: विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस पर बालको ने आयोजित किया जागरूकता कार्यक्रम
Tue, May 31, 2022
बालकोनगर 31 मई, 2022। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने समुदायों के बीच माहवारी स्वच्छता संबंधी जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से दीवार पेंटिंग, जागरूकता रैलियां, नारा लेखन और पोस्टर बनाने जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन करके माहवारी स्वच्छता सप्ताह मनाया। बालको ने विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर लगभग 500 लोगों की उपस्थिति में एक ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान 'सारिका- दोंदरो की नई किरण' एक शॉर्ट फिल्म भी लॉन्च की गई, जिसका उद्देश्य माहवारी के दौरान स्वच्छ प्रथाओं पर महिलाओं और किशोरियों को प्रोत्साहित करना था। यह फिल्म माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता प्रबंधन पर बालको की प्रमुख परियोजना नई किरण के सफर को दिखाती है।
बालको ने वर्ष 2019 से सार्थक जन विकास संस्थान के सहयोग से कोरबा जिले के गांवों एवं नगर पालिका निगम क्षेत्रों में माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता परियोजना लागू की, जो अब लगभग 45 गांवों तक पहुंच चुकी है। परियोजना को व्यापक बनाने के उद्देश्य से बीते वर्ष जिला स्तर पर कैपेसिटी बिल्डिंग वर्कशॉप सत्र आयोजित किए गए, जिसमें 60-60 की संख्या में लीडर्स समूह- किशोरी बालिकाएं, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और फ्रंटलाइन कार्यकर्ता शामिल हुए थे। लीडर्स समूह ने समुदाय में जाकर माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति बालिकाओं और महिलाओं को जागरूक करने का कार्य किया। एक समावेशी कदम बढ़ाते हुए पुरूषों में संवेदीकरण लाने हेतु 60 से अधिक युवकों के लीडर्स समूह को तैयार किया गया। इस वर्ष क्षेत्र में चार स्वास्थ्य सुविधा केंद्र भी स्थापित किए गए हैं, जो माहवारी स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी मुद्दों पर परामर्श और उनसे जुड़ी समस्या के समाधान पर कार्य कर रहे हैं। अब तक 33,377 से अधिक महिलाएं, पुरुष, युवतियां और युवक इस जागरूकता मुहिम से जुड़ चुके हैं।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री अभिजीत पति ने सामाजिक चेतना की दृष्टि से इस महत्वपूर्ण आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि बालको अपने सामुदायिक विकास कार्यक्रम के जरिए जरूरतमंदों की हरसंभव मदद करने के लिए कटिबद्ध है। फिल्म का शुभारंभ करते हुए उन्होंने कहा कि 'सारिका' सिर्फ एक लघु फिल्म नहीं, बल्कि बदलाव की एक किरण है, जो पूरे क्षेत्र, राज्य और देश में सभी मिथकों को दूर कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी। ‘नई किरण’ परियोजना के अंतर्गत लक्षित महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने के लिए उन्हें अनेक गतिविधियों से जोड़ा गया है। परियोजना ने आसपास के समुदायों को माहवारी के प्रति संवेदनशील बनाने में एक प्रभावशाली भूमिका निभाई है।शॉर्ट फिल्म की मुख्य किरदार सारिका कंवर ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस विषय पर पहल करने के लिए मैं बालको की सीएसआर टीम की आभारी हूं। समाज में माहवारी से संबंधी तमाम भ्रांतियां और मिथक हैं। परियोजना नई किरण ने पुरुष समुदाय में संवेदनशीलता और माहवारी के प्रति धारणा में सकारात्मक परिवर्तन लाकर समाज को नई दिशा दी है।बेला गांव की सरपंच जया राठिया ने कहा कि बालको की नई किरण परियोजना ने विशेष रूप से ग्रामीण समुदाय से संबंधित महिला सदस्यों के स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि इस मुहिम ने पहले भी समुदाय में कई अन्य बदलाव किए हैं।
: विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस पर बालको ने आयोजित किया जागरूकता कार्यक्रम
Tue, May 31, 2022
