: डी.डी. एम . पब्लिक स्कूल के नवीनकृत किड्जी भवन का भव्य शुभारंभ
Sat, Jul 16, 2022
डी.डी. एम . पब्लिक स्कूल के नवीनकृत किड्जी भवन का भव्य शुभारंभ डी.डी.एम. पब्लिक स्कूल के नवीनकृत किड्जी भवन का भव्य शुभारंभ दिनांक 16/07/2022 को किया जा रहा है । जिसमें मुख्य अतिथि श्री जयसिंह अग्रवाल , राजस्व मंत्री छ.ग. शासन , विशिष्ट अतिथि के रूप श्री राजकिशोर प्रसाद , महापौर कोरबा , श्री श्याम सुंदर सोनी , सभापति न . पा . नि . कोरबा होंगे । ज्ञातव्य हो कि डी.डी. एम . पब्लिक स्कूल कोरबा में 2006 में संचालित किड्जी एक मात्र प्ले स्कूल था । विगत 16 वर्षो से किड्जी का संचालन निर्वाध गति से चल रहा है नौनिहालों की शिक्षा का शुभारंभ घरेलू परिवेश में करने के लिए विद्यालय परिवार कृत संकल्पित है । डी.डी.एम. पब्लिक स्कूल कोरबा में जी नेटवर्क द्वारा संचालित किड्जी नगर का प्रथम प्रतिष्ठत पूर्व प्राथमिक शिक्षण संस्था रहा है । जिसने पूर्व प्राथमिक शिक्षा में उच्च मापदण्डों को स्थापित करने में सफल रहा है । और आगे भी अभिभावकों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए 03 से 05 वर्ष के बच्चों की शिक्षा के लिए आधुनिक साज - सज्जा के साथ शिक्षा के उच्च गुणवत्ता हेतु प्रतिबद्ध है ।
: वेदांता स्किल स्कूल छत्तीसगढ़ के युवाओं को बना रहा आत्मनिर्भर
Fri, Jul 15, 2022
बालकोनगर 15 जुलाई 2022। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपने कौशल विकास केंद्रों के माध्यम से हजारों ग्रामीण युवाओं को सक्षम बना रही है, जिससे छत्तीसगढ़ में सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन हो रहा है। कुशल मानव संसाधन से किसी राष्ट्र के विकास यात्रा को गति मिलती है। विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्था में शामिल होने की भारत की आकांक्षाओं के लिए विकास की गति को बनाए रखने के लिए कुशल जनशक्ति की आवश्यकता है। विशेष रूप से कम सुविधा वाले ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में युवाओं के बीच रोजगार योग्य और उद्यमशीलता कौशल के विकास की आवश्यकता है।समाज को वापस देने का दृष्टिकोण ही बालको के सामुदायिक विकास की आधारशिला है। अपने प्रचालन से सामाजिक-आर्थिक सशक्तिकरण और स्थानीय समुदायों को सक्षम करने के प्रतिबद्धता के अनुरूप कौशल विकास के माध्यम से युवा को सशक्त बनाने हेतु बालको ने 2010 में कोरबा वेदांता स्किल स्कूल की स्थापना के लिए लर्नेट स्किल्स लिमिटेड के साथ भागीदारी की।वेदांता स्किल स्कूल प्रशिक्षण केंद्र में आतिथ्य उद्योग, वेल्डिंग, सिलाई मशीन ऑपरेटर, सोलर पीवी टेक्निशियन, इलेक्ट्रीशियन और फिटर के छह ट्रेडों में मुफ्त आवासीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। 45 से 65 दिनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के दिशानिर्देशों के अनुसार तैयार किया गया है। वेदांता स्किल स्कूल मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना (एमएमकेवीवाई), नाबार्ड, स्किल इंडिया इम्पैक्ट बॉन्ड (एसआईआईबी) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ सोलर एनर्जी (एनआईएसई) जैसी सरकारी योजनाओं के साथ मिलकर प्रशिक्षण दे रहा है। कोरबा में कौशल विद्यालय की सफलता के बाद क्रमशः वर्ष 