: एसईसीएल अधिकारी के शव निकालने में एसडीआरएफ टीम को मिली कामयाबी
Tue, Jul 30, 2024
कोरबा - एसईसीएल की कुसमुंडा कोल परियोजना में खदान के निरीक्षण के दौरान पानी के तेज बहाव में बहे डिप्टी मैनेजर जितेंद्र नागरकर का शव को लगभग सोलह घंटे की लगातार रेस्क्यू के बाद आखिरकार एसडीआरएफ बिलासपुर की टीम ने बरामद करने में सफलता हासिल कर ही लिया। करीब सोलह घंटे तक चले रेस्क्यु ऑपरेशन के बाद उनकी लाश मलबे में दबी हुई मिली। इसके पहले दिन शाम को खदान के निरीक्षण के दौरान जितेंद्र सहित पांच अधिकारी पानी के सैलाब में बह गये थे , जिनमें से चार ने तो खुद को बचा लिया लेकिन जितेंद्र पैर फिसलने के कारण पानी के साथ बह गये और उनकी मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के पश्चात उनके परिजनों को सौंप दिया गया। गौरतलब है कि नागरकर महाराष्ट्र के चंद्रपुर जिले के निवासी थे और वेस्टर्न कोलफील्ड्स से तबादले के बाद कुसमुंडा परियोजना के लिये आये थे। कुसमुंडा खदान की गोदावरी कंपनी में ये हादसा हुआ है , जहां लगातार तीन घंटे तक लगातार बारिश होने पर खदान में जलभराव की स्थिति को देखने के लिये जितेंद्र नागरकर अपने चार साथियों के साथ निरीक्षण पर निकले थे। लगातार बारिश के चलते खदान में जलभराव की स्थिति देखने के लिये पांच अधिकारी नीचे उतरे थे , इसी दौरान अचानक आये पानी के तेज बहाव में सभी अधिकारी बह गये। इनमें से चार ने किसी तरह तैर कर अपनी जान बचाई और जितेन्द्र तेज बहाव में बह गया। कुछ घंटे इंतजार करने के बाद उन्होंने वहां से निकलने की सोची और इसी प्रयास में चार लोगों ने किसी तरह से तैरकर अपनी जान बचाई और जितेन्द्र तेज बहाव में बह गया। अन्य अधिकारियों ने इसकी सूचना तत्काल एसईसीएल प्रबंधन को दी जिसके बाद एसडीआरएफ की टीम बिलासपुर को भी इसकी सूचना दी गई। वहां से संचालक अग्नि शामक आपातकालीन तथा एसडीआरएफ परसदा बिलासपुर प्रभारी सुरेश कुमार ठाकुर ने एसडीआरएफ टीम के जवानों को तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन के लिये घटनास्थल रवाना किया , जहां डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेंट पीलाबाबू सिदार के नेतृत्व में रात भर चले रेस्क्यू ऑपरेशन के उपरांत दूसरे दिन सुबह जितेंद्र नागरकर का शव रेस्क्यू टीम को मिला। एसईसीएल अधिकारी की मौत से पूरे प्रबंधन में हड़कंप मच गया है , सुरक्षा में चूक हादसे की वजह मानी जा रही है। वहीं इस दु:खद हादसे के बाद एसईसीएल क्षेत्र में शोक की लहर व्याप्त है।इन जवानों की भूमिका रही सराहनीय -एसईसीएल अधिकारी के शव को रेस्क्यू आपरेशन के दौरान बरामद करने में एसडीआरएफ टीम बिलासपुर के जवानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस रेस्क्यू आपरेशन में मेजर ध्रुव कुमार साहू टीम प्रभारी , लीलाधर राठौर , सुशील ध्रुव , व्यास नारायण कंवर , दीपक तिवारी , धनेश्वर सिदार , रेखचंद लहरे और वाहन चालक जनक राम पटेल का सराहनीय योगदान रहा।
: पशु तस्करी करने के तीन आरोपी जेल दाखिल
Tue, Jul 30, 2024