बालकोनगर 31 मई, 2022। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने समुदायों के बीच माहवारी स्वच्छता संबंधी जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से दीवार पेंटिंग, जागरूकता रैलियां, नारा लेखन और पोस्टर बनाने जैसी विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन करके माहवारी स्वच्छता सप्ताह मनाया। बालको ने विश्व माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर लगभग 500 लोगों की उपस्थिति में एक ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान 'सारिका- दोंदरो की नई किरण' एक शॉर्ट फिल्म भी लॉन्च की गई, जिसका उद्देश्य माहवारी के दौरान स्वच्छ प्रथाओं पर महिलाओं और किशोरियों को प्रोत्साहित करना था। यह फिल्म माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता प्रबंधन पर बालको की प्रमुख परियोजना नई किरण के सफर को दिखाती है।बालको ने वर्ष 2019 से सार्थक जन विकास संस्थान के सहयोग से कोरबा जिले के गांवों एवं नगर पालिका निगम क्षेत्रों में माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता परियोजना लागू की, जो अब लगभग 45 गांवों तक पहुंच चुकी है। परियोजना को व्यापक बनाने के उद्देश्य से बीते वर्ष जिला स्तर पर कैपेसिटी बिल्डिंग वर्कशॉप सत्र आयोजित किए गए, जिसमें 60-60 की संख्या में लीडर्स समूह- किशोरी बालिकाएं, स्वयं सहायता समूह की महिलाएं और फ्रंटलाइन कार्यकर्ता शामिल हुए थे। लीडर्स समूह ने समुदाय में जाकर माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति बालिकाओं और महिलाओं को जागरूक करने का कार्य किया। एक समावेशी कदम बढ़ाते हुए पुरूषों में संवेदीकरण लाने हेतु 60 से अधिक युवकों के लीडर्स समूह को तैयार किया गया। इस वर्ष क्षेत्र में चार स्वास्थ्य सुविधा केंद्र भी स्थापित किए गए हैं, जो माहवारी स्वास्थ्य और स्वच्छता संबंधी मुद्दों पर परामर्श और उनसे जुड़ी समस्या के समाधान पर कार्य कर रहे हैं। अब तक 33,377 से अधिक महिलाएं, पुरुष, युवतियां और युवक इस जागरूकता मुहिम से जुड़ चुके हैं।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री अभिजीत पति ने सामाजिक चेतना की दृष्टि से इस महत्वपूर्ण आयोजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि बालको अपने सामुदायिक विकास कार्यक्रम के जरिए जरूरतमंदों की हरसंभव मदद करने के लिए कटिबद्ध है। फिल्म का शुभारंभ करते हुए उन्होंने कहा कि 'सारिका' सिर्फ एक लघु फिल्म नहीं, बल्कि बदलाव की एक किरण है, जो पूरे क्षेत्र, राज्य और देश में सभी मिथकों को दूर कर समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी। ‘नई किरण’ परियोजना के अंतर्गत लक्षित महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक बनाने के लिए उन्हें अनेक गतिविधियों से जोड़ा गया है। परियोजना ने आसपास के समुदायों को माहवारी के प्रति संवेदनशील बनाने में एक प्रभावशाली भूमिका निभाई है।शॉर्ट फिल्म की मुख्य किरदार सारिका कंवर ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि इस विषय पर पहल करने के लिए मैं बालको की सीएसआर टीम की आभारी हूं। समाज में माहवारी से संबंधी तमाम भ्रांतियां और मिथक हैं। परियोजना नई किरण ने पुरुष समुदाय में संवेदनशीलता और माहवारी के प्रति धारणा में सकारात्मक परिवर्तन लाकर समाज को नई दिशा दी है।बेला गांव की सरपंच जया राठिया ने कहा कि बालको की नई किरण परियोजना ने विशेष रूप से ग्रामीण समुदाय से संबंधित महिला सदस्यों के स्वास्थ्य सुधार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि इस मुहिम ने पहले भी समुदाय में कई अन्य बदलाव किए हैं।
: अभिजीत पति की अध्यक्षता में फिक्की छत्तीसगढ़ राज्य परिषद की बैठक संपन्न
Thu, May 26, 2022
