: बालको विभिन्न पहल के माध्यम से सड़क सुरक्षा संस्कृति को दे रहा बढ़ावा
Sat, Jun 15, 2024
बालकोनगर, 14 जून, 2024। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड (आईओसीएल), कोरबा बल्क पेट्रोलियम टर्मिनल प्लांट में लाइव फायर ड्रिल प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। व्यापक अग्नि सुरक्षा प्रशिक्षण में 50 से अधिक कर्मचारियों को विभिन्न प्रकार की आग से निपटने तथा रोकथाम के लिए विभिन्न उपायों को अपनाने के बारे में प्रशिक्षित किया गया। प्रशिक्षण में अग्नि आपात स्थितियों से निपटने के लिए प्रोटोकॉल तथा सीपीआर प्रशिक्षण भी शामिल था।
बालको एक औद्योगिक संगठन के रूप में समुदाय की सुरक्षा और भलाई को प्राथमिकता दिया है। सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत कंपनी ने विभिन्न पहल का आयोजन किया है। कंपनी संयंत्र में परिसर के साथ-बालको टाउनशिप में यातायात नियमों को लागू करके सभी सड़क उपयोगकर्ताओं के लिए एक सुरक्षित वातावरण बनाने में भी योगदान दे रहा है।
*बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार:*
बालको के सीईओ श्री कुमार ने कहा कि सुरक्षा हमारी पहली और सर्वोपरी प्राथमिकता है जो कंपनी की कार्य संस्कृति में शामिल है। सुरक्षा के प्रति हमारी प्रतिबद्धता सिर्फ नियमों का पालन करना नहीं है बल्कि यह हमारे कार्य करने के तरीके में समाहित है। कंपनी अपने संयंत्र के साथ-साथ समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध है। कंपनी सड़क सुरक्षा पर विभिन्न पहल क मदद से कर्मचारियों के साथ-साथ स्कूल के विद्यार्थियों तथा लोगों में जागरूकता को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है।*बालकोनगर थाना प्रभारी श्री अभिनव कांत सिंह:*
थाना प्रभारी श्री सिंह ने सभी से सड़क यातायात नियमों का पालन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि वाहन चलाते सभी लोग हेलमेट और सीट बेल्ट का प्रयोग अवश्य करें। हम सड़क दुर्घटनाओ मे कमी लाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं और इस संकल्प को पूरा करने के लिए सभी नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। बालको ने वाहनों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए भरपूर सहयोग दिया है। सड़क सुरक्षा को देखते हुए बालको द्वारा थर्मोप्लास्टिक मार्किंग, स्पीड ब्रेकर, जेब्रा क्रॉसिंग और रेट्रो-रिफ्लेक्टिव साइनबोर्ड लगाना सराहनीय कार्य है।*बालकोनगर वार्ड-39 के पार्षद श्री लुकेश्वर प्रसाद चौहान:*
पार्षद श्री चौहान ने कहा कि बालको अपने सामुदायिक विकास पहल के मदद से समुदाय में सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न पहल किये है। औद्योगिक संगठन के रूप में कंपनी ने हमेशा समुदाय की सुरक्षा और भलाई को प्राथमिकता दिया है। उन्होंने बताया कि कंपनी ने स्कूल के बच्चों को सड़क सुरक्षा संबंधित सभी नियमों से लगातार अवगत करवाने का प्रयास किया है। छात्र-छात्राएं भविष्य के ड्राइवर हैं कंपनी इस बात को गंभीरता से समझते हुए उन्हें जागरूक करने का कार्य कर रहा है।*बालको के सड़क सुरक्षा गार्ड श्री दिलीप कुमार:*
