: आईजी डा० संजीव शुक्ला ने की दोषमुक्त प्रकरणों की समीक्षा
Thu, Apr 4, 2024
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टबिलासपुर - डॉ. संजीव शुक्ला भापुसे पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज द्वारा आज बिलासपुर रेंज के जिलों में माह जनवरी, 2024 के दोषमुक्त प्रकरणों की समीक्षा की गई। समीक्षा में जिला बिलासपुर के 211, रायगढ़ के 153, कोरबा के 155, जांजगीर-चांपा के 88, मुंगेली के 63, गौ.पे.म. के 35, सारंगढ़-बिलाईगढ़ के 134, सक्ती के 102 कुल 941 प्रकरणों की समीक्षा की गई। इनमें सत्र प्रकरण के 110 तथा अन्य न्यायालयों के 831 प्रकरण रहे।उपरोक्त 941 प्रकरणों में पीड़ित पक्षद्रोही होने से कुल 56, गुण-दोष के आधार पर 52 प्रकरणों में अपराधी दोषमुक्त होना पाया गया। विवेचक की त्रुटि से दोषमुक्त हुए 05 प्रकरणों में रायगढ़ व मुंगेली के क्रमशः 02-02, कोरबा के 01 प्रकरण पाये गये। इसमें संबंधित पुलिस अधीक्षकों को विवेचकों की जिम्मेदारी निर्धारित करते हुये आश्यक कार्यवाही करने निर्देश दिये गये। पुलिस महानिरीक्षक श्री शुक्ला द्वारा पाक्सो एक्ट में विवेचकों के गंभीरता से विवेचना करने हेतु निर्देशित किया गया है। साईबर टीप लाईन से प्राप्त प्रकरणों की जॉच कर विधिवत कार्यवाही अमल में लाने कहा गया। एनडीपीएस. एक्ट की विवेचना के दौरान आज्ञापक आदेशों का पालन किये जाने निर्देश दिये गये। साथ ही पूर्व में दोषमुक्त प्रकरणों की गई समीक्षा के दौरान पाये गये इंगित त्रुटियों पर कार्यवाही अविलंब करने हेतु निर्देशित किया गया।उपरोक्त समीक्षा बैठक में समिति के सदस्य के रूप में विवेक शुक्ला पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा, श्रीमती मधुलिका सिंह अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, कार्यालय पु.म.नि. रेंज बिलासपुर एवं श्यामलाल पटेल, उप संचालक अभियोजन जांजगीर-चांपा शामिल रहे।
: गौ सेवा गतिविधि की टीम कटघोरा उपजेल में गौशाला की मांग लेकर सहायक जेल अधीक्षक को सौंपे ज्ञापन
Thu, Apr 4, 2024
आज पूरे देश में संघ की गौ सेवा गतिविधि की टीम गौ संरक्षण विषय को लेकर संगठनात्मक तौर पर काम कर कर रही है। जिले के सभी विकासखण्डों, शहरों,व गाँवो में जागरूकता लाने का प्रयास कर रही है। कोई भी गौवंश बूचड़खाने में न कटे, सडकों पर न घूमे। इस दिशा में गौ सेवा गतिविधि की टीम पूरे देश में लगातार काम कर रही है। *गौवंशों के संरक्षण के विषय में गौ सेवा गतिविधि में यह बात भी कही गयी है कि "जेलों में सडकों पर घूम रही निराश्रित गौवंशों की व्यवस्था हेतु गौशाला निर्माण होने चाहिये*" । *जहां कैदियों द्वारा संरक्षण व गौ उत्पादों का निर्माण होगा, साथ ही कैदियों की पंचगव्य द्वारा चिकित्सा होगी* ।
*इसी क्रम में जिला कोरबा गौ सेवा गतिविधि की टीम आज दिनांक 3 अप्रेल को सहायक जेल अधीक्षक सुश्री सीमा उरांव को मिलकर ज्ञापन सौंपे।* *मेडम के निर्देशन में जेल के संबंधित स्टाफ द्वारा जेल के बाहरी परिसर में गौशाला हेतु जमीन का भ्रमण कराये गये।*
*ज्ञापन के दौरान जिला संयोजक लालिमा जायसवाल,सह संयोजक संध्या भारद्वाज, कटघोरा खण्ड संयोजक महेंद्र सिंह राजपूत, प्रशिक्षण प्रमुख विनोद देवांगन के साथ भाजपा नेत्री स्नेह लता पटेल, शांत कुमार गभेल,सन्तोष पासवान, मनोज नापित व अन्य सद्स्य भी उपस्थित रहे।*
: एटक का 50 वां वार्षिक सम्मेलन एटक कार्यालय बालको में संपन्न
Tue, Apr 2, 2024
