: विधि छात्रों को होना चाहिये न्याय का प्रतीक - सीजेआई रमना
Sun, Jul 31, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - इस देश के भविष्य को आकार देना आप पर है। आप जो लिख रहे हैं , नीतियां तैयार कर रहे हैं और जो दलीलें अदालत में दे रहें हैं उसका दूरगामी प्रभाव पड़ेगा। विधि छात्रों को सामाजिक न्याय का प्रतीक होना चाहिये। समाज के सबसे कमजोर लोग अक्सर राज्य या असामाजिक तत्वों द्वारा मानवाधिकारों के उल्लंघन के शिकार होते हैं। ऐसे में मैं आप सभी से अनुरोध करूंगा कि न्याय के लक्ष्यों को आगे बढ़ाने के लिये आपने विश्वविद्यालय में जो कौशल सीखा है, उसका उपयोग करें।
उक्त बातें भारत के मुख्य न्यायाधीश एन०वी०रमना ने बतौर मुख्य अतिथि आज छत्तीसगढ़ की राजधानी में हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू) के पांचवे दीक्षांत समारोह के दौरान स्नातक विद्यार्थियों को संबोधित करते हुये कही। उन्होंने कहा कि आज का दिन उनके लिये बहुत महत्वपूर्ण दिन है। युवा लगातार आज बेहतर कर रहे है। कड़ी मेहनत का और कोई विकल्प नहीं होता। आपके पास अभी आगे बेहतर करने का बहुत समय है। सभी क्षेत्रों में बेहतर करने आपके पास अवसर है। सामाजिक पारदर्शिता बहुत आवश्यक है। प्रत्येक व्यक्ति को न्याय पाने का अधिकार है। लोगों को उनका संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिये। विधिक कार्यवाही की रक्षा करना आपका कर्तव्य है। लोगों को उनका अधिकार बताना होगा। आपके पास एक विजन होना चाहिये और उसे पाने के लिये आप सभी के भीतर जोश और जज्बा होना चाहिये। भोजन , आवास , मूलभूत अधिकार लोगों को दिलाना प्राथमिकता होना चाहिये। वहीं उन्होंने छात्रों से कहा कि आप सभी इस देश के लिये अनमोल हैं और हम सभी को टेलेन्डेट माइन्ड्स को सही दिशा मे ले जाने की जरूरत है। इस दौरान सीजेआई रमना ने कहा मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि जितना संभव हो उतने निःस्वार्थ मामले उठायें , जैसे जस्टिस हिदायतुल्ला ने एक युवा बैरिस्टर के रूप में किया था। हिदायतुल्ला नेशनल लॉ युनिवर्सिटी की तारीफ करते हुए सीजेआई रमना ने कहा कि इसका नाम एक महान विधिवेत्ता के नाम पर रखा गया है , जिन्होंने अपना पूरा जीवन कानून के नाम पर समर्पित कर दिया था। चीफ जस्टिस ने छात्रों को बधाई देते हुये कहा कि ज्ञान और सूचना सबसे बड़े धरोहर है और इनका सही उपयोग करके ही हमें विकसित होते जाना है। सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस एनवी रमना ने छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की भी तारीफ की। उन्होंने समारोह को संबोधित करते हुये कहा कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में देश में छत्तीसगढ़ एक रोल माडल के रूप में स्थापित हो रहा है। मुख्यमंत्री को बधाई कि वो प्रदेश को एक नई दिशा की तरफ लेकर जा रहे हैं। मुख्य न्यायधीश रमना ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार ज्यूडिशियल कम्युनिटी के बजट और अधोसंरचना से जुड़ी सभी जरूरतों का पूरा ख्याल रख रही है। इस दौरान सीजेआई ने आशा जताई है कि ये ट्रेंड इसी तरह जारी रहेगा और छत्तीसगढ़ ज्यूडिशियरी को सर्वोत्तम अधोसंरचना उपलब्ध कराने में बेहतर राज्य बनकर उभरेगा। ऐसे में जस्टिस एनवी. रमना ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को छत्तीसगढ़ में विधिक शिक्षा के विकास में एक्टिव तरीके से मदद देने के लिये उन्हें बधाई दी। वहीं उन्होंने मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ की जनता को गुड गवर्नेंस प्रदान करने उनके द्वारा किये जा रहे प्रयासों के लिये शुभकामनायें भी दी। इस दौरान स्टूडेंंट्स ने मुख्य न्यायाधीश एन०वी० रमना के साथ सेल्फी भी ली। इस दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल सीजेआई एनवी रमना के साथ-साथ मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की। इसी कड़ी में विशिष्ट अतिथि सीएम बघेल ने हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के जर्नल लॉ एंड सोशल