सुरक्षा गार्ड दिलीप कुमार ने कहा कि कंपनी सभी की सुरक्षा को सुनिश्चित करते हुए बालको संयंत्र परिसर में 30 और टाउनशिप में 40 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा तय की है। मुझे खुशी है कि कंपनी द्वारा सुरक्षा संस्कृति को मजबूती प्रदान करने में मेरी भी भागीदारी है। स्पीडोमीटर की मदद से हम सड़क पर गति सीमा से तेज चलने वाले वाहनों की निगरानी करते हैं। कंपनी में ट्रैफिक नियमों का पालन पूरी तरह से किया जाता है।विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से बालको युवाओं के अंदर सुरक्षा संस्कृति को प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। सर्वमंगला मंदिर के डायवर्सन से रिंग रोड पर भारी वाहनों के बढ़े दबाव को देखते हुए कंपनी ने रिश्दी से ध्यानचंद चौक तक की सड़क के जिर्णोद्धार सहित रिश्दी से रुमगढ़ा तक जगह-जगह पर चौड़ीकरण का कार्य किया। वाहनों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करने के लिए कंपनी ने 6 किमी तक थर्मोप्लास्टिक मार्किंग सहित विभिन्न मार्गों पर 12 स्पीड ब्रेकर, कई जेब्रा क्रॉसिंग और 40 रेट्रो-रिफ्लेक्टिव साइनबोर्ड तैनात किया है। कंपनी ने आग से बचाव के उपाय पर जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किये। कंपनी निरंतर जागरूकता और शैक्षिक पहल के माध्यम से समुदाय के भीतर सुरक्षा संस्कृति को मजबूत करने के लिए कटिबद्ध है।
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: जिला प्रशासन के दिशानिर्देश पर बालको ने कराया छात्रों को शैक्षणिक भ्रमण
Wed, Jun 12, 2024
बालकोनगर, 11 जून, 2024।* वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने जिला प्रशासन के दिशा निर्देशानुसार अपने संयंत्र परिसर और चोटिया कोयला खादान में स्कूल के छात्र एवं छात्राओं को शैक्षणिक भ्रमण कराया। विद्यार्थियों के ज्ञान में वृद्धि तथा देश के औद्योगिक विकास को व्यापक रूप से समझने के लिए शैक्षणिक भ्रमण का कार्यक्रम आयोजित की गई।
कोरबा जिलाधिकारी अजीत वसंत के दिशा-निर्देशन में जिले के विद्यार्थियों को शैक्षणिक भ्रमण कराया गया। बच्चे इंजीनियरिंग व विज्ञान के विभिन्न पहलुओं को देखकर सीख सकें। लगभग 240 छात्रों ने अलग-अलग दल में बालको का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस तरह के भ्रमण से विद्यार्थियों में वैज्ञानिक और तकनीकी एवं नवाचार की सोच विकसित होगी। क्लासरूम से बाहर जाकर बड़े-बड़े औद्योगिक कार्यस्थल के अवलोकन से शिक्षा के प्रति उनकी अभिरूचि भी बढ़ेगी।
कंपनी में आने वाले सभी विद्यार्थियों को पूरे संयंत्र का भ्रमण कराया जिसमें कंपनी के महत्वपूर्ण कार्यों को विस्तार से बताया गया। छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक संयंत्र प्रतिनिधियों से चर्चा करते हुए प्रचालन की जानकारी को समझने का प्रयास किया। बालको के स्मेल्टर, कास्ट हाउस और विद्युत संयंत्र का अवलोकन कर छात्र बेहद प्रभावित हुए। बालको की विभिन्न इकाइयों के अधिकारियों ने छात्रों को बालको के उत्पादन, उत्पादकता और कार्य शैली की विस्तार से जानकारी दी।
छात्रों के संयंत्र भ्रमण पर बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि युवा हमारे देश के भविष्य हैं। कंपनी भ्रमण से युवाओं के बीच औद्योगिक प्रचालन की समझ विकसित होगी। छात्र कंपनी के नई तकनीक से प्रभावित होकर विज्ञान क्षेत्र से जुड़ने के लिए प्रोत्साहित होंगे। शैक्षिक भ्रमण से बच्चों में ज्ञान प्राप्त करने के साथ ही नई-नई तकनीकों की विशेषज्ञता के बारे में गहरी समझ तथा आगे चलकर तकीनीकी क्षेत्र में सफलता अर्जित करने में सहायक होगी।
शासकीय हाईस्कूल मदवानी विकास खंड करतला, जिला कोरबा के प्राचार्य बलराज कश्यप ने कहा कि कहा कि शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास के लिए आवश्यक है। विद्यार्थियों को बालको कंपनी में एल्यूमिनियम का उत्पादन, संग्रहण एवं विभिन्न शैक्षिक पहलू पर विस्तार पूर्वक जानकारी दी गई। विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा संयंत्र से संबंधित किये गए सभी सवालों का सटीक और विस्तारपूर्वक जवाब दिया गया।
