: आईजी द्वारा की गई आपराधिक प्रकरणों में हुये दोषमुक्त प्रकरणों की समीक्षा
Sun, Apr 23, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टबिलासपुर - पुलिस अधीक्षकों की रेंज स्तरीय बैठक आज रेंज पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय में बद्री नारायण मीणा पुलिस महानिरीक्षक , बिलासपुर रेंज द्वारा दोषमुक्ति के प्रकरणों की समीक्षा बैठक ली गई । दोषमुक्ति प्रकरणों की समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया कि न्यायालय में चालान प्रस्तुत करने के पूर्व इसकी समीक्षा संबंधित थाने के पर्यवेक्षणकर्ता अधिकारी नगर पुलिस अधीक्षक/अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) एवं उप पुलिस अधीक्षक के माध्यम से आवश्यक रूप से करावे। सभी प्रकरणों में जप्ती के दौरान विडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी कराये जाने और साक्ष्य के रूप में सम्मिलित कराने निर्देशित किया गया ताकि साक्षियों के पक्षद्रोही होने पर उनके विरूद्ध कार्यवाही कराई जा सके। गंभीर अपराधों की विवेचना के संदर्भ में प्रत्येक माह प्रशिक्षण आयोजित करने हेतु कहा ताकि न्यायालयीन कार्यवाही के दौरान अभियोजन पक्ष की कमी का लाभ आरोपी पक्ष को ना मिले व विवेचना के स्तर में सुधार लाया जा सके। आपराधिक प्रकरणों में विवेचना में त्रुटि के कारण दोषमुक्त प्रकरणों में विवेचकों के विरूद्ध विभागीय अनुशासनात्मक कार्यवाही के लिये पुलिस अधीक्षकों को निर्देशित किया गया। चिन्हित अपराध योजना के तहत चिन्हांकित किये गये प्रकरणों की समीक्षा प्रत्येक सप्ताह पुलिस अधीक्षकों को किये जाने हेतु निर्देशित किया गया। जिला बिलासपुर के चिन्हित अपराध पाक्सो एक्ट के प्रकरण में विवेचक द्वारा 36 दिनों के अंदर विवेचना पूर्ण कर चालान न्यायालय प्रस्तुत किया गया जिसमें आरोपी को 20 वर्ष के सश्रम कारावास एवं अर्थदण्ड से दंडित किया गया। इसी प्रकार जिला मुंगेली से चिन्हित अपराध में नाबालिक बच्ची से अनैतिक कृत्य करने वाले आरोपी बस कंडक्टर के विरूद्ध 13 दिवस के भीतर विवेचना पूर्ण कर चालान न्यायालय प्रस्तुत किया गया जिसमें आरोपी को 20 वर्ष का कठोर कारावास का दण्ड दिया गया। जिला सक्ती में नाबालिग से छेड़छाड के मामले में 24 घंटे में विवेचना पूर्ण कर चालानी कार्यवाही की गई जिसमें न्यायालय द्वारा आरोपी को 03 वर्ष का कारावास एवं अर्थदण्ड से दंडित किया गया। पुलिस महानिरीक्षक द्वारा इन प्रकरणों में सफलता के लिए संबंधित पुलिस अधीक्षकों की सराहना की गई। इस वर्चुअल बैठक में सम्मिलित पुलिस अधीक्षकों को आगामी दिनों में आने वाले पर्व अंतर्गत अक्षय तृतीया / परशुराम प्रगटोत्सव एवं ईद-उल-फितर पर्व को ध्यान में साम्प्रदायिक सौहार्द्र सुनिश्चित करने हेतु शांति समिति की बैठकआयोजित करने निर्देश दिये गये। इन पर्वो में पर्याप्त बल व्यवस्था लगाकर कानून-व्यवस्था एवं सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित करने हेतु कहा गया।उपरोक्त बैठक में संयुक्त संचालक अभियोजन एम. एल. पांडेय , सदानंद कुमार वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रायगढ़ , एम.आर. आहिरे पुलिस अधीक्षक सक्ती , संतोष कुमार सिंह पुलिस अधीक्षक बिलासपुर , आशुतोष सिंह पुलिस अधीक्षक सारंगढ-बिलाईगढ़ , यू.उदय किरण पुलिस अधीक्षक कोरबा , योगेश कुमार पटेल पुलिस अधीक्षक गौरेला पेंड्रा मरवाही , अनिल सोनी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जांजगीर-चांपा , श्रीमती दीपमाला कश्यप अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेंज पु.म.नि. कार्यालय बिलासपुर , श्रीमती प्रतिभा पाण्डेय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुंगेली एवं रेंज के अतिरिक्त संचालक , उप संचालक तथा अन्य अभियोजन अधिकारीगण उपस्थित रहे।
: बालको ने किया सप्ताहिक स्वास्थ्य शिविर का आयोजन
Thu, Apr 20, 2023