साइंस के छठें संस्करण का विमोचन करते हुये गोल्ड मेडलिस्ट छात्रो को उपाधि बांटी और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिये शुभकामनायें दीं। विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार इस दीक्षांत समारोह में बीए एलएलबी (ऑनर्स ) बैच 2015 से 2020 के 160 स्टूडेंट्स , बीए एलएलबी बैच 2016 -2021 के 147 स्टूडेंट्स , 2019-2020 एवं 2020-2021 के एलएलएम के 49 और पीएचडी के 04 छात्र छात्राओं सहित कुल 360 छात्रों को डिग्री दी गई। वहीं कुल 23 छात्रों को एचएनएलयू में अध्ययन में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया। इस दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस एस०अब्दुल नजीर ने की। वहीं दीक्षांत समारोह में सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस बी० वी० नागरत्ना , छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और हिदायतुल्ला नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कुलाधिपति अरूप कुमार गोस्वामी , आंध्रप्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस प्रशांत मिश्रा , छत्तीसगढ़ के कानून मंत्री मोहम्मद अकबर और आदिम जाति कल्याण विभाग के मंत्री डा प्रेमसाय सिंह टेकाम भी उपस्थित रहे। गौरतलब है कि सीजेआई एनवी रमना शनिवार शाम को रायपुर पहुंचे। मुख्य सचिव अमिताभ जैन ने स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर उनका स्वागत किया। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक अशोक जुनेजा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। सीएम भूपेश बघेल ने होटल बेबीलॉन केपिटल पहुंचकर सीजेआई एनवी रमना का स्वागत किया और सौजन्य मुलाकात की। सीएन ने उन्हें शॉल और प्रतीक चिन्ह भेंटकर स्वागत किया। इस मौके पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अरूप कुमार गोस्वामी , आंध्रप्रदेश के मुख्य न्यायाधीश प्रशांत कुमार मिश्रा , छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के समस्त न्यायाधीश एवं हिदायतुल्लाह नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर वीसी विवेकानंदन उपस्थित रहे। भारत के मुख्य न्यायाधीश एन०वी० रमना को राज्य अतिथि का दर्जा दिया गया। उनके दौरे को लेकर रायपुर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई।
: होमगार्ड लाईन में कैंसर निदान निःशुल्क चिकित्सा शिविर सम्पन्न
Sun, Jul 31, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टबिलासपुर - कुदुदण्ड स्थित होमगार्ड लाईन में रामकृष्ण केयर हॉस्पिटल रायपुर के कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ० सौरभ जैन के द्वारा अपने टीम के साथ कैंसर रोग निदान स्वास्थ्य शिविर का आयोजन एस०के०ठाकुर (डीआईजी) संचालक अग्निशमन आपातकालीन सेवायें के निर्देशन में डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेन्ट एवं अग्निशमन अधिकारी अशोक वर्मा के द्वारा आयोजित करवाया गया। इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेन्ट एवं अग्निशमन अधिकारी अशोक वर्मा ने अरविन्द तिवारी को बताया कि उक्त स्वास्थ्य शिविर कार्यक्रम में होमगार्ड / एसडीआरएफ / अग्निशमन / एसडीआरएफ परसदा / एनसीओ / एनसीओ रिफ्रेसर / सैनिक/ सैनिक रिफ्रेसर प्रशिक्षण के जवान एवं समस्त स्टॉफ तथा उनके परिवार के सदस्यों ने भी भाग लिया। उक्त कार्यक्रम के दौरान कार्यक्रम की रूपरेखा डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेन्ट एवं अग्निशमन अधिकारी अशोक वर्मा के द्वारा प्रस्तुत किया गया तथा कैंसर रोग के सम्बन्ध में सामान्य जानकारी जवानो को देने के पश्चात् डीआईजी एस० के० ठाकुर के द्वारा जवानों को कैंसर रोग के संबंध विस्तृत रूप से जानकारी तथा उससे होने वालीं समस्याओं के निदान के लिये रामकृष्ण केयर चिकित्सालय रायपुर से पहुंचे कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ० सौरभ जैन से सलाह लेने हेतु जवानों को मोटीवेट समझाईस दिया गया।