: 'रन फॉर जीरो हंगर' अभियान से जरूरतमंद बच्चों को मिलेगा पौष्टिक भोजन
Mon, Oct 7, 2024
बालकोनगर 28 सितंबर, 2024। वेदांता समूह की कंपनी भारत एल्यूमिनियम कंपनी लिमिटेड (बालको) ने वेदांता दिल्ली हाफ मैराथन (वीडीएचएम) के अंतर्गत टाउनशिप वाकथॉन का आयोजन किया। 20 अक्टूबर तक चलने वाले वीडीएचएम 'रन फॉर जीरो हंगर' अभियान में बालको ने अबतक 10 लाख किलोमीटर का सफर तय कर लिया है। वेदांता कर्मचारियों के लिए एक फ़िटनेस ऐप भी लॉन्च किया है। इस ऐप से पता चलेगा कि कर्मचारी कितने किलोमीटर की दौड़ तय कर चुके हैं।
दिल्ली हाफ मैराथन के आयोजक वेदांता ने संकल्प लिया है कि कर्मचारियों के प्रत्येक किमी दौड़ने पर एक जरूरतमंद बच्चे को पौष्टिक भोजन मिलेगा। इससे ज्यादा से ज्यादा लोग खुद को फिट करने के उद्देश्य से मैराथन से जुड़ेंगे और उनके दौड़ने से लाखों जरूरतमंद बच्चों को पौष्टिक भोजन मिलेगा। कंपनी ने वीडीएचएम के अंतर्गत विभिन्न वॉकथॉन कार्यक्रम आयोजित किय हैं। स्वास्थ्य के साथ सामाजिक भलाई को बढ़ावा देते हुए बालको कर्मचारियों तथा उनके परिवारजन ने टाउनशिप के रन फॉर जीरो हंगर में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पिछले हफ्ते बालको कर्मचारी, व्यावसायिक साझेदारों, विद्यार्थी और समुदाय के 1400 से अधिक लोग दौड़ में शामिल हुए।
अनिल अग्रवाल फाउंडेशन द्वारा बाल विकास में योगदान देने के उद्देश्य से नंद घर परियोजना की शुरूआत की गई है। समुदाय के साथ-साथ कंपनी बच्चों के सर्वागीण विकास में विश्वास रखती है। यह कंपनी के कुपोषण मुक्त भारत बनाने की प्रतिबद्धता के अनुरूप है। वेदांता समूह नंद घर परियोजना से देश भर में सात करोड़ बच्चों और दो करोड़ महिलाओं के जीवन को प्रभावित करने की दिशा में काम कर रहा है।
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: कोरबा में औद्योगिक प्रगति से हो रहा आर्थिक विकास
Mon, Oct 7, 2024
औद्योगिक विकास का असली मकसद है वहां रहने वाले नागरिकों को समृद्ध बनाना। समृद्धि का पर्याय उत्पादन और उत्पादकता के कीर्तिमानों भर से नहीं है बल्कि कारखाने से प्रत्यक्ष अथवा परोक्ष रूप से जुड़े नागरिकों के जीवन स्तर में उठाव और उनके चेहरों पर आने वाली मुस्कान ही विकास का असली मानदंड है। छत्तीसगढ़ में बालको की प्रगति का अर्थ सरकारी राजस्व में वृद्धि प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रोजगार के अवसरों में बढ़ोत्तरी, ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिक्षा स्वावलंबन, बिजली, सड़क जैसी आधारभूत संरचना के विकास, पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन, प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसरों से भी है।
कोरबा एक औद्योगिक नगरी है जहां पर विभिन्न कंपनियां अपने विकास कार्यों से इसे नई उंचाईयों पर लेकर जा रहे हैं। इन्हीं में से एक बालको हमेशा अपने स्थानीय समुदाय के जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रयासरत रहा है। कर्मचारियों की भलाई के साथ-साथ कंपनी ने छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के लिए कटिबद्ध रहा है।आज छत्तीसगढ़ में बिजली, कुशल श्रमिक, भरपूर खनिज तथा रॉ मटेरियल बहुतायत में उपलब्ध है जो इसे आधारभूत संरचना, स्टील, एल्यूमिनियम उद्योग आदि में निवेश के लिए सबसे आकर्षक स्थान बनाता है। बालकों ने विनिवेश के बाद दो दशकों में ऐसे रचनात्मक माहौल के प्रोत्साहन की वकालत की है जो अधिक से अधिक रोजगार और उद्यमिता के अवसरों के सृजन की बात करता है।संयंत्र के माध्यम से प्रत्यक्ष एवं परोक्ष रूप से छत्तीसगढ़ के स्थानीय नागरिक देश के विकास में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करें, इस दिशा में निरंतर प्रयास किए गए हैं। इसी का परिणाम है कि आज बालकों में कार्यरत कुल मानव श्रम का अधिकांश हिस्सा छत्तीसगढ़ का है। इसी प्रकार 84 फीसदी नियमित कर्मचारी तथा 86 प्रतिशत आउटसोर्सड कर्मचारी छत्तीसगढ़ राज्य से हैं।कंपनी ने ‘पंछी परियोजना’ के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की 86 बेटियों के चयन और उनकी रूचि अनुसार उन्हें उचित शिक्षा दिलाने तथा उच्च औद्योगिक उपक्रम में काम करने के लिए प्रशिक्षित कर रहा है। इस कदम से उन बेटियों को कुछ नया कर दिखाने का हौसला मिलेगा जिनकी प्रगति की उड़ान पूरी तरह से थम चुकी थी। ‘पंछी परियोजना’ की मदद से ये महिलाएं विकास की मुख्यधारा से जुड़ कर दुनिया को यह दिखा सकेंगी कि अगर जज्बे को सही प्रेरणा मिल जाए तो आकाश की ऊंचाइयां इनके मजबूत इरादों के पंखों से जीती जा सकती हैं। दिव्यांग और थर्ड जेंडर समुदाय के युवा भी वेदांता समूह की प्रगतिशील परियोजनाओं का हिस्सा बनकर देश की आत्मनिर्भरता में योगदान करने में सक्षम हुए हैं।