: दीपिका क्षेत्र में मनाया गया संविधान दिवस
Sat, Nov 27, 2021
हर वर्ष 26 नवंबर का दिन देश मे संविधान दिवस के तौर पर मनाया जाता हैं । 26 नवंबर को राष्ट्रीय कानून दिवस के रूप में भी मनाया जाता हैं। आजादी के बाद भारत को एक मजबूत राष्ट्र बनाने एवम् भारत की विविधता को एक सूत्र मे पिरोकर रखने के लिए एक मजबूत आधार की की जरूरत थी, जिसे बाबा साहब डॉ भीमराव अंबेडकर ने पूरा किया। संवैधानिक मूल्यों के प्रति नागरिकों मे सम्मान की भावना को बढ़ावा देने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। इसी तारतमय में यूथ कांग्रेस दीपका के कार्यकर्ताओं के द्वारा आज 20/11/2021 को प्रगती नगर दीपका स्थित बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर प्रस्तावित उद्यान में युवा कांग्रेस जिला कोरबा उपाध्यक्ष भरत मिश्रा के नेतृत्व मे संविधान दिवस मनाया गया। जिसमें मुख्य रूप से उपस्थित ब्लाक कोंग्रेस कमेटी के सह सचिव जुनैद अख्तर, युवा कांग्रेस,जिला महासचिव तारकेश्वर मिश्रा,सोनू खान,रोशन निर्मलकर,फैयाज अंसारी (उपाध्यक्ष, युथ कोंग्रेस छ ग आईं टी सेल), नोभित साहू (अध्यक्ष,युथ कोंग्रेस ब्लाक दीपका),खगेश बरेठ (अध्यक्ष,युथ इंटक ब्लाक दीपका) युथ कोंग्रेस कार्यकर्ता अविनाश यादव,विकाश राजपूत,जानू खान एवं अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
: बीसी प्वाइंट सखी रोहनी साहू जी हुए सम्मानित
Sat, Nov 27, 2021
बेला दू ला/ ज्ञात हो की सरकार के द्वारा महिला स्व सहायता समूह के लोगो में माध्यम से आम लोगो सहित ग्रामीणों को बैंकिंग सुविधाएं प्रदान करने केलिए राष्ट्रीय आजीविका मिशन योजना के अंतर्गत बीसी प्वाइंट सखी के द्वारा बैंकिंग सुविधाएं लोगो को मिल रही है तथा ग्रामीणों को अब छोटे छोटे बैंकिग कार्य के लिए दूर बैंक नही जाना पड़ता है उसकी समय की भी बचत होती है तथा उसका कार्य गांव के महिला स्व सहायता समूह के बीसी प्वाइंट सखी के पास हो जाती है इसी तारतम्य में रोहनी साहू जी को सबसे ज्यादा बीमा पॉलिसी 03.09.2021को पूर्ण करने पर सिल्वर गिफ्ट प्रदान किया गया जिसमे टी एल घनश्याम पटेल जी, आर बी एम किरण चंद्रा जी के हाथों श्रीमती बैंक सखी रोहनी साहू को उनके कार्य तथा बैंकिंग कार्य में सबसे ज्यादा उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए यह सिल्वर गिफ्ट प्रदान किया गया सभी बैंक सखी में हर्ष व्याप्त है
: हर ढाई किलोमीटर पर पुलिस छावनी बनाने की बजाय स्कूल और अस्पताल बनाओ : सिलगेर में बोले एआईकेएस के बादल सरोज
Fri, Nov 26, 2021
