: जनता का 500 करोड़ खा गए महापौर-- हितानंद
Tue, Jun 18, 2024
नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल से कोरबा क्षेत्र में जल व्यवस्था को लेकर बातचीत के दौरान उन्होंने बताया कि हमारे जीवन में सड़क, बिजली, एवं पानी यह तीन मूल भूत सुविधा अत्यंत आवश्यक है। जिनके बिना जीवन संभव नहीं दिखता। इसमें से पानी की व्यवस्था के लिए केंद्र सरकार ने लगभग 500 करोड रुपए नगर निगम कोरबा को आवंटित किया। लेकिन आज स्थिति ऐसी है कि पूरे नगर निगम क्षेत्र के किसी भी वार्ड के किसी भी घर में 10- 15 मिनट से ज्यादा पानी नहीं आता। लगता है जनता का 500 करोड रुपए महापौर अपने आकाओं के साथ मिलकर खा गए। अधिकारियों कर्मचारियों से पूछने पर पता चलता है कि पानी की टंकी को भरने का काम ही व्यवस्थित नहीं है। किसी भी दिन पानी की टंकी पूरी भर नहीं पाती है। नगर निगम का जल वितरण विभाग ऐसी कौन सी व्यवस्था करके रखा है कि पानी की टंकियां तक पूरी नहीं भर पाती, जिससे जल वितरण किया जा सके। लोग परेशान हैं। आलम यह है कि नगर निगम को अपने सभी टैंकरों के जरिए पानी की आपूर्ति अनेकों मोहल्ले में करनी पड़ रही है। जिससे आए दिन बस्तियों में झगड़े का माहौल बना रहता है। इन समस्याओं से जनता को परेशान होता देख नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष हितानंद अग्रवाल ने महापौर को पत्र लिखा एवं आंदोलन की चेतावनी दी, कि यदि 15 दिवस के अंदर महापौर ने जल वितरण व्यवस्था ठीक नहीं कराई, तो अन्य पार्षदों के साथ बृहद धरना प्रदर्शन होगा।
: तबला वादन विधा में नन्हा तबला वादक अनीश बनर्जी ने मारी बाजी
Mon, Jun 17, 2024
रायपुर - गत दिवस सांध्यकालीन सत्र में शहर के प्रतिष्ठित संस्थान छत्तीसगढ़ जन सेवा फाउंडेशन द्वारा हूनरबाज द मल्टी टैलेंट परफॉर्मेंस कार्यक्रम का आयोजन वृंदावन भवन रायपुर में आयोजित किया गया। जिसमें अनीश बनर्जी (पांच वर्षीय) पिता पार्थ बनर्जी और माता चिन्मय बनर्जी निवासी रायपुर ने भाग लेकर तबला वादन में प्रथम स्थान प्राप्त किया है। इस कार्यक्रम में कई प्रतिभागियों ने हिस्सेदारी निभाई जिसमें तबला वादन विधा में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन बाल कलाकार नन्हा तबला वादक अनीश बनर्जी ने प्रदर्शित कर प्रथम स्थान प्राप्त कर माता-पिता व अपने गुरु का नाम रोशन किया। इसमें प्रथम , द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल करने वाले प्रतिभागियों को सर्टिफिकेट और ट्राफी देकर सम्मानित किया गया। बताते चलें वर्तमान में अनीश बनर्जी अपने गुरु अरुणिमा शर्मा के सानिध्य में रहकर तबला की बारीकियां सीख रहे हैं। इंदिरा कला एवं संगीत विश्व विद्यालय खैरागढ़ से तबला में प्रशिक्षित अरुणिमा शर्मा ने अपने शिष्य अनीश को मात्र दो महीने में ही इस विधा में प्रशिक्षण देकर उन्हें इस मुकाम पर स्थापित कर दी। अपने शिष्य की इस उपलब्धि से माता-पिता व गुरु बहुत ही प्रसन्न हैं और अपनी शुभकामनायें प्रेषित किये हैं। उन्होंने भविष्य में अनीश के और उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की आशा व्यक्त की है।
