: बालको ने दिव्यांगों को दिया माहवारी स्वच्छता प्रबंधन प्रशिक्षण
Tue, Dec 6, 2022
बालकोनगर, 6 दिसंबर। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने सामुदायिक विकास कार्यक्रम की परियोजना ‘नई किरण’ के अंतर्गत इनरव्हील एजुकेशन सोसाइटी संचालित दिव्य ज्योति स्कूल के दिव्यांग छात्राओं के लिए एक दिवसीय माहवारी स्वच्छता प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की। अंतरराष्ट्रीय दिव्यांग दिवस पर आयोजित कार्यशाला में प्रतिभागियों को माहवारी स्वच्छता के अनेक आयामों से परिचित कराया गया। कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को यौन एवं प्रजनन संबंधी अधिकारों की जानकारी भी दी गई। ‘नई किरण’ परियोजना का उद्देश्य महिलाओं और किशोरी बालिकाओं को माहवारी स्वच्छता के जैव वैज्ञानिक पहलुओं, स्वास्थ्य संबंधी जोखिमों और उनके समाधान, पोषण आहार आदि से परिचित कराना है।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री अभिजीत पति ने कहा कि बालको की नई किरण परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र की महिलाओं के स्वास्थ्य स्तर में उत्तरोत्तर सुधार तथा माहवारी संबंधी भ्रांतियों और शंकाओं का समाधान करना है। इसके अंतर्गत लक्षित महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने के लिए उन्हें अनेक गतिविधियों से जोड़ा गया है। माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता अभियानों के निरंतर संचालन के जरिए समाज में माहवारी के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के प्रति बालको प्रबंधन कटिबद्ध है।इनरव्हील एजुकेशन सोसाइटी की अध्यक्ष एवं दिव्य ज्योति स्कूल, कोरबा की प्राचार्य श्रीमती रीता खेत्रपाल ने बालको के अभियान की प्रशंसा करते हुए कहा कि दिव्यांग छात्राओं को माहवारी स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाने की दृष्टि से कार्यशाला का आयोजन महत्वपूर्ण है। उन्होंने आयोजन के लिए बालको प्रबंधन को साधुवाद दिया।बालको ने वर्ष 2019 से सार्थक जन विकास संस्थान के सहयोग से कोरबा जिले के 45 गांवों एवं नगर पालिक निगम क्षेत्रों में माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता परियोजना लागू की। परियोजना के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों की 200+ महिलाओं, 600+ किशोर बालिकाओं और अग्रिम पंक्ति की 60 कार्यकर्ताओं को नेतृत्वकर्ताओं के तौर पर विकसित किया गया है जिससे वे समुदाय में जाकर माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति बालिकाओं और महिलाओं को जागरूक करनें में सक्षम हुई हैं। अभियान के अंतर्गत पुरुषों को भी शामिल किया गया है ताकि वे महिलाओं के स्वास्थ्य की देखभाल में योगदान कर सकें। 60 किशोर बालकों को माहवारी स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता के लिए कम्यूनिटी चैंपियन के तौर पर प्रशिक्षित किया गया है। इस वर्ष बालको ने ग्रामीण क्षेत्रों में चार स्वास्थ्य सुविधा केंद्र विकसित किए जहां महिलाओं और किशोरियों को माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता संबंधी जानकारी दी जाती है। परियोजना के दायरे में लगभग 45000 महिलाएं, किशोरी बालिकाएं, पुरुष और किशोर बालक शामिल हैं।
: हर समस्या का एक समाधान , करें रोजाना व्यायाम - आईपीएस रतन लाल डांगी