सिलगेर (सुकमा)। साढ़े छह महीने से लोकतंत्र की बहाली और न्याय के इंतज़ार में सिलगेर में डटे आंदोलनकारियों के बीच आज दिल्ली से संयुक्त किसान मोर्चे के प्रमुख घटक संगठन अखिल भारतीय किसान सभा के संयुक्त सचिव बादल सरोज तथा छत्तीसगढ़ किसान सभा के अध्यक्ष संजय पराते पहुंचे और आंदोलनकारियों के साथ देश के किसान आंदोलन का समर्थन व्यक्त किया।विशाल जनसभा में बोलते हुए एआईकेएस संयुक्त सचिव बादल सरोज ने 3 युवकों, एक युवती और उसके गर्भस्थ शिशु की 17 मई को हुए अनावश्यक गोलीकाण्ड में हुयी निर्मम हत्या की भर्त्सना करते हुए छग के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से सवाल किया कि लखीमपुर खीरी के निर्मम हत्याकांड में मारे गए चार किसानों और एक पत्रकार की हत्या पर वहाँ जाकर संवेदना व्यक्त करने और हरेक को छग सरकार की ओर से 50-50 लाख रूपये की राहत राशि घोषित करने का सही काम करने वाले भूपेश बघेल खुद अपने ही राज्य में मार डाले गए पांच आदिवासियों के प्रति सहानुभूति तक दिखाने आज तक क्यों नहीं आ पाये।उन्होंने हर ढाई किलोमीटर पर सीआरपीएफ कैम्प - पुलिस छावनियां और थानों का जाल बिछाने के औचित्य पर सवाल उठाते हुए छग सरकार से कहा कि इसकी बजाय उसे हर ढाई किलोमीटर पर स्कूल और अस्पताल बनाने चाहिए, ताकि मलेरिया और कुपोषण जैसी टाली जा सकने वाली हजारों मौतों से आदिवासियों को बचाया जा सके। संविधान दिवस पर लोकतंत्र और संविधान के इस मखौल को रोकने की मांग की, जिसमें खुद उन्हें सिलगेर तक पहुँचने से पहले बीसियों पुलिस छावनियों में रोका गया। जागरूक पत्रकारों की मदद से ही वे संविधान दिवस के दिन अपने ही देश में, अपने ही देश के नागरिकों से मिलने पहुँच पाये।उन्होंने कहा कि सरकारों का असली इरादा बस्तर को आदिवासी और परम्परागत वनवासी विहीन बनाने का है, ताकि यहां के जंगल, खनिज, नदियाँ और प्राकृतिक सम्पदा अडानी और अम्बानी का खजाने भरने के लिए सौंपी जा सके। देश के किसान सिलगेर के आदिवासियों के साथ हैं, वे केंद्र और राज्य सरकारों को इन साजिशों में कामयाब नहीं होने देंगे।देश में जारी किसान आंदोलन की ओर से उन्होंने सिलगेर और गंगालूर के आदिवासियों के आंदोलन का समर्थन किया और यहां के किसान आंदोलन से अपील की कि वे इस किसान आंदोलन में हिस्सा लेने दिल्ली पहुंचे। आंदोलनकारी मूलवासी संघ के अध्यक्ष रघु ने उनके इस न्यौते को कबूल किया और दिल्ली पहुँचने का वादा किया। उन्होंने संयुक्त किसान मोर्चे और अखिल भारतीय किसान सभा का सिलगेर पहुँच कर समर्थन देने के लिए आभार भी व्यक्त किया।सभा में बोलते हुए छत्तीसगढ़ किसान सभा के अध्यक्ष संजय पराते ने सारकेगुड़ा हत्याकाण्ड (जून 2012) व एडसमेटा हत्याकाण्ड (मई 2013) के जांच आयोगों की रिपोर्ट के आधार पर दोषियों को सजा देने, मारे गए निर्दोषों के परिजनों को एक एक करोड़ मुआवजा देने, सिगलेर गोलीकाण्ड की न्यायिक जांच, मृतकों को 1-1 करोड़ रूपये मुआवजे की मांग करते हुए कहा कि बस्तर में लोकतंत्र की बहाली की जानी चाहिये, इसे एक पुलिस स्टेट नहीं बनने दिया जाएगा। उन्होंने पुलिस कैम्प स्थापित करने के खिलाफ धरनारत आदिवासियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि देशव्यापी किसान आंदोलन और सिलगेर के आदिवासियों की लड़ाई एक है, क्योंकि ये दोनों लड़ाई कॉरपोरेटों के खिलाफ लोकतंत्र और संविधान बचाने की लड़ाई है।