2017 और 2018 में मैनपाट और कवर्धा में दो और केंद्र स्थापित हुए। इन केंद्रों से छत्तीसगढ़ के लगभग 10 हजार युवाओं को प्रशिक्षित किया जा चुका है तथा उन्हें देश भर के विभिन्न उद्योगों में रोजगार मिला है। युवाओं को प्रशिक्षण देने के अलावा, संस्थान इस क्षेत्र में रोजगार दर, जीवन की गुणवत्ता, असमानताओं को कम करने और जीवन के कई अन्य पहलुओं में सुधार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री अभिजीत पति ने कहा कि वेदांता में, सतत आजीविका विकास हमारे सामुदायिक विकास प्रयासों में प्रमुख स्तंभ है। वेदांता स्किल स्कूल के माध्यम से हमारा लक्ष्य स्थानीय युवाओं के बीच कौशल विकास के अवसरों को बढ़ावा देना है, जिससे उन्हें रोजगार योग्य कौशल सीखने के अवसर प्राप्त हों। देश के उत्तरोत्तर विकास में प्रशिक्षित युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण है। कंपनी समुदाय में प्रत्येक व्यक्ति को आत्मनिर्भर तथा सशक्त बनाने के लिए आवश्यक संसाधनों के साथ सक्षम बनाने में विश्वास करता है। हमारे विभिन्न सामुदायिक विकास कार्यक्रम उस दृष्टिकोण से जुड़े हुए हैं।होटल बेबीलोन इंटरनेशनल रायपुर के मानव संसाधन प्रबंधक संदीप कुमार राय ने बालको के कौशल विकास कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि हमारे संगठन में नियोजित उम्मीदवारों ने अनुकरणीय पेशेवर कौशल प्रदर्शित किया है। बालको की ओर से प्रारंभ यह केंद्र युवाओं को आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास और संबल देता है और उन्हें राष्ट्र निर्माण में योगदान करने में सक्षम बनाता है।पीजी इलेक्ट्रोप्लास्ट प्राइवेट लिमिटेड, पुणे में असेंबली फिटर के पद पर कार्यरत पूर्णेश दरवेश ने कहा कि कौशल स्कूल में दाखिला लेना मेरे जीवन के सबसे अच्छे फैसलों में से एक रहा है। मैं खाद्य और पेय कार्यक्रम में प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल हुआ था। अपने परिवार को आर्थिक रूप से सहायता देने और पिता के साथ जिम्मेदारियों को साझा करने पर गर्व है।यंग ब्रांड, तिरुपुर में सिलाई मशीन ऑपरेटर इंदु पकवासा ने बताया कि वेदांत स्किल स्कूल का छात्र होने के लिए भाग्यशाली महसूस करती हूं क्योंकि आत्म-निर्भरता की मेरी यात्रा में सहायक बन मेरे जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।पूर्व छात्रा संतोषी धुर्वे ने आभार जताते हुए कहा कि स्किल स्कूल ने उनके जीवन को नई दिशा दी है। आर्थिक रूप से परिवारजनों की मदद कर उन्हें गौरव की अनुभूति होती है। संस्थान ने आत्मनिर्भरता होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।बालको के लिए समुदायों का सामाजिक-आर्थिक विकास सर्वोपरि है। कंपनी शिक्षा, स्थायी आजीविका, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य संपदा, स्वच्छता, खेल, संस्कृति और बुनियादी जरूरतों के विकास में गहन हस्तक्षेप के माध्यम से सालाना लगभग 1.5 लाख लोगों के जीवन में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप रोजगार के अवसर प्रदान करती है। बालको के सामाजिक विकास प्रयास छत्तीसगढ़ के 4 जिलों को कवर करते हुए 123 गांवों तक पहुंचती है। कोरबा, कवर्धा, सरगुजा और रायपुर, और इसकी सीएसआर नीतियों और प्रणालियों को जमीन पर स्थायी प्रभाव देने के लिए तैयार और कार्यान्वित किया जाता है, जिससे इन समुदायों को राष्ट्र की प्रगति में एक समान भागीदार बनाया जाता है।
