: सीएम के हाथों राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित हुये हेमंत पटेल
Mon, Aug 26, 2024
रायपुर - आज पंद्रह अगस्त स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर राजधानी स्थित पुलिस परेड लाइन में बलौदाबाजार भाटापारा जिला अंतर्गत आने वाले हथबंध थाना प्रभारी हेमंत पटेल आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के हाथों राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किये गये। यह वीरता पदक जिसे गेलेन्ट्री अवार्ड भी कहा जाता है वह अदम्य साहस , शौर्य और वीरता के लिये दिया जाता है। हेमंत पटेल ने अब तक 67 नक्सली आपरेशन मे नेतृत्व किया और हर आपरेशन में उन्होने अपनी बहादूरी , दूरदर्शिता और साहस का परिचय दिया है। यही कारण था कि उन्हें और अधिक जटिल आपरेशन मे शामिल किया जाता रहा और उन्होने अपने उच्चाधिकारियो के विश्वास पर खरा उतरते हुये हर आपरेशन में बेहतर प्रदर्शन किया और सफलता दिलायी। बताते चलें कि हर स्थिति को अपने अनुकूल बनाने में माहिर हेमंत पटेल वर्ष 2013 मे सब इंस्पेक्टर की परीक्षा प्रथम प्रयास में ही चयनित हो गये। इनमें साहस और वीरता कूट-कूट कर भरा था इसलिये जब उनकी पहली पदस्थाना छत्तीसगढ़ के आखिरी छोर और खतरनाक नक्सली क्षेत्र मे हुआ तो भी वे बिना माथे पर शिकन लाये बलरामपुर गये और इस क्षेत्र में सत्रह महीने बिताये। इन सत्रह महीनों में उन्होने अपनी पूरी निष्ठा और काबिलियत से लोगो को पुलिस का जनरक्षक चेहरा दिखाया और यह हेमंत पटेल की ही काबिलियत थी कि बलरामपुर की आम और खास जनता उन पर विश्वास करती थी। उन्होने इस दौरान अनेक जन हितकारी कैम्प लगाकर पुलिस और आम जनता के बीच के फासले को कम करने का सार्थक प्रयास किया। अपनी द्वितीय पदस्थापना धमतरी के बाद जब वे सुकमा आये जहां वे वर्ष 2019 से 2023 तक रहे । इसी दौरान उन्हे सुकमा के डीआरजी भेज्जी में कमांडर के पद पर रहकर नक्सल गश्त अभियान ग्राम भंडार पदर मे नक्सलियो द्वारा लगाये एम्बुश के काऊंटर एम्बुश कर नक्सली कमांडर माड़वी हिडमा को ढेर किया था। यह आपरेशन उन्होने अपनी जान हथेली पर रख कर किया था। इस आपरेशन में आर या पार की स्थिति थी जिसमे उन्होने अपने अदम्य साहस , मनोबल , शौर्य और त्वरित बुद्धिमतापूर्ण निर्णय से खतरनाक नक्सली कमांडर माड़वी हिड़मा को मार गिराया था। अनेक नक्सली हमलों में शामिल रहने वाले माड़वी हिड़मा के ढेर हो जाने से नक्सली गतिविधियो में कमी आयी। इसी बहादूरी के लिये 26 जनवरी 2024 को उन्हे गेलेन्ट्री अवार्ड के लिये नामित किया गया था जो आज उन्हे राष्ट्रपति की ओर से मुख्यमंत्री के हाथो प्रदान किया गया। वे अपनी इस सफलता और सम्मान का श्रेय अपने माता - पिता , गुरुजनों और अपने चाचाश्री घनश्याम पटेल के बहुमूल्य मार्गदर्शन को देते हैं। अपने ग्यारह साल के पुलिस केरियर में 67 नक्सली आपरेशन सफलता पूर्वक संचालित करने वाले हेमंत पटेल पर आज पूरा महासमुंद जिला गर्व करता है और महासमुंद का गांव खटखटी बसना में तो आज उत्सव का माहौल है जहां उनका जन्म हुआ। सरायपाली का प्राथमिक स्कूल कुटेला में निश्चित ही हेमंत पटेल की शौर्य गाथाओं से बच्चो को प्रेरित किया जायेगा , वही उनके हाईस्कूल शिशु संस्कार केन्द्र महासमुंद में विद्यार्थी अपने सीनीयर हेमंत पटेल पर गर्व करेंगे और बहादूरी के लिये उनका उदाहरण दिया जायेगा। उनकी उच्च शिक्षा जय हिंद कालेज महासमुंद मे हुई है जहां के प्राध्यापक अपने मेधावी शिष्य का उदाहरण अक्सर देते है और ये सभी उन्हे अपनी - अपनी शुभकामनायें लगातार प्रेषित कर रहे हैं।
