: अंधविश्वास में किये कत्ल के मामले में तीन महिला समेत चार आरोपी जेल दाखिल
Sun, Oct 20, 2024
सक्ती - जिले के बाराद्वार थाना अंतर्गत तांदुलडीह में घटित चर्चित घटना अंधविश्वास में दो सगे भाईयों की जान चले जाने के मामले का पुलिस ने चौबीस घण्टे के भीतर किया अंधविश्वास में किये कत्ल का पर्दाफाश करते हुये मामले के तीन महिलाओं समेत चार आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से महिला आरोपियों को बिलासपुर जेल और पुरूष आरोपी को सक्ती जेल भेज दिया गया।
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सक्ती सुश्री रमा पटेल ने अरविन्द तिवारी को बताया कि ग्राम तांदुलडीह से सूचक संदीप सिदार पिता जयलाल सिदार ने गत 17 अक्टूबर को थानें में सूचित किया कि सूचक की बडी मां फिरीत बाई का घर अंदर से बंद है , पूजा पाठ करने की आवाज आ रही है। सूचना पर मौके में पहुंचकर घर को खुलवाया गया जिस दरमियान घर के अंदर अमरिका सिदार कुर्सी में बैठी थी , जमीन में फिरीत बाई , विशाल सिदार और चंन्द्रिका सिदार बैठे थे। घर के अंदर कमरेें में बिस्तर पर सूचक के रिश्तेदार विक्रम गोंड़ और विक्की गोंड़ अचेत अवस्था मे लेटने की स्थिति में पडे हुये थे। मौके पर उपस्थित ग्रामीणों से विक्रम और विक्की के शरीर को चेक कराने पर मृत होना बताये। मौके पर ही शून्य पर घटना के सबंध में मर्ग पंजीबद्ध कर मृतकों के शव को अग्रिम परीक्षण हेतु जिला अस्पताल सक्ती भेजा जाकर नंम्बरी मर्ग थाना में कायम किया गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुये पुलिस महानिरीक्षक महोदय बिलासपुर रेंज डा० संजीव शुक्ला एवं पुलिस अधीक्षक महोदया जिला सक्ती सुश्री अंकिता शर्मा के मार्गदर्शन में त्वरित कार्यवाही करते हुये जिला अस्पताल सक्ती के डाक्टरों की टीम , एफएसएल टीम एवं पुलिस दल के साथ घटना स्थल का बारिकी से निरीक्षण किया गया , जिसमें घटना दिनांक को मृतकों के द्वारा खाये गये पदार्थ , घर में पाई गई दवाईयां , पूजन सामग्री एवं साहित्य इत्यादि की जांच तस्दीक की गई। जांच क्रम में गवाह संदीप सिदार , बद्रिका नेताम तथा दीपक गोड के बयान शव पंचनामा तथा विशेषज्ञ चिकित्सक दल के द्वारा प्रदत्त शव परीक्षण रिपोर्ट में मृतक विक्की सिदार उम्र 20 वर्ष तथा मृतक विक्रम सिदार उम्र 22 वर्ष की मृत्यु के सबंध में मृत्यु का कारण Antimortem smoothering लेख कर स्पष्ट अभिमत दिया गया है। साथ ही पीएम के दौरान मृतकों के शरीर में जहरीले पदार्थ के अंश होने की संभावना व्यक्त की गई है , जिसका परीक्षण कराया जाना है। मर्ग जांच में संज्ञेय अपराध घटित होना पाये जानें पर थाना बाराद्वार में अपराध क्रमांक 260/2024 धारा 103(1) , 3(5) बी एन एस पंजीबद्ध किया गया है। विवेचना के क्रम में संदेही अमरिका सिदार , फिरीत बाई , विशाल सिदार और चंन्द्रिका सिदार सेे गवाहन की उपस्थिति में पूछताछ करने पर घटना सदर के अपराध को कारित करना स्वीकार किया गया तथा मुताबिक मेमोरंण्डम आरोपीगणों द्वारा घटना में प्रयुक्त कीटनाशक का डिब्बा , हवन सामग्री , पूजा सामग्री , पोंछा कपड़ा , मृतक का गीला बिस्तर एवं बाबा उमांकांत सबंधी साहित्य गवाहों के समक्ष विधिवत जप्त किया गया है। मामले में पर्याप्त सबूत पाये जानें पर आज बाराद्वार पुलिस ने सभी आरोपीगणों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से महिला आरोपियों को बिलासपुर और पुरूष आरोपी को सक्ती जेल भेज दिया गया। इस मामले का खुलासा करने में जिला दण्डाधिकारी महोदय अमृत विकास तोपनो के मार्गदर्शन में खण्ड चिकित्सा अधिकारी सक्ती सूरज सिंह राठौर एवं डाक्टरों की टीम के विशेष सहयोग रहा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सक्ती सुश्री रमा पटेल एवं अनुविभागीय अधिकारी पुलिस सक्ती मनीष कुवर के पर्यवेक्षण में थाना बाराद्वार के उप निरीक्षक अनवर अली , निरीक्षक कमल किशोर महतो , निरीक्षक सतरूपा तारम , उप निरी० भुपेन्द्र चंद्रा , सउनि नजीर हुसैन , प्र०आर० अरूण कौशिक , म०प्र०आर० बिन्दुराज , चंद्रकलाॅ सोन , प्र०आर० सूरेन्द्र खाण्डेकर , म०आर० गुरूबारी दिनेश , सरिता हरवंश , आर० फूलचंद जाहिरे , राम कुमार यादव , रतन विश्वकर्मा , गौतम तेंदुलकर , कंचन सिदार , किशोर सिदार , डायल 112 आर० अजय बंजारे , आर० किशन राज का त्वरित कार्यवाही कर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सराहनीय योगदान रहा है।गिरफ्तार आरोपीगण -अमरिका सिदार पिता जगेश्वर सिदार उम्र 27 वर्ष , चन्द्रिका सिदार पिता स्व. जगेश्वर सिदार उम्र 29 वर्ष , फिरीत बाई पति स्व. जगेश्वर सिदार उम्र 50 वर्ष और विशाल सिदार पिता जगेश्वर सिदार उम्र 19 वर्ष सभी निवासी तांदुलडीह थाना बाराद्वार जिला सक्ती (छ.ग.)