शास्त्रीय संगीत हमें जड़ों से जोड़ती है - अरूणिमा शर्माकार्यक्रम समाप्ति के पश्चात अपने बारे में मीडिया से चर्चा करते हुये कुमारी अरूणिमा शर्मा (चौबीस वर्षीया) ने अरविन्द तिवारी को बताया कि उनका जन्म जाज्वल्य नगरी जांजगीर में हुआ और इनकी प्रारंभिक शिक्षा एमजीएम हायर सेकेंडरी स्कूल बाल्कोनगर में हुई। अपने विद्यालयीन शिक्षा के साथ - साथ इन्होंने तेरह साल की उम्र से ही अपने गुरू अंतर्राष्ट्रीय तबला वादक मोरध्वज वैष्णव से नौ वर्षों तक तबला वादन की प्रशिक्षण लेकर चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी से तबला में डिप्लोमा हासिल की। अरूणिमा ने बारहवीं की पढ़ाई के बाद इंदिरा कला एवं संगीत विश्व विद्यालय खैरागढ़ में छह साल तक तबला प्रोफेसर हरि ओम हरि से गुरू शिष्य परंपरा में रहकर तबला वादन में गहरा प्रशिक्षण प्राप्त की है। फिर इन दिनों विगत एक वर्षों से वे ब्राइटन इंटरनेशनल स्कूल रायपुर में बतौर शिक्षिका अपनी सेवा दे रही हैं। इनके अलावा कोरबा (बाल्कोनगर) इनके परिवार में अधिवक्ता द्वय मम्मी श्रीमति रेखा शर्मा , पापा रामकिशोर शर्मा और एक छोटा भाई अभिजीत शर्मा भी है जो इस समय कानून की पढ़ाई कर रहे हैं। संगीत में रुचि के बारे में पूछे जाने पर अरूणिमा ने बताया कि संगीत इन्हें विरासत में मिली है और इन्हें प्रारंभ से ही संगीत से विशेष रुचि रहा है। इनके दादा स्वर्गीय राधाकृष्ण शर्मा जांजगीर क्षेत्र के प्रख्यात तबला वादक रहे हैं , इनके पापा भी तबला वादन करते हैं जबकि इनकी मम्मी को भी संगीत और नृत्य में विशेष रूचि है। अपने लक्ष्य के बारे में पूछे जाने पर अरूणिमा ने बताया कि वे म्यूजिक डांस एकेडमी खोलकर इस विधा को आगे बढ़ाना चाहती हैं। समाज को दिये जाने वाले संदेश के बारे में पूछने पर गुरू सुश्री अरूणिमा शर्मा ने कहा कि भारतीय शास्त्रीय संगीत या मार्ग , भारतीय संगीत का अभिन्न अंग है। जिसे आगे बढ़ाते हुये लोगों के प्रति शास्त्रीय संगीत को ही स्थापित करना है , जो हमें अपने जड़ों से जोड़ती है। आज की पीढ़ी का झुकाव पाश्चात्य संगीत की ओर ज्यादा है और शास्त्रीय संगीत अपना पहचान खोते जा रहा है , जिसे बचाये रखने का कार्य आज की पीढ़ी को करना है। हमें संस्कारवान बनाये रखने में हमारा भारतीय विधा सहायक होगा , जिसके लिये मेरे साथ ही साथ समाज के लोगों को भी सतत प्रयासरत रहने की आवश्यकता है।
: प्रेमिका ने प्रेमी से करवा दी अपने ही पति की हत्या , तीन आरोपी जेल दाखिल
Mon, Jun 17, 2024
रायपुर - अवैध संबंध होने और प्रेमी के साथ जीवन बिताने की चाहत से पत्नी ने अपने ही पति की हत्या करवा दी। प्रेमी ने एक अन्य आरोपी के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया। साइबर सेल की संयुक्त कार्यवाही से पुरानी बस्ती थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।