बालकोनगर, 20 अप्रैल 2023। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने समुदायों के बीच प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षित मातृत्व के महत्व को बढ़ावा देने के लिए आरोग्य परियोजना के तहत सप्ताहिक स्वास्थ्य अभियान का आयोजन किया। विश्व स्वास्थ्य दिवस और और राष्ट्रीय सुरक्षित मातृत्व दिवस के अवसर पर आयोजित अभियान में मल्टीस्पेशलिटी स्वास्थ्य शिविर और मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पोषण (एमसीएचएन) सत्र शामिल थे जिससे महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और दूरस्थ समुदायों के लोग लाभान्वित हुए।
बालको के सामुदायिक स्वास्थ्य शिविरों में मधुमेह, रक्तचाप जैसी सेवाओं के अलावा दंत चिकित्सकों, बाल रोग विशेषज्ञों, स्त्री रोग विशेषज्ञों, सामान्य चिकित्सकों और फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा विशेष परामर्श दी गई। कोरबा में माखुर पानी के आसपास रहने वाले 7 समुदायों के 130 से अधिक लोग लाभान्वित हुए। कंपनी ने सुरक्षित मातृत्व के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए औराकछार, चुईया, बेलगड़ी बस्ती और शिव नगर में मातृ शिशु स्वास्थ्य और पोषण (एमसीएचएन) सत्रों को आयोजित की। कोरबा जिला स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से आयोजित सुरक्षित मातृत्व और पोषण, हीमोग्लोबिन (एचबी) परीक्षण और चिकित्सा परामर्श दी गई, जिससे 4 समुदायों के 120 से अधिक गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को लाभ मिला।
बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने स्वास्थ्य अभियान के प्रभाव पर खुशी जाहिर करते हुए कहा कि कंपनी अपने संयंत्र के आसपास के समुदायों के लिए स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा लक्ष्य इस क्षेत्र में चिकित्सा सेवाओं को बढ़ाना है और इसके साथ दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और समुदाय के कमजोर वर्गों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार करना है।
आरोग्य परियोजना बालको का व्यापक स्वास्थ्य पहल है जो ग्रामीण स्वास्थ्य पोस्ट के माध्यम से प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं तथा कुपोषण को कम करने के साथ मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बढ़ावा देता है। परियोजना के तहत वित्तीय वर्ष 2023 में 30 से अधिक समुदायों के लगभग 30,000 लोग लाभान्वित हुए हैं।
‘उपचार आपके दरवाजे’ थीम पर संचालित चलित स्वास्थ्य इकाई की मदद से जरूरतमंदों को निःशुल्क परामर्श और चिकित्सा सुविधाएं दी जा रही हैं। वित्त वर्ष 2023 में एमएचवी से लगभग 14000 लोगों लाभान्वित हुए हैं। ग्रामीण स्वास्थ्य पोस्ट (आरएचपी) और हेल्थ चौपाल के तहत स्त्री रोग विशेषज्ञ द्वारा विशेष परामर्श से लगभग 170 किशोर, माताएं और बच्चे लाभान्वित हुए। बालको मल्टीस्पेशलिटी मेगा हेल्थ कैंप से वित्तीय वर्ष 2023 में लगभग 1700 लोग लाभान्वित हुए।
पोषण बाड़ी कार्यक्रम के तहत स्वस्थ पोषण की मदद से गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं और कुपोषित अबतक लगभग 300 परिवारों ने पोषण बाड़ी बनाए हैं। टीएचआर (टेक होम राशन) प्रशिक्षण से गर्भवती, स्तनपान कराने वाली माताओं और कुपोषित बच्चों के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा प्रदान किया जाने वाला एक पूरक खाद्य कार्यक्रम है जिससे व्यंजनों बनाने पर 600 से अधिक माताओं को प्रशिक्षित किया है। पीडी हर्थ कार्यक्रम के तहत लगभग 360 बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार लाने में मदद मिली है।
नई किरण परियोजना माहवारी स्वच्छता और स्वास्थ्य प्रबंधन पर महिलाओं और किशोरियों के बीच जागरूकता, क्षमता निर्माण और नेतृत्व विकास का निर्माण करती है। यह पहल 45 गांवों के लगभग 48000 से अधिक महिलाओं, पुरुषों, किशोर लड़कियों और लड़कों को संवेदनशील बनाने में मदद की है।