: बालको एवं बिहान के संयुक्त प्रयास से महिलाएं बन रही हैं आत्मनिर्भर
Sun, Oct 20, 2024
*बालकोनगर, 14 अक्टूबर 2024।* कोरबा कलेक्ट्रेट में मुख्य अतिथि श्रीमती रीना अजय जायसवाल, जिला पंचायत उपाध्यक्ष, कोरबा और श्री चिराग ठक्कर जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने टी एवं कॉफी आउटलेट ‘उनाटी’ का उद्घाटन किया। छत्तीसगढ़ में संचालित ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के सहयोग से बालको की उन्नति परियोजना के माइक्रो एंटरप्राइज ‘उनाटी’ के स्टॉल की शुरूआत की गई। स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की महिलाएं कलेक्ट्रेट में विभिन्न फ्लेवर की चाय, कॉफी और नाश्ता बेचेंगी। बिहान और बालको द्वारा एसएचजी महिलाओं को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके बेहतर जीवनशैली को सुनिश्चित करने की दिशा में यह एक मजबूत कदम है।
कलेक्ट्रेट परिसर में उन्नति परियोजना के अंतर्गत आउटलेट ‘उनाटी’ को ग्राम नकटीखार की मातृ भूमि स्व सहायता समूह द्वारा संचालित किया जाएगा। यहां जसपूर एवं बस्तर से उत्पादित चाय तथा कॉफी के विभिन्न फ्लेवर के साथ छत्तीसगढ़ी पारंपरिक कलेवा का स्वाद भी ग्राहक ले सकेंगे। उन्नति परियोजन के छत्तीसा माइक्रो एंटरप्राइज द्वारा निर्मित सलोनी, खाजा और चॉकलेट भी यहां पर विक्रय हेतु उपलब्ध रहेंगे। महिलाओं के द्वारा संचालित इस उद्यम का उद्देश्य ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देना है, इसीलिए बालको एवं बिहान मंच के संयुक्त प्रयास से ऐसे अन्य उद्यम इकाइयों की स्थापना और प्रोत्साहन की योजना है।बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी एवं निदेशक श्री राजेश कुमार ने उन्नति परियोजना की प्रशंसा करते हुए कहा कि जिला प्रशासन के सहयोग से हम समुदाय में सकारात्मक बदलाव के लिए कटिबद्ध हैं। उन्होंने कहा कि महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त बने तथा समाज में अपनी स्वतंत्र पहचान स्थापित करें। श्री कुमार ने कहा कि महिलाएं अपने परिवार, समाज और देश को बुलंदियों पर ले जाने में अपना योगदान दे रही हैं।श्री चिराग ठक्कर जिला कार्यक्रम प्रबंधक ने एसएचजी महिलाओं को संबोधित किया और बिहान कार्यक्रम की ओर से सक्रिय सहभागिता के विषय में बताया। उन्होंने कहा कि यह सूक्ष्म उद्यम महिलाओं के स्वावलम्बन और सामाजिक सशक्तिकरण की दिशा में उल्लेखनीय प्रयास है। छत्तीसगढ़ में मिशन बिहान एक महत्वाकांक्षी योजना हैं जो एसएचजी महिलाओं को रोजगार के लिए एक निश्चित प्लेटफ़ार्म उपलब्ध कराता है। जहां वो अपने निर्मित सामग्रियों को आसानी से बिक्री कर सकें।‘उनाटी’ प्रशिक्षण प्राप्त करने वाली नकटीखार की रामबाई ‘मातृ भूमि’ स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं। बालको के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि बालको के सहयोग से आज मैं खुद के पैरों पर खड़ी हूं। आर्थिक आत्मनिर्भरता ने मुझे एक नया आत्मविश्वास दिया है। अब मैं घर के खर्च में भागीदारी निभाने में सक्षम हूं।बालको की उन्नति परियोजना एसएचजी की महिलाओं के लिए लक्षित कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रदान करती है। 'छत्तीसा' के अंतर्गत एसएचजी महिलाओं को पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन बनाना का प्रशिक्षण दिये गए हैं। उन्नति परियोजना सामुदायिक और सामाजिक सेवाओं के लिए समर्पित एक गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) जीपीआर स्ट्रेटजीज एंड सॉल्यूशंस (जीपीआरएसएस) के साथ साझेदारी से चल रही है। जीपीआरएसएस के सहयोग से महिलाओं को अनेक गतिविधियों से जोड़ा गया है जिससे उन्हें आजीविका प्राप्त करने और खुद के पैरों पर खड़े होने में मदद मिली है। कोरबा के 45 शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगभग 531 स्वयं सहायता समूहों की लगभग 5768 महिलाओं को विभिन्न कार्यक्रमों से लाभ मिल रहा है।