विद्यार्थियों ने बताया कि उन्हें बालको संयंत्र में आकर बहुत अच्छा महसूस हुआ। शैक्षणिक भ्रमण के माध्यम से उन्हें एल्यूमिनियम एवं बिजली उत्पादन के सम्बंध में बारीकी से जानकारी प्राप्त हुई। साथ ही बालको में टीम भावना और परस्पर सहयोग जैसे विभिन्न पहलुओ को समझने का अनुभव मिला। बालको के चोटिया कोयला खादान में अन्य छात्र-छात्राओं ने खदान का भ्रमण किया। उन्होंने खुले कोयला खादान का अवलोकन किया जो उनके लिए अभूतपूर्व अनुभव था। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को खदान से कोयला उत्खनन के साथ ही आधुनिक तकनीकी मशीनों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई।
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: बालको की पहल से माहवारी स्वास्थ्य प्रबंधन के प्रति बढ़ी लोगों की जागरूकता
Sat, Jun 8, 2024
बालकोनगर, 04 मई 2024।* वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता दिवस के अंतर्गत समुदाय के साथ मिलकर एमएचएम सप्ताह का आयोजन किया। पूरे सप्ताह कंपनी ने कोरबा के ग्रामीण क्षेत्रों में माहवारी से जुड़े अनेक भ्रांतियां को दूर करने और सस्टेनेबल माहवारी स्वास्थ्य प्रबंधन प्रथाओं को बढ़ावा देने के लिए समुदाय में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किये।
बालको ने ‘सपोर्टिंग ग्रीन पीरियड्स’ पहल की शुरुआत की जो सस्टेनेबल माहवारी स्वास्थ्य प्रथाओं को बढ़ाने के लिए कर्मचारियों की स्वैच्छिकता के साथ मिलकर क्षमता निर्माण का प्रयास है। इसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को स्वयं के लिए कपड़े से बने पैड को सिलने के कौशल के साथ सशक्त बनाना था जिससे उनकी पैड की आवश्यकता पूरी हो सके। विभिन्न जागरूकता गतिविधियों के माध्यम से 1,500 से अधिक किशोर और वयस्क तक पहुँच को सुनिश्चित किया गया। माहवारी की जानकारी को खेल और मनोरंजन से जोड़ने पर जागरूकता अभियान को समुदाय तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण सफलता मिली।
नयी किरण परियोजना के अंतर्गत माहवारी स्वच्छता दिवस के तहत साप्ताहिक माहवारी स्वास्थ्य जागरूकता अभियान में विभिन्न कार्यक्रम शामिल किये गये। मां-बेटी, सास-बहू सम्मेलन के तहत कंपनी ने लोकप्रिय ‘सांप सीढ़ी’ खेल का मानवीय संस्करण तैयार किया जिसमें माहवारी पर संवाद एवं बातचीत को सरल बनाया गया है। खेल की मदद से महिलाओं और परिवार के सदस्य ने उत्साहपूर्वक माहवारी स्वास्थ्य मिथकों और तथ्य पर खुलकर चर्चा की। रात्रि चौपाल के तहत समुदाय में माहवारी की समझ को बढ़ावा देने के लिए विशेष रूप से बनी शैक्षिक फिल्में दिखाई गईं। इन फिल्मों का उद्देश्य दिखाए गए पात्रों के व्यवहार के बारे में बातचीत को बढ़ावा देना है। जिससे समुदायों को माहवारी विषय पर बेहतर जानकारी देने में मदद मिली।चाय पर चर्चा थीम के तहत ग्रामीण महिलाओं को एनीमिया से लड़ने के लिए संतुलित आहार की विस्तृत समझ और महत्व के लिए पोषण विशेषज्ञों का सत्र आयोजित किया गया। बेहतर माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता प्रबंधन (एमएचएम) के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. गायत्री शर्मा के नेतृत्व में 500 से अधिक महिलाओं की नियमित स्वास्थ्य जांच किया गया। सेफ स्पेश कैंपेन का उद्देश्य एक न्यायसंगत और समावेशी समाज बनाना है जहां माहवारी के बारे में बातचीत सामान्य हो। इसके अंतर्गत लक्षित क्षेत्रों में माहवारी संबंधी उत्पाद, अस्पतालों और क्लीनिक के सेवा प्रदाताओं के साथ साझेदारी "सुरक्षित स्थान" का स्टिकर लगाया गया। इस अभियान के तहत सभी सेवा प्रदाताओं से माहवारी पर बातचीत और पारदर्शी पैकेजिंग को खुले तौर पर अपनाने की शपथ लेने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