: डरा धमका कर दैहिक शोषण करने का आरोपी जेल दाखिल
Mon, Aug 26, 2024
जांजगीर चाम्पा - डरा धमकाकर जबरदस्ती दैहिक शोषण करने के आरोपी को नवागढ़ पुलिस ने विधिवत त्वरित गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये नवागढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा ने अरविन्द तिवारी को बताया पीड़िता के द्वारा थाना नवागढ़ में रिपोर्ट दर्ज कराई कि ग्राम मुड़पार निवासी विकास खूंटे के द्वारा डरा धमकाकर जबरदस्ती उसका दैहिक शोषण किया गया। पीड़िता का प्रायवेट फोटो भी आरोपी अपने फोन में रखा था , जिसे वायरल करने की धमकी देता था। जिस पर से थाना नवागढ़ में अपराध क्रमांक 303/24 धारा 64(1) बीएनएस के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुये विवेक शुक्ला (आईपीएस) पुलिस अधीक्षक जांजगीर चांपा के निर्देशन में आरोपी विकास खूंटे निवासी मुड़पार थाना नवागढ़ को उसके निवास पर दबिश देकर पकड़ा गया। घटना के संबध में पूछताछ किये जाने पर उसने जुर्म करना स्वीकार किया। धारा सदर अपराध पाये जाने से नवागढ़ पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया। उपरोक्त कार्यवाही नवागढ़ थाना प्रभारी निरीक्षक भास्कर शर्मा , महिला प्रधान आरक्षक स्वाती गिरोलकर , आरक्षक संजय टंडन का सराहनीय योगदान रहा।गिरफ्तार आरोपी -विकास खूंटे पिता रामायण खूंटे उम्र 22 वर्ष निवासी मुड़पार , थाना नवागढ़ , जिला - जांजगीर चाम्पा (छत्तीसगढ़)
: युवा व्यवसायी की गोली मारकर हत्या करने का आरोपी जेल दाखिल
Mon, Aug 26, 2024
अम्बिकापुर - पचास हजार रुपये नगद एवं सोने के जेवर दिये जाने की बात कहने पर गोली मारकर युवा व्यवसायी की हत्या करने के आरोपी को विशेष पुलिस टीम के संयुक्त कार्यवाही से थाना गांधीनगर पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय अम्बिकापुर में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में पुलिस अधीक्षक सरगुजा योगेश पटेल (आईपीएस) ने इस हत्या मामले का खुलासा करते हुये बताया सूचक महेश कुमार केडिया निवासी पटपरिया थाना गांधीनगर ने गत दिवस 20 अगस्त को थाना गांधीनगर आकर गुम इंसान रिपोर्ट दर्ज कराया कि सूचक का पुत्र अक्षत अग्रवाल जो वर्तमान में दुकानदारी का काम करता हैं घटना दिनांक बीस अगस्त को शाम छह बजे अपने घर से सफेद रंग की एस्टर कार क्रमांक सी जी/ 10/बी एस / 4184 से बिना कुछ बताये निकला है और वापस घर नही आया है। गुम इंसान अक्षत अग्रवाल अपने साथ मोबाइल रखा हैं जो बंद बता रहा है , सूचक की रिपोर्ट पर गुम इंसान कायम कर गुमशुदा का लगातार पतातलाश किया जा रहा था। पुलिस टीम द्वारा पतातलाश के दौरान गुमशुदा अक्षत अग्रवाल के उपयोग किये जा रहे मोबाइल नम्बरो के सम्बन्ध में तकनीकी जानकारी प्राप्त कर गुमशुदा के सम्पर्क में रहे संदिग्ध युवक संजीव मण्डल उर्फ भानू कों उसके घर से घेराबंदी कर पकड़कर गुमशुदा अक्षत अग्रवाल के संबंध में पूछताछ किया गया। पूछताछ करने पर उन्होंने