तदुपरांत कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ० सौरभ जैन द्वारा जवानों को कैंसर रोग के सम्बन्ध में विस्तृत रूप से बताते हुये उसके लक्षणो के बारे में समझाईस दिया गया तथा उनके द्वारा बताया गया कि उक्त गंभीर बिमारी के प्रारंभिक क्रम में जानकारी होने पर ईलाज शुरू कर देने से बिमारी से छुटकारा पाया जा सकता है। इसके पश्चात जवानो द्वारा एवं उनके परिवारजनों द्वारा अपनी समस्या पृथक-पृथक से बताने पर चिकित्सक महोदय द्वारा जांच भी किया गया एवं उन्हें आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया एवं कोई समस्या होने पर तत्काल उनसे संपर्क करने हेतु निर्देशित किया गया।
: बालको महिला मंडल ने धूमधाम से आयोजित किया तीज महोत्सव
Sat, Jul 30, 2022
बालकोनगर, 30 जुलाई। बालको महिला मंडल ने तीज महोत्सव धूमधाम से आयोजित किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कोरबा कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा की धर्मपत्नी श्रीमती रंजना झा और कोरबा पुलिस अधीक्षक की धर्मपत्नी श्रीमती वंदना सिंह थीं। श्रीमती झा ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भरपूर लुत्फ उठाया। उन्होंने उत्कृष्ट आयोजन के लिए बालको महिला मंडल उपाध्यक्ष श्रीमती संगीता शर्मा एवं सदस्याओं की खूब प्रशंसा की।
बालको महिला मंडल उपाध्यक्ष श्रीमती संगीता शर्मा ने अतिथियों की अगवानी की। श्रीमती संगीता और श्रीमती सोनिया गुप्ता ने अतिथियों को पुष्पगुच्छ और स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया। श्रीमती झा और श्रीमती सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम की शुरूआत की। कार्यक्रम में अतिथियों ने झूला झूलने का आनंद उठाया। श्रीमती संगीता शर्मा ने अपने स्वागत उद्बोधन में बालको महिला मंडल के विभिन्न सामाजिक कार्यों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि महिला मंडल समय-समय पर महिलाओं और बच्चों के प्रतिभा विकास के लिए कार्यक्रमों का आयोजन करता है। बालकोनगर क्षेत्र के सांस्कृतिक उत्थान में महिला मंडल का महत्वपूर्ण योगदान है।श्रीमती रंजना झा ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि आयोजन अत्यंत मनोरंजक रहा। उन्होंने कहा कि बालको अपने सामुदायिक विकास कार्यों द्वारा स्थानीय क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दे रहा है। वही श्रीमती सिंह ने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बालको महिला मंडल की सदस्याओं ने उत्कृष्ट सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी।‘सावन क्वीन’ का चयन प्रमुख आकर्षण - सावन क्वीन का चयन अनेक चरणों में किया गया। प्रथम चरण में कैटवॉक का आयोजन किया गया। निर्णायकों ने प्रतिभागियों की वेशभूषा, श्रृंगार, प्रस्तुति आदि के आधार पर अंक दिए। बाह्य सुंदरता और प्रतिभा के मेल से व्यक्तित्व निखर उठता है, इस भावना से दूसरे चरण में प्रतिभागियों की प्रतिभा परखी गई। प्रत्येक प्रतिभागी को एक मिनट में विभिन्न विधाओं में प्रस्तुति के अवसर दिए गए। प्रतिभागियों ने केश सज्जा, नृत्य, मेहंदी, ड्रॉइंग, रंगोली, गायन आदि की प्रस्तुति दी। तीसरे चरण में प्रतिभागियों की वाक पटुता और सूझबूझ को परखा गया। निर्णायक मंडल ने एक ही सवाल सभी प्रतिभागियों से पूछे। प्रतिभागियों के उत्तर के आधार पर उन्हें अंक दिए गए। ‘सावन क्वीन’ के लिए तीन प्रतिभागियों जिसमें प्रथम शिपी अग्रवाल, द्वितीय ममता कटकवार और तृतीय स्थान के लिए सीमा साहू को विजेताओं को चुना गया।कार्यक्रम की शुरूआत में महिला मंडल की सदस्याओं ने नृत्य और मल्हार लोक गीत की बेहतरीन प्रस्तुति से सभी का दिल जीत लिया। विभिन्न स्टॉल, झूला और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सदस्याओं ने उत्कृष्ट भागीदारी की।कार्यक्रम के सफल आयोजन पर श्रीमती सिमरन कौर ने महिला मंडल की सभी सदस्याओं और मुख्य अतिथि के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि बालको महिला मंडल अपने सांस्कृतिक कार्यक्रम से बालकोनगर के उत्थान में महत्वपूर्ण योगदान निभा रहा है।