रायपुर, 26 मई, 2022। उद्योग संगठन फिक्की की छत्तीसगढ़ राज्य परिषद की वित्त वर्ष 22-23 की पहली बैठक संपन्न हुई। शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक तथा छत्तीसगढ़ राज्य परिषद फिक्की के वर्तमान अध्यक्ष श्री अभिजीत पति ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य सदस्यों द्वारा राज्य स्तर पर महत्वपूर्ण औद्योगिक मुद्दों के समाधान के संबंध में निकाय और कार्यप्रणाली को मजबूत करने के पहलुओं पर चर्चा करने और विचार-विमर्श करने के लिए मंथन सत्र आयोजित करना था।
इस कार्यक्रम में जिंदल स्टील एंड पावर के एवीपी श्री यूपी सिंह और जीएम श्री सुयश शुक्ला, एमएचआईडीपीएल के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर श्री शेखर सुभेदार, एसबीटी टेक्सटाइल्स के डायरेक्टर श्री विक्रम जैन और एमएचआईडीपीएल के सीईओ श्री आर बी ई राव, यूआरएलए इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष श्री अश्विन गर्ग, आईबी ग्रुप के ग्रुप सीएफओश्री मनीष आहूजा एवं ट्रेजरी हेड श्री असीम आहूजा, एमएचआईडीपीएल के श्री राजन पांडे और श्री शालीन राव, उप निदेशक एवं फिक्की छत्तीसगढ़ प्रमुख ने शिरकत की।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक तथा छत्तीसगढ़ राज्य परिषद फिक्की के वर्तमान अध्यक्ष श्री अभिजीत पति ने अपने वक्तव्य में कहा कि हमें एक प्रतिष्ठित संघ के सदस्यों के रूप में राज्य में फिक्की की उपस्थिति को मजबूत करने की दिशा में सरकार के साथ सामंजस्य बनाने के लिए सामूहिक रूप से कार्य करना चाहिए। राज्य के विभिन्न उद्योगों के सामने आने वाले महत्वपूर्ण मुद्दों की पहचान और चर्चा करने का फिक्की एक मंच है। हम सभी को इस मंच के माध्यम से राज्य और राष्ट्र के औद्योगिक विकास की दिशा में मिलकर आगे बढ़ना है। हमारे उद्देश्यों को राज्य सरकार के साथ सक्रिय भागीदारी और नीतिगत सुधारों में सरकार का समर्थन कर राज्य में व्यावसायिक गतिविधियों की आसानी के लिए औद्योगिक सुझाव प्रदान कर समर्थन प्राप्त किया जा सकता है। हमें जिम्मेदार निकाय के रूप में सरकार को संभावित निवेश के स्रोत की पहचान करने में भी मदद करनी चाहिए जिससे महत्वपूर्ण मुद्दों का समाधान हो सके। प्रमुख औद्योगिक विषयों के संबंध में अपनी बात रखने के अलावा हमारी जिम्मेदारी है कि राज्य के समग्र विकास के लिए एमएसएमई क्षेत्र को समर्थन और बढ़ावा दें। मुझे विश्वास है कि हमारे सामूहिक प्रयासों से लक्ष्यों की प्राप्ति की जा सकती हैं।"श्री पति ने सदस्य इकाइयों के साथ-साथ छोटी कार्यकारी समितियों के गठन और उनकी लगातार बैठकों पर भी जोर दिया। समितियां मुद्दों की समीक्षा कर सरकार से जरूरी मामलों पर चर्चा करने के लिए मिल सकती हैं। उन्होंने यह कहते हुए निष्कर्ष निकाला कि अधिक जीवंतता, पहल और राज्य के औद्योगिक ताने-बाने को सुदृढ़ करने के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र के साथ दृढ़ विश्वास से आगे बढ़ने में मदद मिलेगी।फिक्की छत्तीसगढ़ परिषद के पूर्व अध्यक्ष एवं जेएसपीएल के अध्यक्ष प्रदीप टंडन का प्रतिनिधित्व करते हुए श्री यूपी सिंह ने कहा कि एक केंद्रित दृष्टिकोण के साथ विभिन्न संगठनों और इकाइयों के विशेषज्ञ सदस्य- खनन, वन और पर्यावरण मंजूरी, परिवहन और अन्य प्रासंगिक क्षेत्र के विशेषज्ञ समिति का हिस्सा बन सकते हैं। श्री अश्विन गर्ग ने कहा कि संघ, उद्योग और सरकार के बीच एक सेतु का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ औद्योगिक नीति 2019-24 बनाते समय सरकार ने राज्य के सभी प्रमुख उद्योग संघों से सुझाव मांगे हैं। उन्होंने आगे कहा कि सदस्य इकाइयों को प्रेरित करने के लिए फिक्की छत्तीसगढ़ परिषद द्वारा सामूहिक रूप से स्थानीय मुद्दों को उठाया जा सकता है, जिसे बाद में एक दस्तावेजी साक्ष्य के रूप में संबंधित सरकारी विभाग के समक्ष रखा जा सकता है। श्री आर बी ई राव ने राज्य भर में कोल्ड स्टोरेज की कमी का मुद्दा उठाया। श्री विक्रम जैन ने अर्थव्यवस्था के विकास में एमएसएमई के महत्व और कपड़ा उद्योगों से संबंधित स्थानीय मुद्दों को संबोधित करने के महत्व पर प्रकाश डाला। श्री मनोज आहूजा ने मौजूदा चुनौतियों को सामूहिक रूप से हल करने पर जोर दिया।