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: बालको की विभिन्न परियोजनाओं से लड़कियां बन रही हैं सशक्त
Sun, Oct 20, 2024
*बालकोनगर, 12 अक्टूबर, 2024।* शक्ति की उपासना के ये नौ दिन, उर्जा आत्मसात करने के होते हैं। सही मायने में शक्ति को पहचानना ही नवरात्र उत्सव मनाना है। महिलाएं अपने आंतरिक शक्ति को पहचानते हुए समाज में खुद को सशक्त बना रही हैं। कंपनी ने स्थानीय समुदाय की लड़कियों को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए उल्लेखनीय पहल कियें हैं। समावेशी और समान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा कंपनी के सामुदायिक विकास प्रयासों में प्रमुख स्तंभ है। लड़कियों के स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वावलंबन, पोषण और मार्गदर्शन में कंपनी द्वारा संचालित नंदघर, वेदांता स्किल स्कूल, नयी किरण एवं कनेक्ट परियोजना महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहें हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के सहयोग से अनिल अग्रवाल फाउंडेशन द्वारा नंद घर अत्याधुनिक आंगनवाड़ी मॉडल प्रदान करता है, जो ई-लर्निंग से सुसज्जित है। बच्चे की विकासात्मक यात्रा में स्कूली शिक्षा की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका होती है। यह आजीवन सीखने, मानसिक विकास और आवश्यक सामाजिक कौशल का निर्माण करता है। कंपनी, बाला (बिल्डिंग एज लर्निंग एड) पेंटिंग और डिजिटल लर्निंग सहित इंटरैक्टिव लर्निंग मॉडल के माध्यम से सर्वोत्तम श्रेणी के पाठ्यक्रम प्रदान करने का काम कर रही है। बालको द्वारा संचालित 33 नंद घर में 50 प्रतिशत से अधिक 423 बच्चियां बेहतर शिक्षा एवं पोषण प्राप्त कर रही हैं।
वर्ष 2016 में ‘परियोजना कनेक्ट’ की शुरूआत की गई। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के माध्यम से स्थानीय लड़कियों को आगामी पढ़ाई के लिए बेहतर अवसर प्राप्त हुए। कनेक्ट परियोजना के माध्यम से सेमा (विज्ञान, अंग्रेजी, गणित और लेखा) विषयों पर नियमित कक्षाओं से छात्राएं लाभान्वित हुई हैं। साथ ही व्यक्तित्व विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए इस परियोजना में कला, शिल्प, नृत्य, संगीत, कैलीग्राफी, स्पोकेन इंग्लिश, मिट्टी के बर्तन, योग और एरोबिक्स आदि का ज्ञान दिया जाता है।कंपनी ने समुदाय में नयी किरण परियोजना के अंतर्गत माहवारी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता प्रबंधन पर जागरूकता अभियान चलाया। माहवारी संबंधी मिथकों और भ्रांतियों को दूर करते हुए स्वच्छता प्रथाओं को विकसित किया है। कंपनी ने छत्तीसगढ़ राज्य में जागरूकता कार्यक्रम के माध्यम से 48,000 से अधिक लोगों को जागरूक किया है। इसकी मदद से लड़कियां खुलकर माहवारी जैसे विषय पर बात कर रही हैं।रोजगारपरक कौशल से स्वावंलबी बनाने के उद्देश्य से बालको ने 2010 में वेदांता स्किल स्कूल की स्थापना की थी। वित्तीय वर्ष 2024 में 1241 प्रशिक्षार्थियों को कार्यक्रम से लाभ हुआ जिनमें 72% छात्राएं थीं। वेदांता स्किल कुल सात ट्रेडों में मुफ्त आवासीय प्रशिक्षण प्रदान कर रहा है। 45 से 60 दिनों के प्रशिक्षण कार्यक्रम को राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) के दिशानिर्देशों के अनुसार पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। इससे स्थानीय लड़कियों को रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त हुए हैं तथा वो बाधाओं को पीछे छोड़ राष्ट्र विकास में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही हैं।
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