पूर्व में लिए गए निर्णय अनुसार एल्युमिनियम एम्पलाइज यूनियन जो राष्ट्रीय ट्रेड यूनियन *ऑल इंडिया ट्रेड यूनियन कांग्रेस (एटक)* से संबध्द है का 50 वां वार्षिक सम्मेलन दिनांक 31/3/2024 एटक कार्यालय बालकों में संपन्न हुआ सर्वप्रथम छत्तीसगढ़ राज्य एटक के महासचिव द्वारा झंडा तोलन किया गया उसके बाद शहीदों को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी गई श्रद्धांजलि देने उपरांत इंकलाब जिंदाबाद मजदूर एकता जिंदाबाद के नारे लगाए गए मुख्य वक्ता के रूप में चांपा से एटक के वरिष्ठ नेता काॅ महेश बनाफर आए हुए थे सर्वप्रथम अध्यक्ष मंडली की घोषणा की गई जिसमें कामरेड महेश बनाफर कामरेड हरिनाथ सिंह जी कामरेड एम एल रजक जी काॅमरेड एसके सिंह अध्यक्ष मंडली में शामिल थे इसके बाद स्वागत समारोह का कार्यक्रम हुआ उसके बाद एल्युमिनियम एम्पलाइज यूनियन (एटक) के महासचिव के द्वारा वर्ष 2023 का रिपोर्ट पेश किया गया और उस रिपोर्ट में 10 मुद्दों को लेकर आंदोलन करने की भी बात कही गई है बालको एटक के महासचिव सुनील सिंह ने कहा कि एल्युमिनियम एम्पलाइज यूनियन का 50 वां वार्षिक सम्मेलन के साथ-साथ इस यूनियन का 50 वर्षगांठ भी है सभी साथियों को बधाई देते हुए एटक को मजबूत करने को कहा ।
बालको एटक के महासचिव सुनील सिंह के द्वारा पेश किए गए रिपोर्ट का सभी साथियों ने समर्थन किया और कहा कि बालको कारखाना में आज ठेका श्रमिकों को जो भी वेतन सुविधा मिल रही हैं वह सभी एटक यूनियन की देन है और सभी ने एटक को मजबूत करने के लिए कहा।
छत्तीसगढ़ राज्य एटक के महासचिव कामरेड हरिनाथ सिंह जी ने रिपोर्ट का समर्थन करते हुए कहा की मजदूर और किसानों पर सबसे ज्यादा हमले शोषण केंद्र सरकार के द्वारा किए जा रहे हैं केंद्र सरकार ने बहुत सारे वादे किए हैं लेकिन 10 साल पूर्ण होने के बाद भी उन वादों पर खरा नहीं उतरा, केंद्र सरकार ईडी और सीबीआई का सहारा लेकर विपक्षी पार्टियों के नेताओं पर झूठे केस में फंसा कर जेल में डलवाया जा रहा है ऐसी सरकार को आने वाले लोकसभा चुनाव में हमें सत्ता से उखाड़ फेंकना है साथियों बालको कारखाना में मजदूरों का भी बहुत ही ज्यादा शोषण हो रहा है यह आज किसी से छुपा नहीं बालकों में बहुत सारी ट्रेड यूनियन है लेकिन किसी के द्वारा कुछ बोला नहीं जा रहा है बाल्को के ठेका श्रमिकों को जो सुविधाएं मिल रही है उनको लड़कर दिलवाया गया था लेकिन आज यह सारी सुविधाएं धीरे-धीरे प्रबंधन के द्वारा छिनते चले जा रहे हैं इस पर हमको गहन चिंतन करना होगा नहीं तो आने वाले समय में बालकों की मजदूरों पर बहुत बड़ा खतरा आने वाला है।
सभी के उद्बोधन के बाद अध्यक्ष मंडली के द्वारा नई कार्यकारिणी की घोषणा की गई जिसमें अध्यक्ष एसके सिंह, कार्यकारी अध्यक्ष एमएल रजक, उपाध्यक्ष श्री हरिनाथ सिंह, धर्मेंद्र तिवारी ,रामायण यादव, संतोषी बरेठ, महासचिव सुनील सिंह, सहायक महासचिव जी नरसिम्हा राव, धर्मेंद्र सिंह ,सचिव:- मनीष नाग, अविनाश सिंह ,अभिषेक मिश्रा, पीके वर्मा ,संगठन मंत्री:- अनूप सिंह ,कोषाध्यक्ष ताराचंद कश्यप, स्थाई आमंत्रित सदस्य में आलेख मलिक, लल्लू राव ,डी श्रीनिवास, अजय यादव, धर्मेंद्र शाह, फुलेंद्र पासवान, विजय लक्ष्मी चौहान एवं इनके अलावा 101 की कार्यकारिणी सर्वसम्मति से चुने गए हैं इस सम्मेलन में सैकड़ो लोग उपस्थित हुए थे
प्रस्ताव पारित किया गया है कि निम्न बिंदुओं को लेकर आंदोलन किया जाएगा
1) बाहरी भर्ती बंद कर बालको कारखाना के आसपास की श्रमिक बस्तियों के बेरोजगार महिला पुरुषों को संयंत्र विस्तार व ऑपरेशन में भर्ती में प्राथमिकता दी जाए।
2) बालकों में बीएससी बीकॉम की सीधी भर्ती कर मेन पावर दुरुस्त किया जाए।
3) ठेका कर्मचारियों का जनरल प्रमोशन या टाइम बांड प्रमोशन किया जाए।
4) बालकों में कार्यरत ठेका कर्मचारियों को प्रोडक्शन इंसेंटिव दिया जाए।
5) जिन ठेका कर्मचारियों को अप्रैल 2022 में हुए एलटीएस में शामिल किया गया है उनको अभिलंब कैटेगरी दिया जाए।
6) स्थायी एवं अस्थायी रूप से काम कर रहे ठेका कर्मचारियों को कैंटीन भत्ता दिया जाए।
7) बालकों में कार्यरत ठेका कर्मचारियों को टाउनशिप में एक न्यूनतम किराए पर आवास आवंटित किया जाए।
8) फिक्स्ड टर्म एम्पलाॅयमेंट खत्म किया जाए।
9) अप ठेका (sub contractor) प्रथा खत्म किया जाए
10) जो ठेका कर्मचारी नियमित प्रवृत्ति के काम पर लगे हुए हैं उनको बालको में नियमित किया जाए।