पुरानी बस्ती थाना में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में इस मामले का खुलासा करते हुये सीएसपी पुरानी बस्ती राजेश देवांगन ने बताया विगत दिवस 10 जून को डायल 112 में इवेंट प्राप्त हुआ कि खारुन नदी में एक मृत व्यक्ति उफला देखा गया है। मौके पर जाकर देखा तो खारुन नदी पुल पिलर नंबर चार और पांच के मध्य केसरी बगीचा भाठागांव में एक अज्ञात पुरुष की लाश नदी में उफली है। मौके पर गोताखोर बुलवाकर शव को बाहर निकलवाया गया , शव को देखने पर अज्ञात मृतक पुरुष का हुलिया मध्यम मजबूत बदन , उम्र लगभग 30 से 35 वर्ष , सिर के बाल छोटे , हल्का दाढ़ी मूछ , नाक मुंह से रक्त निकला , दाहिने आंख के नीचे काला मस्सा , दायें गले में अंग्रेजी में गोदना से एम लिखा है। दायें भुजा में शिव जैसे टैटू बना , पीला रंग का शर्ट , सामने अंग्रेजी में आईएनएस कनेक्शन लिखा है ,एक हाथ की कलाई के ऊपर अंग्रेजी में कविता लिखा है , कमर के नीचे काला फुल पैंट तथा लाल रंग का बेल्ट पहना है। आसपास के लोगों को बुलवाकर पहचान करने का प्रयास किया गया किंतु शव की शिनाख्ती नहीं हुई। सूचना पर थाना पुरानी बस्ती में मर्ग क्रमांक 33/2024 पंजीबद्ध कर जांच में लिया गया। मर्ग जांच के दौरान अज्ञात शव की पहचान करवाई हेतु लगातार नदी के आसपास के ग्रामों में टीम बनाकर भेजी गई परंतु कोई पहचान नहीं होने से पहचान हेतु प्रेस विज्ञप्ति जारी किया गया। जिसके माध्यम से अज्ञात शव का पहचान विधाता यादव पिता जुगरात यादव उम्र 30 वर्ष निवासी सन्यासी पर मुस्कान दुकान के पास खमतराई थाना खमतराई जिला रायपुर के रूप में हुई। परिजनों के उपस्थिति में शव पंचनामा कर 13 जून को एम्स अस्पताल में शव परीक्षण कराया गया। अगले दिन शव प्रशिक्षण प्रतिवेदन प्राप्त हुआ जिसमें विधाता यादव की मौत सिर के पीछे किसी सख्त एवं भोथले वस्तु से बलपूर्वक चोट पहुंचने से होना पाये जाने पर अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 255/2024 धारा 302 , 201 भादवि पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना दौरान मामले की गंभीरता को देखते हुये सायबर सेल रायपुर व थाना पुरानी बस्ती द्वारा टीम गठित कर घटना स्थल के आस पास के अनेकों सीसीटीवी. फूटेज व मृतक के करीबियों के मोबाइल नंबरों को खंगालने पर पाया गया कि विधाता यादव की पत्नी विधाता यादव के आटो मालिक से मोबाइल पर बात करती है व घटना स्थल पर आटो मालिक अमजद खान का लोकेशन पाये जाने से अमजद खान को पकड़कर कड़ाई से पूछताछ किया गया। पूछताछ में उसने बताया कि विधाता यादव ऑटो चलाने का काम करता था , वह ऑटो किराये पर लेकर आटो चलाता था। डेढ़ वर्ष पूर्व विधाता यादव की पत्नी मीना यादव से ऑटो मलिक अमजद खान की बात होने लगी वे एक दूसरे से प्यार करने लगे और उन दोनों के मध्य शारीरिक संबंध स्थापित होते गया। आज से चार पांच माह पूर्व अमजद खान अपने नाम का एक मोबाइल फोन और अपने नाम का एक सिम मीना यादव को दिया , जिसे दोनों बात करते थे। इसी मध्य विधाता यादव को अपनी पत्नी मीना यादव व ऑटो मलिक अमजद खान के मध्य संबंध का पता चलने पर वह अपनी पत्नी मीना यादव के साथ गाली-गलौच कर मारपीट करने लगा तथा अपने मालिक अमजद खान के साथ भी गाली गलौज करता । मीना यादव आरोपी