: बैगा की हत्या के आरोप में एक महिला सहित दस आरोपी जेल दाखिल
Tue, Jul 12, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टजांजगीर चांपा - चमत्कारी पारस पत्थर के लालच में आकर एक महिला सहित दस लोगों ने मिलकर एक बैगा की हत्या कर लाश को जंगल में दफना दिया। आरोपियों द्वारा अपराध में संलिप्तता स्वीकार करने तथा उनके विरुद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाये गये जाने पर पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया , जहां से सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सभाकक्ष में जांजगीर पुलिस ने मामले की खुलासा करते हुये मीडिया टीम को बताया कि गत नौ जुलाई को प्रार्थियां रामवती यादव निवासी मुनुन्द ने थाना जांजगीर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक आठ जुलाई को इसका पति बैगा का काम करने के लिये किसी के बुलाने पर गये थे उसके बाद से घर नहीं आने एवं रात करीबन बारह बजे अज्ञात लोगों के द्वारा घर का दरवाजा खटखटाने पर दरवाजा खोलने पर आरोपियों द्वारा प्रार्थिया के हाथ एवं मुंह मे कपड़ा बांधकर घर के अंदर घुसकर घर में रखे नकदी रकम 23000 रूपये , दो नग सोना का फुल्ली , एक चांदी का पायल , दो जोड़ी चांदी की बिछिया को चोरी कर ले गये साथ ही घर के पूजा स्थान के पास सब्बल से खुदाई भी किये किंतु कुछ नहीं मिलने पर वापस चले गये। प्रार्थिया की रिपोर्ट पर नौ जुलाई को थाना जांजगीर मे गुम इंसान तथा अपराध क्र 459/22 धारा 458, 457 ,380 भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान मुखबीर की सूचना के आधार पर संदेही टेकचंद जायसवाल , राजेश हरवंश से पूछताछ की गई। संदेहियों के द्वारा पुलिस को गुमराह किया जाता रहा किंतु तकनीकी टीम के द्वारा प्राप्त साक्ष्य , विवेचना क्रम में आये तथ्यों तथा गोपनीय सूचना के आधार पर इन दोनों आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ करने पर इनके द्वारा बताया गया कि बाबूलाल यादव के पास पारस पत्थर होने की जानकारी मिलने पर उससे पारस पत्थर प्राप्त करने के लिये अपने अन्य साथी रामनाथ श्रीवास , मनबोधन यादव , छवी प्रकाश , यासिन खान , खिलेश्वर पटेल , तेजराम पटेल , अंजू पटेल , सतीश केसकर एवं शांति कश्यप के साथ मिलकर योजना बनाकर बाबूलाल यादव को उसके घर से ईलाज के बहाने झाड़ फूक कराने के बहाने से उसे घर से बुलाकर अपने साथ खिसोरा पन्तोरा के कटरा के जंगल ले गये। जंगल में बाबूलाल यादव से पारसमणी पत्थर के बारे में पूछने पर उसके पास नहीं होना बताने पर बाबूलाल को जंगल मे बंधक बना लिये। मनबोधन अपने साथी छवीप्रकाश , यासिन शेख , खिलेश्वर राम पटेल , तेजराम पटेल , अंजू पटेल , सतीश केसकर के साथ मिलकर पारसमणी पत्थर को खोजने के लिये उसी रात करीबन बारह बजे बाबूलाल के घर ग्राम मुनुंद गये। जहॉ बाबूलाल की पत्नी श्रीमती रामवती यादव से घर का दरवाजा खुलवाकर उसके घर अंदर घुसकर उसके हाथ-मुंह को बांधकर पूरे घर में पारसमणी पत्थर की खोजबीन करने पर घर में नकदी रकम 23000 रूपये , एक जोडी चांदी की पायल , दो जोड़ी चांदी का बिछिया , दो नग नाक की