बालको के लिए समुदायों का सामाजिक-आर्थिक विकास सर्वोपरि है। कंपनी शिक्षा, स्थायी आजीविका, महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य संपदा, जल एवं स्वच्छता, खेल, संस्कृति और बुनियादी जरूरतों के विकास में गहन हस्तक्षेप के माध्यम से सालाना लगभग 1.67 लाख लोगों के जीवन को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप लाभ पहुंचा रही है। बालको के सामाजिक विकास प्रयास छत्तीसगढ़ के 4 जिलों को कवर करते हुए 123 गांवों तक पहुंचती है। कोरबा, कवर्धा, सरगुजा और रायपुर और इसकी सीएसआर नीतियों और प्रणालियों को जमीन पर स्थायी प्रभाव देने के लिए तैयार और कार्यान्वित किया जाता है जिससे इन समुदायों को राष्ट्र की प्रगति में एक समान भागीदार बनाया जाता है।
: बालको में लैंगिक संवेदीकरण पर कार्यशाला का आयोजन
Sun, Apr 16, 2023
बालकोनगर, 15 अप्रैल, 2023। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने अपने ट्रांसजेंडर कर्मचारियों को सम्मान देकर ट्रांसजेंडर डे ऑफ विजिबिलिटी मनाया। कंपनी ने बालको लर्निंग सेंटर (बीएलसी) में ट्रांसजेंडर नागरिकों की पृष्ठभूमि, समुदाय की सामाजिक स्थिति, मनोवैज्ञानिक समस्याएं एवं समाधान विषय पर दो दिवसीय लैंगिक संवेदीकरण कार्यशाला का आयोजन किया जो संबंधित विभागों और कार्यक्षेत्र में लैंगिक संवेदनशीलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किया गया। कार्यशाला का नेतृत्व छत्तीसगढ़ तृतीय लिंग कल्याण बोर्ड सदस्य एवं छत्तीसगढ़ मितवा संकल्प समिति की अध्यक्ष विद्या राजपूत, सचिव रवीना बरिहा और पोपी देवनाथ ने किया।बालको छत्तीसगढ़ के पहले उद्योगों में से एक है और देश की उन चुनिंदा मैन्युफैक्चरिंग कंपनियों में शामिल है जो ट्रांसजेंडर नागरिकों को रोजगार के अवसर दिए हैं। अब तक कंपनी ने अपनी कार्यस्थल में 15 ट्रांसजेंडर कर्मचारियों की भर्ती की है। कंपनी समान अवसर प्रदान करने और सभी कर्मचारियों के लिए एक सुरक्षित और समावेशी कार्यस्थल बनाने में विश्वास करती है। ट्रांसजेंडर डे ऑफ विजिबिलिटी पर उन्हें अपने विचार साझा करने के लिए आमंत्रित किया गया था कि कैसे कंपनी ट्रांसजेंडर समुदाय की एक बड़ी सहयोगी हो सकती है। ट्रांसजेंडर कर्मचारियों को अपने विचार, दृष्टि और बालको के साथ अपने भविष्य को बदलते हुए देखने के तरीके को व्यक्त करने के लिए एक मंच दिया गया। सुरक्षा और शॉपफ्लोर ऑपरेशन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में शामिल वे लगभग एक साल से कंपनी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए हैं।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने कहा कि बालको अपने कार्यस्थल में विविधता लाने के लिए प्रतिबद्ध है तथा इस परिवर्तन प्रक्रिया को तेज करने और मजबूत करने के लिए प्रयास करता है। कंपनी का यह पहलए समाज में सामाजिक परिवर्तन लाने और सभी के लिए समानता, गैर-भेदभाव और समान अवसरों का वातावरण बनाने की दिशा में एक कदम है। बालको राष्ट्र निर्माण में अपने कर्मचारियों के उच्च प्रतिभा का भरपूर उपयोग कर रहा है। प्रतिभा लैंगिक पूर्वाग्रहों से मुक्त होती है। कोई भी व्यक्ति जन्मजात प्रतिभाशाली नहीं होता बल्कि उसे तैयार करना पड़ता है। यह उचित समय है कि समाज के समग्र विकास के लिए ट्रांसजेंडरों के सशक्तिकरण की दिशा में काम करें।अपने अनुभव को साझा करते हुए बालको की सुरक्षा विभाग में कार्यरत ट्रांसजेंडर मधु मानिकपुरी ने कहा कि मैं बालको के कार्यबल का हिस्सा बनने के लिए आभारी हूं। मैं बालको के समावेशी और लैंगिक समानतापूर्ण कार्य संस्कृति का हिस्सा बनकर खुश हूं। उन्होंने बताया कि कंपनी द्वारा आयोजित लैंगिक संवेदीकरण कार्यशाला से कार्यस्थल में मुझे अधिक सहज और समर्थित महसूस करने में मदद मिली। मुझे बालको की सुरक्षा टीम का सदस्य होने पर गर्व है और कंपनी की सफलता में योगदान देने के लिए तत्पर हूं।
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