: नवनिर्मित पीएम म्यूजियम भविष्य का ऊर्जा केन्द्र - पीएम मोदी
Fri, Apr 15, 2022
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
नई दिल्ली - देश आज जिस ऊंचाई पर है , वहां तक पहुंचाने में प्रत्येक सरकार का योगदान है। हर प्रधानमंत्रियों ने चुनौतियों का सामना करते हुये देश को आगे ले जाने की कोशिश की है। हमारी युवा वर्ग और भावी पीढ़ी प्रधानमंत्रियों के बारे में जानेगी तो उन्हें प्रेरणा मिलेगी। यह नवनिर्मित पीएम म्यूजियम भविष्य का उर्जा केंद्र बनेगा। यहां आने वाले लोग देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान से रूबरू होंगे , उनके संघर्ष जीवन को जानेंगे। यह संग्रहालय आजादी के बाद देश के प्रत्येक प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि है , चाहे उनका कार्यकाल जो भी रहा हो और चाहे उनकी जो भी विचारधारा रही हो। इस संग्रहालय का उद्देश्य युवा पीढ़ी को नेतृत्व , दूरदृष्टि और देश के सभी प्रधानमंत्रियों की उपलब्धियों के बारे में संवेदनशील बनाना और प्रेरित करना है।
उक्त बातें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज अंबेडकर जयंती के मौके पर आजादी के बाद से देश के प्रधानमंत्रियों को समर्पित प्रधानमंत्री संग्रहालय के उद्घाटन पश्चात लोगों को संबोधित करते हुये कही। उन्होंने कहा कि पीएम म्यूजियम देश को समर्पित करना मेरे लिये सौभाग्य की बात है। भारत आज जहां हैं , वहां तक उसे पहुंचाने में सभी सरकार का योगदान है। देश के हर प्रधानमंत्री ने अपने समय की अलग अलग चुनौतियों को पार करते हुये देश को आगे ले जाने की कोशिश की। मैंने लाल किले से भी ये बात कई बार दोहराई है। आज ये संग्रहालय भी प्रत्येक सरकार की साझा विरासत का जीवंत प्रतिबिंब बन गया है। देश के हर प्रधानमंत्री ने संविधान सम्मत लोकतंत्र के लक्ष्यों की पूर्ति में भरसक योगदान दिया है। उन्हें स्मरण करना स्वतंत्र भारत की यात्रा को जानना है। यहां आने वाले लोग देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान से रूबरू होंगे , उनके संघर्ष-सृजन को जानेंगे।प्रधानमंत्री संग्रहालय में जितना अतीत है , उतना ही भविष्य भी है। यह संग्रहालय देश के लोगों को बीते समय की यात्रा करवाते हुये नई दिशा-नये रूप में भारत की विकास यात्रा पर ले जायेगा। पीएम ने कहा ऐसे समय में जब देश अपनी आजादी के 75 वर्ष का पर्व , आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है। तब यह म्यूजियम एक भव्य प्रेरणा बनकर आया है। इन 75 वर्षों में देश ने अनेक गौरवमय पल देखे हैं। इतिहास के झरोखे में इन पलों का जो महत्व है , वो अतुलनीय है। आजादी का ये अमृतकाल देश के लिये अहम है। मुझे विश्वास है कि नवनिर्मित पीएम म्यूजियम भविष्य का उर्जा केंद्र बनेगा। उन्होंने कहा अलग-अलग दौर में क्या चुनौतियां रही और कैसे इससे निपटा गया ? भावी पीढ़ी के लिये ये प्रेरणा बनेगा। प्रधानमंत्रियों से संबंधित वस्तुयें यहां रखी गई है। सार्वजनिक जीवन में जो लोग उच्च पदों पर रहते हैं , उनके जीवन पर नजर डालते हैं तो ये एक तरह से इतिहास का अवलोकन करना होता है , उनके फैसले बहुत कुछ सिखाते हैं। इस म्यूजियम से स्वतंत्र भारत का इतिहास जाना जा सकेगा। देश के हर प्रधानमंत्री ने संविधान की पूर्ति में अपना योगदान दिया है। यहां आने वाले लोग देश के पूर्व प्रधानमंत्रियों के योगदान से रूबरू होंगे , उनके संघर्ष जीवन को जानेंगे। भावी पीढ़ी को सीख मिलेगी कि किस किस पृष्ठभूमि से आकर प्रधानमंत्री बनते रहे ? पीएम मोदी ने कहा हमारे बहुत से प्रधानमंत्री साधारण परिवार से आते हैं। गरीब परिवार , किसान परिवार से आकर प्रधानमंत्री बनना देश के युवाओं और देश को