Mon, Dec 5, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर (चंदखुरी) - व्यायाम फिजिकल एक्टिविटी का ही एक विशेष प्रकार है , जिसमें योजनाबद्ध तरीके से विशेष फिजिकल एक्टिविटीज के जरिये शरीर और दिमाग को फिट बनाये रखने का प्रयास किया जाता है।व्यायाम के फौरन और लम्बे समय तक फायदे मिल सकते हैं। यह हमारी सेहत को ठीक कर सकता है। व्यायाम शरीर को स्वस्थ्य रखने में खास भूमिका निभाते हैं। व्यायाम के लिये जिम या पार्क जाने की जरूरत भी नहीं होती और घर में रहकर ही फिट रहने में मदद मिल सकती है। नियमित रूप से व्यायाम करने से मेटाबॉलिज्म बेहतर होने के साथ ही कैलोरी भी तेजी से बर्न होती है और वजन नियंत्रण में रहता है। नियमित व्यायाम शरीर ही नहीं बल्कि दिमाग को भी तेज रखने में उपयोगी साबित होता है।
उक्त बातें राज्य पुलिस अकादमी चंदखुरी के निदेशक रतन लाल डांगी ने राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय समाचार प्रसारण केन्द्र के अरविन्द तिवारी द्वारा निवेदित योग - व्यायाम विषय पर अपने विशेष उद्गार में कही। उन्होंने कहा कि तनाव , सिर दर्द और अवसाद जैसी कई समस्याओं को नियमित व्यायाम की मदद से कम या ठीक किया जा सकता है। सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण नियमित व्यायाम हमारी जिंदगी की क्वालिटी को सुधार सकता है। उन्होंने आगे कहा कि चिंता और तनाव को कम करने में व्यायाम का महत्व है क्योंकि व्यायाम से एंडोर्फिन जारी होता है जो
फायदा पहुंचाता है , इस तरह खुशी को बढ़ावा मिलता है। इसके अलावा उन्होंने व्यायाम के फायदे गिनाते हुये कहा कि व्यायाम आत्मविश्वासी महसूस कराता है। व्यायाम हमको कभी व्यायाम नहीं करने वालों के मुकाबले बहुत ज्यादा हेल्दी और खुश महसूस करा सकता है। रोजाना दस मिनट का व्यायाम आपके मूड को ठीक कर सकता है और चिंता , तनाव , बेचैनी की भावना से मुक्त करता है। रोजाना का व्यायाम दिमाग के कुछ हिस्सों में काफी बदलाव हासिल करने में मदद करता है और चिंता और टेंशन के लेवल को काबू करता है। ऊर्जा लेवल बढ़ाता है- व्यायाम लोगों को ज्यादा एक्टिव महसूस कराता है। निरंतर व्यायाम आपके मसल और हड्डियों की हालत को सुधारता है , जो बेहतर फिटनेस में इजाफा करता है। इसके अलावा रोजाना व्यायाम दर्द को भी दूर कर सकता है। दिमाग की सेहत और याद्दाश्त को सुधारता है- व्यायाम से हृदय गति बढ़ता है क्योंकि ये ब्लड फ्लो और ऑक्सीडन पर निर्भर करता है। इसके नतीजे में दिमाग की सेल्स का विकास होता है और सोचने की क्षमता में सुधार होता है। नियमित व्यायाम डिप्रेशन और तनाव के लक्षणों को काबू करने में मदद करता है। अंत में राज्य पुलिस अकादमी के निदेशक डांगी ने सारगर्भित शब्दों में कहा कि यदि आप डिप्रेशन में हैं , तनावग्रस्त हैं , चिड़चिड़ापन लगता है , चिंताग्रस्त हैं , काम करते हुये जल्दी थक जाते हैं , याददाश्त कमजोर है , शारीरिक रूप से कमजोर है , आत्मविश्वास की कमी है , पाचन क्रिया कमजोर है ,जल्दी ही कोई बीमारी पकड़ लेती है तो भी परेशान ना हों। इसके लिये आपको किसी के पास भी जाने की जरूरत नहीं है। क्योंकि इन सबका हल आपके पास ही उपलब्ध है और वो है रोजाना कुछ समय के लिये व्यायाम करना।
: रक्तदान से मुझे मिलती है आत्मिक संतुष्टि - आरक्षक जयप्रकाश