बालोद - बिना चारा पानी व्यवस्था के टाटा आईचर वाहन में बत्तीस मवेशियों को ठूस ठूसकर क्रूरतापूर्वक भरकर महाराष्ट्र कत्लखाना ले जा रहे तीन आरोपियों को अर्जुन्दा पुलिस ने घेराबंदी कर गिरफ्तार करते हुये माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये पुलिस अनुविभागीय अधिकारी गुण्डरदेही श्रीमति गीता वाधवानी ने बताया कि थाना अर्जुन्दा क्षेत्र मे पशु तस्करी करने वाले लोगो को संदेह के आधार पर सतत निगाहें रखी जा रही थी। गत दिवस 27 जुलाई को थाना क्षेत्र में गस्त पेट्रोलिंग हेतु हमराह स्टाफ के रवाना हुआ था , तभी रात्रि करीबन ढाई बजे सूचना मिला कि गुण्डरदेही से कमरौद होते हुये अर्जुंदा की ओर टाटा आईचर क्रमांक एम०एच० 49 ए०टी० -4280 में कुछ व्यक्तियों के द्वारा ट्रक में मवेशियों को भरकर दिगर राज्य महाराष्ट्र कत्लखाना ले जाया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक महोदय एस.आर.भगत के मार्गदर्शन , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार जोशी के निर्देशन एवं पुलिस अनुविभागीय अधिकारी गुण्डरदेही श्रीमति गीता वाधवानी के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी अर्जुन्दा उनि मनीष शेण्डे के नेतृत्व में कार्यवाही हेतु टीम गठित किया गया। सूचना पर हमराह स्टाफ के कारगिल चौक पहुंचकर गवाहों को धारा 179 बीएनएसएस का नोटिस देकर रेड कार्यवाही पर अर्जुंदा कारगिल चौक के पास घेराबंदी किये। जहां मुखबिर के बताये अनुसार टाटा आईचर वाहन क्रमांक एम०एच० 49 ए०टी० 4280 को रोककर ड्राइवर सीट में बैठे व्यक्ति से नाम पता पूछने पर उन्होंने अपना नाम शेख समद पिता शेख जमीर उम्र 42 वर्ष निवासी टेकानाका दुर्गा माता मंदिर व मक्का मंजिस्द के पास थाना पांच पौली जिला नागपुर महाराष्ट्र व हेल्फर सीट में बैठे व्यक्ति अपना नाम वाहिद खान कुरैशी पिता नसरूद्वीन कुरैशी उम्र 21 वर्ष निवासी मिस्प्री थाना चिचगढ़ , जिला गोदिया महाराष्ट्र और गंगाराम परंदे पिता हीरालाल उम्र 35 वर्ष निवासी मिस्प्री वार्ड क्र० 02 थाना चिचगढ़ , जिला गोदिया महाराष्ट्र बताया। ये मवेशियों को वाहन में भरकर नागपुर महाराष्ट्र लेकर जा रहे थे , इनके संयुक्त कब्जे से 12 नग लाल रंग का बछड़ा , 13 नग सफेद रंग का बछड़ा , 03 नग काला रंग का बछड़ा , 02 नग सफेद रंग का गाय , 02 नग लाल रंग की बछिया , कुल 32 नग मवेशियां जिसे ट्रक में ठूस ठूसकर क्रुरता पूर्वक भरकर बिना चारा पानी व्यवस्था के ट्रक में भरा गया था। 32 नग मवेशियां कीमती 80000 रूपये मिला व आरोपी चालक शेख समद के कब्जे से वाहन टाटा आईचर क्र. एम०एच० 49 ए०टी० 4280 कीमती 20000 रूपये मय चाबी , 01 नग लावा कंपनी का कीपेड मोबाइल मय सिम कीमती 1500 रूपये व आरोपी गंगाराम परंदे के कब्जे से एक कीपेड जीवो भारत कंपनी का मोबाइल मय सिम कीमती 1500 रूपये , जुमला कीमती 2083000 रूपये मिला। मवेशियों को गौशाला संरक्षण में भेजकर अर्जुन्दा पुलिस ने तीनों आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया। इस सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना अर्जुन्दा उनि मनीष शेण्डे , सउनि विश्वजीत मेश्राम , प्रधान आरक्षक विरेन्द्र साहू , आरक्षक दमन वर्मा , पुरानिक साहू और प्रमोद साहू का महत्वपूर्ण योगदान रहा।गिरफ्तार आरोपी -शेख समद पिता शेख जमीर उम्र 42 वर्ष निवासी नागपुर टेकानाका दुर्गा माता मंदिर व मक्का मंजिस्द के पास थाना पांच पौली जिला नागपुर महाराष्ट्र , वाहिद खान कुरैशी पिता नसरूद्वीन कुरैशी उम्र 21 वर्ष निवासी मिस्प्री थाना चिचगढ़ जिला गोदिया महाराष्ट्र और गंगाराम परंदे पिता हीरालाल उम्र 35 वर्ष निवासी मिस्प्री वार्ड क्र० 02 थाना चिचगढ़ जिला गोदिया (महाराष्ट्र)।