विश्वास देता है कि सामान्य परिवार में जन्म लेने वाला व्यक्ति भी शीर्ष स्तर तक पहुंच सकता है। इस म्यूजियम में जितना अतीत है , उतना ही भविष्य भी है। इस म्यूजियम में 40 से अधिक गैलरी है और करीब 04 हजार लोगों के एक साथ घूमने की व्यवस्था है। तेजी से बदल रहे भारत की तस्वीर ये म्यूजियम दुनियां को दिखायेगा , यह ऐसा अनुभव देगा कि वाकई में हम उसी दौर में जी रहे हैं और उनसे संवाद कर रहे हैं। इस म्यूजियम में युवाओं को लाने के लिये प्रोत्साहित करना चाहिये। युवा सक्षम हैं और उनमें देश को ऊंचाईयों तक ले जाने की क्षमता है। ये भारत को जितना अधिक जानेंगे , समझेंगे वे उचित फैसला लेने में सक्षम होंगे। यहां युवाओं को जो जानकारी मिलेगी , जो तथ्य देखेंगे उनसे वे भविष्य में निर्णय लेने में मदद ले सकेंगे। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा भारत लोकतंत्र की जननी है। भारत के लोकतंत्र की बड़ी विशेषता ये भी है कि समय के साथ इसमें बदलाव आता रहा है. लोकतंत्र को और आधुनिक बनाने का प्रयास हुआ है। समय के साथ जिस तरह कई बार समाज में कई कमियां रह जाती हैं, वैसे ही लोकतंत्र के सामने भी चुनौतियां आती रही है। इसे दूर करना भारतीय लोकतंत्र की खूबी है। सभी ने इसमें योगदान दिया है। आज जो भी चुनौतियां लोकतंत्र के सामने हैं , उन्हें दूर करते हुये हम आगे बढ़ें , ये लोकतंत्र की हमसे अपेक्षा है। हमारे भारत में विभिन्न विचारों और परंपराओं का समावेश होता रहा है। लोकतंत्र सिखाता है कि कोई एक विचार ही उत्तम हो , ये जरूरी नहीं है। हमारा लोकतंत्र हमें प्रेरणा देता है , नवीनता को स्वीकारने की। पीएम मोदी ने कहा कि ये हमारी सरकार का सौभाग्य है कि दिल्ली में हमने बाबा साहेब की महापरिनिर्वाण स्थली , अलीपुर रोड पर बाबा साहेब मेमोरियल का निर्माण करवाया। बाबा साहेब के जो पंच तीर्थ विकसित किये गये हैं, वो सामाजिक न्याय और अटूट राष्ट्र निष्ठा के लिये प्रेरणा के केंद्र हैं। ये म्यूजियम भी प्रधानमंत्रियों के विरासत को प्रदर्शित करके उत्सव मनाता है। पीएम ने कहा इस नये संग्रहालय में नया लोगो दिखेगा। यह भारत के लोगों के हाथों को एक चक्र पकड़े हुये दिखाता है , जो राष्ट्र और उसके जीवंत लोकतंत्र का प्रतीक है। भारत के इतिहास के महानता से , भारत के समृद्धि काल से सभी परिचित रहे हैं। हम भारत के विरासत और वर्तमान से विश्व में सही रूप से परिचित हो , ये जरूरी है। विश्व भारत को आशा और विश्वास की नजरों से देख रहा है , भारत को इसके लिये प्रयास बढ़ाने होंगे। ये म्यूजियम हमारे भीतर भारत के लिये बड़े संकल्पों का बीज बोने का सामर्थ्य रखता है। भारत के भविष्य को बनाने वाले युवाओं में कुछ कर गुजरने का भाव पैदा करेगा।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज दिल्ली के तीन मूर्ति भवन में प्रधानमंत्री संग्रहालय का उद्घाटन किया। उद्घाटन के बाद उन्होंने सबसे पहले टिकट खरीदकर मुआयना करने के बाद अपना संबोधन दिया।प्रधानमंत्री संग्रहालय में देश के अब तक के सभी प्रधानमंत्रियों के कार्यों का प्रदर्शन होगा। पहले इसे नेहरू संग्रहालय भवन के नाम से जाना जाता था। बताते चलें पिछले माह पीएम मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में नेहरू संग्रहालय को पीएम म्यूजियम में तब्दील करने का फैसला किया गया था। इस संग्रहालय में महत्वपूर्ण पत्राचार , कुछ व्यक्तिगत वस्तुओं , उपहार और यादगार वस्तुयें , सम्मान , पदक , स्मारक टिकट , सिक्के आदि भी प्रदर्शित किये गये हैं। दूरदर्शन , फिल्म डिवीजन , संसद टीवी , रक्षा मंत्रालय , मीडिया हाउस (भारतीय और विदेशी) , प्रिंट मीडिया , विदेशी समाचार एजेंसियों , विदेश मंत्रालय