प्रेमी अमजद खान के साथ जीवन बिताना चाहती थी इसलिये वह अमजद खान को कहने लगी कि अपने पति से परेशान हो गई हूं उसे रास्ते से हटाना है। आरोपी प्रेमी तैयार हो गया और विधाता यादव की हत्या करने के लिये योजना बनाने लगा। उसने हत्या को अंजाम देने के लिये अपने ऑटो चालक अन्नू प्रजापति को योजना से अवगत कराकर अपने साथ 09 जून की रात्रि को दारू पार्टी करने के बहाने अपने गैरेज में विधाता यादव को बुलाया और अनु प्रजापति के साथ उसके ऑटो में लेकर पुलिस लाइन के पास शराब दुकान से शराब लेकर खुड़मुड़ा घाट पुल के ऊपर भाटा गांव ले गया। तीनों मिलकर शराब पिये और लगभग साढ़े नौ बजे के आसपास अमजद खान ने ऑटो में रख लोहे की पटिया से विधाता यादव के सिर के पीछे गंभीर चोट पहुंचाया , जिससे विधाता यादव जमीन पर गिर गया। अमजद खान तथा अनु प्रजापति मिलकर उठाकर विधाता यादव को पुल से नीचे पानी में फेंक दिये , घटनाक्रम के दौरान विधाता की पत्नी मीना यादव लगातार फोन से अपने प्रेमी अमजद के साथ संपर्क में रही और जानने का प्रयास करती रही कि पति विधाता यादव का काम तमाम हुआ या नहीं। अमजद के बताने के बावजूद उसकी पत्नी विश्वास नहीं कर रही थी कि विधाता यादव अब इस दुनियां में नहीं रहा। दूसरे दिन सोमवार को मीना अपने प्रेमी अमजद को जिद करने लगी यदि तू विधाता को मारे हो तो उसकी लाश दिखाओ। इस बात पर दोनों स्कूटी से पुनःखुडमुड़ा घाट घटना स्थल गये , जहां खारुन नदी में विधाता की शव को उपले देखने के बाद विश्वास की विधाता का काम तमाम हो गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महोदय संतोष सिंह के दिशा निर्देश पर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पश्चिम दौलत राम पोर्ते , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर लखन लाल पटले के मार्गदर्शन तथा नगर पुलिस अधीक्षक राजेश देवांगन के पर्यवेक्षण में हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त हुई। आरोपियों के विरुद्ध पर्याप्त सबूत पाये जाने से पुरानी बस्ती थाना पुलिस ने तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया। उक्त प्रकरण को सुलझाने में साइबर सेल से निरीक्षक प्रवेश पांडे , सहायक उप निरीक्षक मंगलेश्वर परिहार , संतोष सिंह प्रधान , आरक्षक गुरु दयाल सिंह , अनिल पांडे , आरक्षक भूपेंद्र मिश्रा , प्रशांत शुक्ला , कमल धनगर , हरजीत सिंह , बसंती मौर्य , लालेश नायक , थाना पुरानी बस्ती से निरीक्षक योगेश कुमार कश्यप , उपनिरीक्षक गणेश राम साहू , प्रधान आरक्षक सुभान खान , आरक्षक विपिन शर्मा , दिलीप बघेल , सुनील शुक्ला का सराहनीय योगदान रहा।गिरफ्तार आरोपीगण -अमजद खान पिता अब्दुल जब्बार उम्र 37 वर्ष निवासी इंदौर जलेबी के बाजू गली मौदहापारा मस्जिद के सामने थाना मौदहापारा रायपुर , अन्नू प्रजापति पिता रामपाल प्रजापति उम्र 25 वर्ष निवासी होंडा शोरूम के पीछे लोधी पारा मंजूर दास का मकान किराये से थाना पंडरी रायपुर और मीना यादव पति स्वर्गीय विधाता यादव उम्र 28 वर्ष निवासी सन्यासी पारा थाना खमतराई रायपुर छत्तीसगढ़।