: विश्व सर्प दिवस में जिले के लोगों ने कार्यक्रम में लिया भाग,कोरबा जिला दुर्लभ सरीसृपों का बना घर।
Sun, Jul 28, 2024
कोरबा – कोरबा जिला वन्य जीवन के दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां तेंदुओं, हाथियों, ऊदबिलाव, उड़न गिल्लहरी का घर होने के अलावा किंग कोबरा का प्राकृतिक आवास भी है। यह मध्य भारत में किंग कोबरा का एकमात्र घर है। इसमें संरक्षण हेतु स्थानीय समुदायों का अहम भूमिका होती हैं और इनके व क्षेत्र में काम करने वाले वन्यजीव विशेषज्ञों के बीच अंतर को पूरा किए बिना ऐसी प्रजातियों का संरक्षण संभव नहीं हो सकता है। साथ ही किसी भी प्रजाति के संरक्षण के लिए स्थानीय लोगों की भागीदारी महत्वपूर्ण है। हर साल 16 जुलाई को विश्व सर्प दिवस के रूप में मनाया जाता है, जिसका एकमात्र उद्देश्य आम लोगों को साँपों के रहस्यमई जीवन के बारे में जागरूक करना और उनका संरक्षण क्यों महत्वपूर्ण है यह बताना। इसी कड़ी में नोवा नेचर वेलफेयर सोसायटी कोरबा वन मण्डल में किंग कोबरा प्रोजेक्ट पर काम कर रही है और इस वर्ष श्री अरविंद पीएम वन मण्डलाधिकारी, प्रशिक्षु वन मंडलाधिकारी श्री चंद्र कुमार अग्रवाल आईएफएस के मार्गदर्शन और श्री आशीष खेलवार श्री सूर्यकांत सोनी उप-विभागीय अधिकारियों के संयुक्त तत्वाधान में नोवा नेचर वेलफेयर सोसाइटी ने विभिन्न प्रकार के ऑनलाइन कार्यक्रम आयोजित किए थे। जिसमें रील मेकिंग, ड्राइंग, क्विज़ आदि शामिल थे पूरे कोरबा के छात्रों ने इस कार्यक्रमों में भाग लिया था जिसमें भाग लिए प्रतिभागियों को पुरस्कृत करने एवम विश्व सर्प दिवस मनाने के लिए वन विभाग के हाल में अयोजित कार्यक्रम आयोजित किया गया जहां सभी को प्रोजेक्टर के माध्यम से चलचित्र दिखाए गए, उसके पश्चात चित्रकला में भाग लिया बच्चों को किंग कोबरा फ्रेम सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया जिसमें प्रथम स्थान श्रृष्टि शर्मा, दूसरा स्थान प्रिंस कुमार, तीसरा स्थान राहुल यादव फिर रील बनाने में प्रथन स्थान सैलेश, लहरे, दूसरा स्थान स्वेता उपाधाय तीसरा स्थान भूमिका टंडन प्रशन/उत्तरी में प्रथान स्थान संजना बर्वे दूसरा स्थान कृष्णा बर्वे और तीसरा स्थान श्रद्धा को मिला उसके साथ ही बताया गया की किंग कोबरा क्यों महत्वपूर्ण है और कोरबा वन क्षेत्र में इसका संरक्षण इतना आवश्यक क्यों है इतना ही नहीं किंग कोबरा पर चल रहे प्रोजेक्ट ने ऐसे लोगों की पहचान की है जो किंग कोबरा संरक्षण में स्वेच्छा से सहयोग करना चाहते हैं। टीम को रिस्पांस टीम के रूप में जाना जाता है, जिसका उद्देश्य सांप बचाव, मानव वन्यजीव संघर्ष की स्थिति, वन्यजीव अपराध और वन्यजीव संबंधी मुद्दों के दौरान संरक्षण प्रयासों का समर्थन करना है। टीमों ने वन विभाग के साथ बातचीत की और प्रतिक्रिया टीम के काम पर चर्चा की गई, इस कार्यक्रम में अगोरा इको टूरिज्म से सेजल दुबे, डॉक्टर आलोक साहू, नोवा नेचर वेल्फेयर सोसाइटी के सचिव मोइज अहमद, जितेंद्र सारथी, मयंक बक्शी, सिद्धांत जैन, उपेंद्र चौहान, राजू बर्मन और संख्या में बच्चों के साथ जिले के नागरिक उपस्थित रहें।