Mon, Dec 5, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टजांजगीर चांपा - रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है , क्योंकि रक्त से किसी जरूरतमंद का जीवन बचाया जा सकता है। रक्तदान करने से हमे जहां हार्टअटैक जैसी बीमारियों का खतरा कम होता है , वहीं दूसरों को रक्त देकर उनका जीवन भी बचाया जा सकता है।लोगों पर आये संकट की घड़ी में सही समय पर नि: स्वार्थ भावना से रक्तदान करना भी एक प्रकार से देश सेवा ही है। इसलिये ज्यादा से ज्यादा लोग स्वेच्छा से रक्तदान कर जरुरतमंद लोगों की मदद करें।
उक्त बातें जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ आरक्षक जयप्रकाश राठौर (36 वर्षीय) ने दुरभाष के माध्यम से चर्चा करते हुये अरविन्द तिवारी से कहीं। उन्होंने बताया कि रक्तदान करने से मेरे मन में एक अलग सी सन्तुष्टि मिलती है और मेरे अंदर एक नये ऊर्जा का संचार होता है। उन्होंने आगे बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से किसी भी व्यक्ति को रक्तदान की आवश्यकता की जानकारी प्राप्त होने पर मेरे द्वारा रक्तदान किया जाता है। अब तक मेरे द्वारा जिला अस्पताल जांजगीर चांपा , अपोलो अस्पताल बिलासपुर , रामकृष्ण केयर रायपुर , महारानी अस्पताल जगदलपुर में बीस बार रक्तदान किया गया है। इसके अलावा भी उन्होंने इस बात पर विशेष जोर देते हुये कहा कि इसी तरह से मैं आजीवन जरूरतमंदों के लिये रक्तदान करता रहूंगा। रक्तदान करने से आने वाली मनगढंत भ्रांतियों के बारे में स्पष्ट करते हुये उन्होंने दावे के साथ कहा कि रक्तदान करने से हमारे शरीर में कभी भी कोई कमजोरी नही आती , बल्कि शरीर में नये रक्त का संचार होने से शरीर में आने वाली बीमारियों की सभावनायें कम होती हैं। उन्होंने कहा कि हमें यह समझने की जरुरत है कि रक्त हमारे स्वास्थ्य के लिये कितना महत्वपूर्ण है। जब व्यक्ति इस बात को समझ जाता है तो वह एक नहीं अनेकों बार रक्तदान करता है। इसका फायदा गिनाते हुये जयप्रकाश ने बताया कि रक्तदान का जितना फायदा जरुरतमंद को होता है। उससे कहीं ज्यादा लाभ रक्तदान करने वाले व्यक्ति को भी मिलता है। अत: हमें समय - समय पर रक्तदान करते रहना चाहिये।गौरतलब है कि जयप्रकाश राठौर पिता विजय कुमार राठौर (36 वर्षीय) मूलत: जांजगीर चांपा जिले के ही नवागढ़ थाना अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत सिऊंड़ (भैंसमुड़ी) के निवासी हैं। इन्होंने अपनी शिक्षा पूरी कर देश सेवा के लिये पुलिस का नौकरी चुना और वर्ष 2008 में भर्ती हुये। अपनी पुलिस की जिम्मेदारियों को बखूबी से निभाते हुये एक ओर जहां समाज में फैले विभिन्न भ्रांतियों के कारण आज भी युवा पीढ़ी रक्तदान से कतराती है। ऐसे माहौल में ये बरसों से स्वयं के खर्च पर अस्पताल पहुंचकर नि:स्वार्थ भाव से बेसहारों के लिये सहारा बनते हुये जरूरतमंदों को निर्बाध गति से रक्त देकर मिशाल कायम कर रहे हैं। तीन बहनों में इकलौते भाई होने कारण पारिवारिक दायित्वों के साथ - साथ अपनी नौकरी पर भी सामंजस्य निभाना इनको बखूबी से आता है। वरिष्ठ पत्रकारों के बीच मिलनसार और मृदुभाषी होने के चलते जेपी के नाम से जान पहचान बनाने वाले जयप्रकाश फिलहाल पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदस्थ होकर पुलिस मीडिया ग्रुप के माध्यम से जिले भर में पुलिस द्वारा किये जा रहे कार्यवाहियों को सारगर्भित शब्दों में और पुख्ता प्रमाण के साथ पत्रकारों तक सही समय में पहुंचाने में इनकी अहम भूमिका रहती है।