सरकारी विभाग के सहयोग से माहवारी पर समुदाय में साकारत्मक परिवर्तन को व्यापक बनाना है। इस पहल का उद्देश्य महिला एवं बाल विकास (डब्ल्यूसीडी) जैसे सरकारी विभागों के साथ ज्ञान के आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाना और एमएचएम की समझ को और बढ़ाना है। इस सहयोग से एमएचएम को प्रभावी ढंग से संबोधित करने के लिए आवश्यक ज्ञान और कौशल के साथ सामूहिक लक्ष्यों को प्राप्त करना है।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि हमारे दृष्टिकोण के अनुसार समुदाय का स्वास्थ्य सस्टेनेबल प्रगति की नींव है। स्वास्थ्य पहल के माध्यम से हम गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा तक सभी की पहुंच, सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देने और बेहतर जीवन सुनिश्चित करने के लिए कटिबद्ध हैं। नयी किरण परियोजना के माध्यम से हम लोगों को सवेंदनशील बनाने का प्रयास कर रहे हैं। माहवारी के दौरान महिलाओं के लिए एक सुरक्षित वातावरण को बढ़ावा देने के साथ ही संवेदनशील लीडर तैयार किया जा रहा है।कंपनी को माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता प्रबंधन जागरूकता में उत्कृष्ट योगदान के लिए कई पुरस्कार मिले हैं। एसोसिएटेड चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ऑफ इंडिया (एसोचैम) ने विश्व माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता दिवस 2024 के अवसर पर ‘माहवारी स्वच्छता-कॉर्पोरेट एवं सार्वजनिक उपक्रमों में सीएसआर पहल के लिए को प्रतिष्ठित एसोचैम पुरस्कार-2024 से सम्मानित किया। बेस्ट हेल्थकेयर एक्सीलेंस सीएसआर फिल्म कटैगरी के लिए “सारिका दोंद्रो की नयी किरण”- 2023 को सोशियो कॉर्प सीएसआर फिल्म फेस्टिवल एंड अवॉर्ड द्वारा पुरस्कृत किया गया। ग्रामालय द्वारा तीसरे एमएचएम इंडिया समिट-2023 ‘एमएचएम पर सर्वश्रेष्ठ सीएसआर पहल’ पुरस्कार। सामुदायिक स्वास्थ्य पहल “स्वास्थ्य, पोषण एवं कल्याण” में उत्कृष्ट योगदान के लिए सबेरा अवॉर्ड तथा हेल्थ केयर के लिए 4 वां आईसीसी सोशल इम्पैक्ट अवॉर्ड-2022 से सम्मानित किया गया।बालको ने नयी किरण परियोजना को वर्ष 2019 से सार्थक जन विकास संस्थान के सहयोग से कोरबा जिले के गांवों एवं नगर पालिक निगम क्षेत्रों में माहवारी से जुड़ी मिथकों और भ्रांतियों को दूर करने के लिए परियोजना लागू की। माहवारी के दौरान स्वास्थ्य एवं स्वच्छता जागरूकता को बढ़ावा देना, माहवारी संबंधी उत्पाद विकल्पों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और सुरक्षित प्रजनन स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए है। अबतक 45 गांवों में जागरूकता पैदा करने और क्षमता निर्माण गतिविधियों के माध्यम से लगभग 60,000 से अधिक लोगों को संवेदनशील बनाने में मदद की है। नयी किरण छत्तीसगढ़ के कोरबा, पोड़ी उपरोड़ा, करतला, पाली और कटघोरा तक फैला है। परियोजना ने किशोर लड़को एवं लड़कियों, स्व सहायता समूह (एसएचजी) महिलाओं और आंगनबाड़ी तथा आशा कार्यकर्ता से लेकर 600 से अधिक समुदाय के सदस्यों को मास्टर ट्रेनर और समुदाय में बदलाव के पथप्रदर्शक के रूप में सक्षम बनाया है।
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