फुल्ली मिलने पर उसे अपने साथ रख लिये। घर के भगवान वाला कमरा तथा अन्य स्थान को खोदकर पारसमणी पत्तथर की तलाश किये पारस नहीं मिलने पर रकम एवं सोने चांदी के सामान चोरी कर भाग गये। बाबूलाल के घर से पारस नहीं मिलने पर दिनांक आठ जुलाई को ही रात को वापस कटरा जंगल मे आकर राजेश हरवंश , मनबोधन यादव , छवीप्रकाश जायसवाल , यासिन खान , खिलेश्वर राम पटेल , तेजराम पटेल एवं अंजीव पटेल सभी मिलकर बाबूलाल यादव से पारसमणी पत्थर नहीं देने पर गुस्से में आकर सभी आरोपियों द्वारा उसके साथ हाथ-मुक्का एवं लाठी-डण्डा से मारपीट कर बाबूलाल की हत्या कर शव को वहीं फेंक कर चले गये थे। दूसरे दिन दिनांक नौ जुलाई को बाबूलाल के शव को छिपाने के उद्देश्य से कटरा के जंगल मे गड्ढा खेादकर गाड़ दिया गया। प्रकरण मे विवेचना के दौरान आरोपी राजेश हरवंश के मेमोरण्डम कथन एवं उसकी निशानदेही के आधार पर मृतक बाबूलाल यादव के शव को कटरा के जंगल से कार्यपालिक दण्डाधिकारी की उपस्थिति में विधिवत् उत्खनन कर बाहर निकालकर मृतक बाबूलाल यादव के शव का पंचनामा कार्यवाही किया गया। संदेहियों को हिरासत में लेकर आरोपियों के कब्जे से प्रार्थिया के घर से चुराये हुुये नकदी रकम 9000रूपये , एक जोड़ी चांदी का पायल , एक जोड़ी बिछिया एवं मृतक बाबूलाल को मारपीट करने के दौरान उपयोग हुआ लाठी डंडा तथा मृतक के शव को खेादकर गाड़ने के लिये उपयोग किये हुये फावड़ा , कुदारी , सब्बल , घटना में प्रयुक्त 03 मोटर सायकल , मृतक बाबूलाल का थैला , मोबाइल एवं अन्य सामान जिसको आरोपियों ने लेवई के जंगल मे जला दिये थे जिसके अधजले अवशेष को भी लेवई जंगल से बरामद किया गया है। प्रकरण में हत्या तथा डकैती की घटना के तत्व परिलक्षित होने पर आरोपियों के विरूद्ध प्रकरण में 395 , 302 , 201 , 120बी ,342 ,34 भादवि की धारा जोड़ी गई है।अपराधियों द्वारा अपराध में संलिप्तता स्वीकार करने तथा उनके विरूद्ध पर्याप्त साक्ष्य पाये जाने पर आरोपियों को विधिवत् गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया , जहां से सभी आरोपियों टेकचंद जायसवाल उम्र 49 वर्ष निवासी लोहराकोट थाना बाराद्वार , रामनाथ श्रीवास उम्र 52 वर्ष निवासी महमदपुर थाना अकलतरा , राजेश हरवंश उम्र 40 वर्ष निवासी बिरगहनी थाना बलौदा , मनबोधन यादव निवासी बिरगहनी थाना बलौदा , छवी प्रकाश जायसवाल उम्र 21 वर्ष निवासी लोहराकोट थाना बाराद्वार , यासिन खान उम्र 21 वर्ष निवासी रिसदी जिला कोरबा , खिलेश्वर राम पटेल उम्र 42 निवासी सिर्री थाना पामगढ हाल मुकाम हरदीबाजार जिला कोरबा , तेजराम पटेल उम्र 26 वर्ष निवासी बोइदा थाना पाली जिला कोरबा , अंजू कुमार पटेल उम्र 28 वर्ष निवासी कापूबहरा जिला कोरबा एवं शांति बाई यादव उम्र 22 वर्ष निवासी बिरगहनी थाना बलौदा को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। उक्त आरोपियों की गिरफ्तारी में निरीक्षक उमेश साहू , निरीक्षक विवेक पाण्डेय , उनि कामिल हक , उनि अवनीश श्रीवास , उनि सुरेश धु्रव , सउनि सतोष तिवारी , प्रधान आरक्षक राजकुमार चन्द्रा , मनोज तिग्गा , यशवंत राठौर , मुकेश यादव , मोहन साहू , जगदीश अजय , आरक्षक मनीष राजपूत , दिलीप सिंह , प्रतीक सिह , साईबर सेल टीम थाना बलौदा तथा थाना सारागांव स्टाप की महत्वपूर्ण भुमिका रही।