आरोपी दिनांक 20 अगस्त को शाम साढ़े छह बजे लगभग गुमशुदा अक्षत अग्रवाल के साथ उसके हुण्डई एक्सटर में बैठकर ग्राम मेण्ड्रा के पहाड़ घुटरी जंगल में जाकर गुमशुदा अक्षत अग्रवाल के सीने में पिस्टल से तीन गोली मारकर हत्या कर शव को हुण्डई एक्सटर कार में छोड़कर वापस आ जाना बताया। सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुये पुलिस टीम द्वारा आरोपी के निशानदेही पर बताये हुये जगह घटनास्थल पर पहुंचकर देखा गया। मौके पर हुण्डई एक्सटर कार क्रमांक सी जी/ 10/ बी एस/ 4184 के ड्रायविंग सीट पर गुमशुदा अक्षत अग्रवाल का रक्त रंजीत शव पड़ा हुआ था , मामले में मर्ग क्रमांक 83 / 24 धारा 194 बीएनएस कायम कर जांच में लिया गया। विवेचना के दौरान पुलिस टीम द्वारा मामले के संदेही संजीव मण्डल उर्फ भानू को पकड़कर पूछताछ करने पर आरोपी द्वारा अपना नाम संजीव मण्डल उर्फ भानु उम्र 29 वर्ष निवासी भगवानपुर रोहित इलेक्ट्रॉनिक्स के बगल में थाना गांधीनगर का होना बताया। आरोपी से घटना के सम्बन्ध में पूछताछ करने बताया कि गुमशुदा अक्षत अग्रवाल द्वारा आरोपी को 50000 रूपये नगद एवं सोने के जेवर दिये जाने की बात कहने पर आरोपी द्वारा मृतक की हत्या कारित करना स्वीकार किया गया। घटनाकारित करने पश्चात मृतक अक्षत अग्रवाल के गले में पहना चैन व हाथ में पहने दो अगुठी को निकाला और पिस्टल वाले थैले को लेकर अपने मोटरसायकल से इंजीनियरिंग कॉलेज के पास गया , जहां झाडी में तीनो बंदुक व गोली को झोला सहित फेंककर नगद रकम व सोने के जेवर को अपने घर के दराज में रखने के बाद आरोपी सो गया। आरोपी द्वारा हत्या की घटनाकारित किया जाना स्वीकार किये जाने पर अपराध सबूत पाये जाने से मामले में अपराध क्रमांक 489 / 24 धारा 103 बीएनएस. 25 -27 आर्म्स एक्ट 'का अपराध पंजीबद्ध कर आरोपी के निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त 03 नग लोहे का देशी पिस्टल 32 नग जिदा राउंड , 03 नग खोखा , 02 नग लोहे का मैगजीन बरामद किया गया। आरोपी के कब्जे से घटना में प्रयुक्त 01 नग हौंडा साइन मोटरसायकल , 500 रुपये के 96 नोट कुल 48000 रूपये एवं 01 नग मोबाइल , मृतक का 02 नग चैन , मृतक का 01 नग ब्रेसलेट , मृतक का 02 नग अंगूठी बरामद किया गया , जबकि शेष रकम खर्च होना बताया गया है। आरोपी के विरुद्ध पूर्व में भी कई आपराधिक प्रकरण दर्ज है, आरोपी आपराधिक किस्म का युवक है। धारा सदर अपराध सबूत पाये जाने से गांधीनगर पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस टीम द्वारा मामले में अग्रिम जांच विवेचना की जा रही है। इस सम्पर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी गांधीनगर निरीक्षक प्रदीप जायसवाल , साइबर सेल प्रभारी निरीक्षक मोरध्वज देशमुख , प्रभारी साइबर रेंज थाना निरीक्षक कलीम खान , स्पेशल टीम प्रभारी सहायक उप निरीक्षक विवेक पाण्डेय , सहायक उप निरीक्षक विनय सिंह , प्रधान आरक्षक सुधीर सिंह , गणेश कदम , आरक्षक अनुज जायसवाल , सुयश पैकरा , विकाश मिश्रा , रमेश राजवाड़े , सत्येंद्र दुबे , संजीव चौबे , विकास सिंह , अमित विश्वकर्मा , अरविन्द उपाध्याय , ऋषभ सिंह , उमाशंकर साहू , घनश्याम देवांगन , पंकज लकड़ा , संजय राजवाड़े , आरक्षक साइबर रेंज थाना विवेक किंडो का सराहनीय योगदान रहा।