आदि संस्थानों के माध्यम से इन सबकी जानकारी एकत्र की गई है। वहीं प्रदर्शनी को अत्यधिक इंटरैक्टिव बनाने के लिये होलोग्राम, वर्चुअल रियलिटी, ऑगमेंटेड रियलिटी, मल्टी-टच, मल्टी-मीडिया, इंटरेक्टिव कियोस्क, कम्प्यूटरीकृत काइनेटिक मूर्तियां, स्मार्टफोन एप्लिकेशन, इंटरेक्टिव स्क्रीन आदि लगायी गई हैं। इस प्रधानमंत्री संग्रहालय टिकट की कीमत ऑनलाइन खरीदने पर 100 रुपये और ऑफलाइन खरीदने पर 110 रुपये है , वहीं विदेशी नागरिकों के लिये 750 रुपये रखी गई है। इस संग्रहालय में लोग टिकट कटाकर प्रवेश कर सकेंगे। प्रधानमंत्रियों के बारे में जानने के अलावा लोगों को यहां फोटो खिंचवाने के अवसर भी मिलेंगे। आप भी अपनी पसंद के पूर्व या मौजूदा प्रधानमंत्री के साथ वर्चुअल तकनीक से तस्वीर खिंचवा सकेंगे।
: बालको अस्पताल में सर्वाइकल स्पाइन की जटिल सर्जरी संपन्न
Tue, Apr 12, 2022
बालकोनगर, 12 अप्रैल। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) के अस्पताल में गर्दन की हड्डी (सर्वाइकल स्पाइन) की जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक संपन्न हुई। बालको अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. विवेक सिन्हा और उनकी टीम ने पहली बार बालको अस्पताल में हुई इस महत्वपूर्ण सर्जरी के जरिए आईटीआई रामपुर निवासी 40 वर्षीय महिला के हाथों में आई संवेदनहीनता की स्थिति को दूर करने में कामयाबी पाई। ऑपरेशन के बाद मरीज बालको अस्पताल में स्वास्थ्य लाभ ले रही हैं। उनके परिवारजनों ने बालको अस्पताल की सुविधाओं और चिकित्सकों व चिकित्साकर्मियों के व्यवहार की दिल खोलकर प्रशंसा की है।डॉ. सिन्हा ने बताया कि मरीज अपने घर में सीढ़ी से फिसलकर घायल हो गई थीं। परिवारजनों ने प्राथमिक चिकित्सा के बाद स्थिति में सुधार न होते देख कोरबा के न्यूरोसर्जन डॉ. प्रदीप त्रिपाठी से संपर्क किया। विस्तृत जांच और मरीज की जटिल स्थिति देखकर डॉ. त्रिपाठी ने उन्हें बालको अस्पताल रेफर कर दिया। बालको अस्पताल में हुए परीक्षणों में यह पाया गया कि गर्दन की हड्डियों सी5-सी6 में लिसथिसिस और सी6-सी7 में डिस्क प्रोलैप्स की समस्या उत्पन्न हो गई थी। मरीज के स्पाइनल कॉर्ड में दबाव से हाथों के संचालन पर विपरीत प्रभाव पड़ा। यह स्थिति भी आई कि मरीज के हाथों की संवेदना लगभग समाप्त हो गई। वह मुट्ठी बांधने, चीजों को पकड़ने और रोजमर्रा के अन्य कार्य करने में असमर्थ हो गईं।न्यूरोसर्जन डॉ. त्रिपाठी के सहयोग से बालको अस्पताल में लगभग 4 घंटे की सर्जरी की गई। इस दौरान इलियक क्रेस्ट बोन ग्राफ्टिंग यानी कुल्हे की हड्डी को सही आकार देकर गर्दन की क्षतिग्रस्त हड्डी के स्थान पर लगाया गया। इसके साथ ही टाइटेनियम स्पेसर की मदद से डिस्क प्रोलैप्स की स्थिति को ठीक किया गया। डॉ. सिन्हा ने बताया कि बालको अस्पताल में पहली बार हुई यह सर्जरी 100 फीसदी सफल रही। ऑपरेशन के बाद अब मरीज अपने हाथों का संचालन ठीक से कर पा रही हैं। डॉ. सिन्हा ने यह भी बताया कि बालको अस्पताल में ट्रॉमा सर्जरी के अलावा अब घुटना प्रत्यारोपण, कुल्हे के प्रत्यारोपण आदि के साथ मेरूदंड से संबंधित सर्जरी किए जा रहे हैं जिससे बड़ी संख्या में जरूरतमंदों को लाभ मिल रहा है।मरीज के परिवारजनों ने बताया कि बालको अस्पताल की सुविधाएं उत्कृष्ट हैं। ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति में तेजी से सुधार आ रहा है। अस्पताल के चिकित्सकों और चिकित्साकर्मियों का व्यवहार मरीजों और उनके परिवारजनांे के प्रति बेहतरीन है। बालको अस्पताल की सेवाओं से वह और उनके परिवारजन पूरी तरह संतुष्ट हैं।इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री अभिजीत पति ने बालको अस्पताल की टीम को बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि बालको अस्पताल साढ़े चार दशकों से ऐसे स्वास्थ्य केंद्र के रूप में काम कर रहा है जहां क्षेत्रीय नागरिकों के लिए विभिन्न विशेषज्ञ सेवाएं मौजूद हैं। बालको कर्मचारियों और उनके परिवारजनों के अलावा अन्य स्थानीय नागरिकों को भी उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाएं दी जाती हैं। श्री पति ने कहा कि बालको अस्पताल के जरिए क्षेत्र के जरूरतमंदों को हरसंभव चिकित्सा सुविधाएं देने के प्रति बालको प्रबंधन कटिबद्ध है।
बालको अस्पताल पर एक नजर: बालको के 75 बिस्तरों के सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल ने अपने विशेषज्ञ चिकित्सकों की मदद से बालको अधिकारियों, कर्मचारियों, उनके परिवारजनों, ठेकाश्रमिकों और स्थानीय नागरिकों की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों की पूर्ति पूरी दक्षता से की है। यहां पांच बिस्तरों वाला गहन चिकित्सा कक्ष मौजूद है जहां गंभीर रूप से पीड़ित मरीजों का इलाज एमडी मेडिसिन की देखरेख में किया जाता है। 10 विशेषज्ञ चिकित्सक, आठ चिकित्सा अधिकारी, दो फिजियोथैरेपिस्ट, एक दंत चिकित्सक के अलावा 27 नर्सों और 80 सहायक कर्मचारियों के साथ बालको अस्पताल उच्च गुणवत्ता की चिकित्सा सेवाओं के प्रति कटिबद्ध है। हृदय, मूत्र, और मेरूदंड संबंधी बीमारियों के विशेषज्ञ नियमित रूप से दौरे पर आते हैं। चिकित्सा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रबंधन एवं गुणवत्ता के लिए बालको अस्पताल को आई.एस.ओ. 9001-2015 प्रमाणपत्र मिल चुका है।भारत सरकार की आयुष्मान योजना के अंतर्गत अस्पताल में जरूरतमंदों को आर्थोपेडिक्स, ई.एन.टी., सामान्य सर्जरी आदि की सुविधाएं दी जाती हैं। ओपन एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जरी किए जा जाते हैं। सामान्य व सिजेरिएयन प्रसव तथा स्त्री रोग संबंधी अनेक सेवाएं अस्पताल में उपलब्ध हैं। शुरूआती अवस्था में ही बीमारी की पहचान के लिए समय-समय पर शिविर आयोजित किए जाते हैं। एंटीनेटल शिविर, कैंसर जागरूकता शिविर, अस्थि घनत्व मापन शिविर आदि के जरिए नागरिकों को बीमारियों के लक्षणों और उसकी चिकित्सा पद्धतियों से अवगत कराया जाता है। राष्ट्रीय पल्स पोलियो टीकाकरण अभियान के साथ ही सरकार द्वारा निर्धारित समस्त टीकाकरण कार्यक्रमों का अनुसरण बालको अस्पताल में किया जाता है।
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: रेडी टू ईट निर्माण कर्ता बहनों को नेताप्रतिपक्ष एवं महिला मोर्चा का समर्थन
Tue, Apr 12, 2022
छत्तीसगढ़ प्रदेश में स्व सहायता समूह की बहनों से रेडी टू ईट योजना का कार्य छीन कर मशीनीकरण करने के विरोध में माननीय उच्च न्यायालय मैं उन्होंने आवेदन लगाया माननीय उच्च न्यायालय द्वारा प्रकरण में स्टे देने के उपरांत भी स्व सहायता समूह की बहनों को कार्य पूर्व की भांति संचालित नहीं करने दिया जा रहा है जिसके कारण प्रदेश की 20 हजार महिलाओं की आर्थिक स्थिति डगमगा गई है ।कोरबा जिले में भी 91 स्व सहायता समूह जिसमें लगभग 1000 बहने हैं जो इस कार्य मे लगी थी उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो रही है साथ ही आंगनबाड़ी में रेडी टू इट आहार समय पर नही पहुँच रहा उक्त विषय के विरोध में बहनों के द्वारा साकेत भवन के सामने एक दिवसीय धरना देकर जिलाधीश महोदया को ज्ञापन सौंपा गया उक्त कार्यक्रम को समर्थन देने नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल, महिला मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य मंजू सिंह ,कोसाबाड़ी मंडल महामंत्री सुमन सोनी, दीदी हारबाई के साथ शामिल हुए।