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: प्रतिबंध के बावजूद आखिर किसके इशारे पर धड़ल्ले से हो रहा रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन कार्य, तस्करों को कार्यवाही की जगह किसका मिल रहा प्रश्रय

Mukesh Kumar Bharti

Sat, Sep 24, 2022
_________________________ *कोरबा/पाली:-* कलेक्टर के सख्त निर्देश के बाद भी नदियों में अवैध रेटघाटों का संचालन हो रहा है और रेत माफिया बेधड़क रेत उत्खनन कर प्रशासनिक कडाइयों का माखौल उड़ा रहे है। जहाँ पाली के आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित नदी- नालों से रेत का अवैध उत्खनन एवं परिवहन के कार्य सारे नियम- कानून को दरकिनार कर बेख़ौफ तरीके से जारी है। क्षेत्र के ग्राम नानपुलाली, पोड़ी, पुलालीकला, लाफा, खैराबहार, मुनगाडीह, तालापार स्थित नदी एवं नालों से रेत का अवैध उत्खनन चरम पर है। जिसे ट्रैक्टर्स के माध्यम से नगर एवं आसपास ऊंचे दर पर खपाया जा रहा है। ज्ञात हो कि जिला प्रशासन के निर्देशानुसार 15 अक्टूबर तक रेत घाटों व नदी- नालों से रेत उत्खनन एवं परिवहन कार्य पर पूर्ण रूप से रोक लगाई गई है, बावजूद इसके प्रशासन के निर्देशों को धत्ता बताते हुए उक्त कार्य पाली क्षेत्र में जोरों से संचालित है। ऐसा नही है कि रेत की चोरी, तश्करी करने वाले तस्करों के करतूतों की जानकारी सम्बंधित अमलों को न हो, बावजूद इसके प्रतिबंध अवधि में भी रेत का खेल धड़ल्ले से चल रहा है। जिसमे दर्जन भर से अधिक ट्रैक्टर्स लगे हुए है जो रेत भरकर सड़कों पर रोजाना फर्राटे भरते नजर आ ही जाएंगे। ऐसे में कार्यवाही ना होना इस बात की ओर इशारा करता है कि कहीं ना कहीं रेत के अवैध कारोबार को लेकर किसी ना किसी की मौन सहमति तो जरूर मिली हुई है। जिसके ही कारण शायद प्रशासनिक नियमों को ताक पर रखकर रेत तस्करों द्वारा खुलेआम रेत उत्खनन एवं परिवहन के कार्य को बेखौफ अंजाम दिया जा रहा है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर अवैध रेत कारोबारियों को हौसला कौन दे रहा है और इन्हें किनका संरक्षण मिल रहा है? जो मुफ्त में रेत निकालकर 15 सौ से 2 हजार कीमत पर इसे बेच रहे है। ऐसे में नदी- नालों से रेत उत्खनन पर प्रतिबंध लगे होने के बाद तो जैसे उक्त कार्य मे संलिप्त लोगों के पौ बारह हो चले है और इस खेल में जमकर धन बटोरने में लगे हुए है। जिसके कारण शासन को जमकर राजस्व की क्षति पहुँच रही है। जिस पर दूर- दूर तक किसी भी प्रकार की कार्यवाही देखने को नही मिल रही है। *चालकों पर नही, वाहन मालिकों पर कार्रवाई की नई नीति हवा- हवाई* शासन द्वारा अवैध रेत उत्खनन पर नई नीति लागू की गई है, जिसके तहत यदि अवैध खनिज दोहन करते कोई वाहन पकड़ाता है तो चालकों पर नही बल्कि वाहन मालिकों पर कार्रवाई होनी है। जिस नीति के तहत वाहन स्वामी पर शिकंजा कसा जाने का नियम बनाया गया है, ताकि खनिज बहुतायत जिले में हो रहे अवैध खनिज दोहन पर अंकुश लग सके। लेकिन जिला प्रशासन, खनिज विभाग व पुलिस की दूरदर्शिता रवैये से अवैध खनिज उत्खनन व परिवहन पर रोक लगाने शासन की मंशा पूर्ण नही हो पा रही, और उक्त नीति हवा- हवाई होकर रह गई है।

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