाद पटेल उम्र 33 वर्ष , अभय कुमार पटेल पिता रामगोपाल पटेल उम्र 25 वर्ष , योगेश पटेल पिता वेदराम पटेल उम्र 23 वर्ष , शिबु पटेल पिता रामगोपाल पटेल उम्र 28 वर्ष , राकेश पटेल पिता सहरा राम पटेल उम्र 32 वर्ष और सुरेश पटेल पिता इतवारी राम पटेल उम्र 49 वर्ष सभी निवासी भटचौरा थाना पचपेड़ी जिला बिलासपुर छत्तीसगढ़।
: बालको में हिंदी पखवाड़ा पर 'स्वर' काव्य गोष्ठी का आयोजन
Wed, Sep 27, 2023
बालकोनगर, 27 सितंबर, 2023। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने हिंदी दिवस के अवसर पर 'स्वर' काव्य गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया। हिंदी पखवाड़ा भाषा और हिंदी साहित्य के समृद्ध दुनिया के बारे में बताता है। ‘स्वर’ संध्या में शहर के नामचीन साहित्यकारों, लेखक एवं कवियों के साथ-साथ बालको कर्मचारियों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। कार्यक्रम की शुरूआत दीप प्रज्जवलन तथा सरस्वती वंदना के साथ की गई जिसके बाद अतिथियों ने मेधावी विद्यार्थियों और कवियों को सराहा तथा सम्मानित किया।
'हिंदी के आधुनिकीकरण में उद्योगों की भूमिका' विषय पर केंद्रित इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ राज्य के प्रतिष्ठित हिंदी लेखक डॉ. गिरीश पंकज, डॉ. परदेशी राम वर्मा और डॉ. माणिक विश्वकर्मा ने ज्ञानवर्धक व्याख्यान दिया। प्रतिष्ठित साहित्यकारों ने 'हिंदी के आधुनिकीकरण में उद्योगों की भूमिका' विषय पर व्याख्यान देते हुए, हिंदी के महत्व, संरक्षण, विकास और संजोये रखने की अनिवार्य आवश्यकता पर गहन चर्चा की। कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ सरस्वती साहित्य समिति एवं मुकुटधर पाण्डेय साहित्य भवन समिति, कोरबा के सहयोग से किया गया।वरिष्ठ हिंदी साहित्यकार और कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. गिरीश पंकज ने हिंदी के सर्वोपरि महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि जैसे-जैसे हिंदी ने वैश्विक पहचान बनाई है इसका सांस्कृतिक महत्व दुनिया भर में गूंज रहा है। हालाँकि हमें अपने राष्ट्र के भीतर इसके संरक्षण को भी प्राथमिकता देनी चाहिए। हिंदी हमारे इतिहास, मूल्यों और परंपराओं का प्रतिनिधित्व करती है। मातृभाषा से हम अपनी जड़ों से जुड़ते हैं और भावी पीढ़ियों के लिए अपनी विरासत की जीवंतता सुनिश्चित करते हैं। मैं हिंदी को बढ़ावा देने के सराहनीय प्रयासों और इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए बालको को हार्दिक बधाई देता हूं।हिंदी भाषा को जनमानस तक पहुंचाने की बात करते हुए डॉ. परदेशी राम वर्मा ने कहा कि हिंदी सिर्फ एक भाषा नहीं है अपितु यह हमारी भावनाओं का धड़कता हुआ दिल है जो हमारे जीवन को अभिव्यक्त करने की आवाज है। हिंदी हमारी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए शब्दों से परे है जो हमें एकता के एक धागें में बांधती तथा हमारी सांस्कृतिक विरासत को समृद्ध करती है। आइए हम हिंदी को संजोएं क्योंकि इसके जुड़ाव में हम अपने भाषाई अस्तित्व का सार पाते हैं।हिंदी के विकास पर बात करते हुए डॉ. माणिक विश्वकर्मा ने कहा कि हिंदी ने अपनी विकास यात्रा में विभिन्न भाषाई स्रोतों से तकनीकी शब्दावली को सहजता से एकीकृत किया है। शब्दकोश बढ़ाने का यह भाषाई गुण तेजी से औद्योगीकृत दुनिया की जरूरतों से प्रेरित है जिसने औद्योगिक परिदृश्य में हिंदी को एक महत्वपूर्ण भूमिका तक पहुंचाया। वैश्वीकरण के इस युग में हिंदी एक पुल के रूप में खड़ी है जो परंपरा और प्रगति को जोड़ती है तथा यह सुनिश्चित करती है कि हमारी समृद्ध भाषाई विरासत औद्योगिक विकास में सबसे आगे रहे।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि बालको सामंजस्यपूर्ण समाज की साहित्यिक नींव को आकार देने में भाषा की भूमिका को स्वीकार करता है। इस आयोजन के माध्यम से हम भाषाओं और साहित्यिक विचारकों का सामंजस्य बनाना चाहते हैं जिससे भाषा के महत्व को बढ़ावा मिलता है। हिंदी को बढ़ावा देने की हमारी प्रतिबद्धता शब्दों से परे है यह हमारी संस्कृति की समृद्ध विरासत को संजोये रखने का प्रयास है जो एक बेहतर और समावेशी समाज की ओर सराहनीय कदम है।
बालको स्वर काव्य गोष्ठी में लगभग 50 प्रतिभागियों ने अपनी कविताएँ प्रस्तुत कीं। कार्यक्रम में लगभग 200 श्रोताओं ने हिंदी साहित्य को बढ़ावा देने एकत्रि हुए। कार्यक्रम के दौरान भाग लेने वाले कर्मचारियों और साहित्यकारों ने अपनी साहित्यिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। कवियों ने मनमोहक कविता से श्रोताओं पर अमिट छाप छोड़ी। बालकोनगर और उसके समीप स्कूलों के 10वीं एवं 12वीं के 19 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को हिंदी भाषा में उत्कृष्टता प्रदर्शित करने के लिए सम्मानित किया गया।