बालको अपने कर्मचारियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए कई नीतियां और योजनाएं लागू किया है। इनमें से कुछ नीतियां और योजनाएं हैं- बालको अपने कर्मचारियों के बच्चों के विकास में मदद करने के लिए पेरेंटहुड चाइल्डकेयर पॉलिसी प्रदान करता है। कर्मचारियों को नियमित समय पर वेतन तथा उत्कृष्ट कार्य के लिए निरंतर पुरस्कार एवं सम्मान देकर प्रोत्साहित किया जाता है। कर्मचारियों को उत्कृष्ट श्रेणी की सुविधाओं के साथ रहने एवं खाने के लिए क्वार्टर, हॉस्टल तथा कैंटीन उपलब्ध है। उत्पादकता बढ़ाने के लिए कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण और सुरक्षा कार्यक्रमों की व्यवस्था है।बालको कर्मचारी अपने कर्तव्यों को सुरक्षित और कुशलता से पूरा करने के लिए कटिबद्ध हैं। कर्मचारियों और व्यावसायिक साझेदारों की भलाई, सुरक्षा और विकास को प्राथमिकता देकर बालको ने खुद को सफलता के लिए तैयार किया है।
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: रूपयों के लालच में वृद्ध व्यक्ति की हत्या करने का आरोपी जेल दाखिल
Sun, Oct 6, 2024
रायगढ़ - आसान रूपयों के लालच में आकर योजनाबद्ध तरीके से वृद्ध व्यक्ति के नृशंस हत्या करने के आरोपी को जूटमिल पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।
इस अंधेकत्ल का खुलासा करते हुये पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल ने बताया कि गत दिवस 26 सितंबर के सुबह थाना प्रभारी जूटमिल निरीक्षक मोहन भारद्वाज को सूचना मिली कि बाजीराव पारा गंधरी पुलिया के पास रहने वाले रमेश तिवारी उर्फ बब्बू महाराज (62 वर्ष) की उसके घर पर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा हत्या कर दी गई है। सूचना पर तत्काल थाना प्रभारी द्वारा वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कर अपने स्टाफ के साथ मौके पर पहुंचे । पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के साथ एडिशनल एसपी , हेडक्वार्टर डीएसपी तथा साइबर सेल डीएसपी , साइबर सेल की टीम भी मौके पर पहुंची। मौके पर फोरेंसिक एक्सपर्ट , फिंगर प्रिंट्स की टीम और डॉग स्क्वाड द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कराया गया । मृतक के घर काम करने वाली बाई- श्रीमती साधमती यादव (60 वर्ष) निवासी मौदहापारा जूटमिल ने बताई कि रोजाना की तरह सुबह आठ बजे बब्बू महाराज के घर काम करने पहुंची तो सामने आंगन का गेट भीतर से बंद था , तब पड़ोसियों की मदद से घर में प्रवेश करने पर पता चला कि बब्बू महाराज की हत्या हो चुकी है। पुलिस टीम ने घर के सभी कमरों की बारिकी से तलाशी ली गई , जिसमें घर पर लगे सीसीटीवी कैमरे का डीवीआर और मॉडेम गायब मिला जो आरोपी द्वारा साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से निकाल ले गया था। शव का पोस्टमार्टम कराकर शॉर्ट पीएम रिपोर्ट प्राप्त कर थाना जूटमिल में अज्ञात आरोपी पर हत्या और साक्ष्य छिपाये जाने का (अपराध क्रमांक 420/2024 धारा 103(1) , 238 बीएनएस अपराध पंजीबद्ध किया गया। एसपी दिव्यांग कुमार पटेल द्वारा एडिशनल एसपी आकाश मरकाम के नेतृत्व में हेडक्वार्टर डीएसपी अखिलेश कौशिक , साइबर डीएसपी अभिनव उपाध्याय , थाना प्रभारी जूटमिल के साथ साइबर सेल , थाना जूटमिल और दीगर थाना स्टाफ की अलग-अलग टीम बनाकर सभी को अलग-अलग कार्यों में लगाया गया। गठित टीम द्वारा पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन पर घटनास्थल सुरक्षित रखकर सिलसिलेवार तरीके से संदेहियों से पूछताछ , घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच कर सभी एंगल पर हत्याकांड की जांच की जा रही थी। घटनास्थल से गायब डीवीआर को तलाश के लिये पुलिस टीम मृतक के घर के पीछे रेलवे ट्रैक के दोनों ओर काफी खोजबीन किया गया तथा नाला और आसपास सफाईकर्मियों की मदद से डीवीआर की खोजबीन जारी रखे हुये थी। आरोपी ने बताया उसे जानकारी थी कि बब्बू महाराज लोगों को रूपये उधार में देता था इसलिये बब्बू महाराज के पास काफी रूपये होने के अंदेशा हुआ और इनसे रूपये चुराने का योजना बनाकर घटना दिनांक 25 सितंबर को शाम करीब साढ़े सात बजे बब्बू महाराज के घर के पीछे के दरवाजे को तोड़कर घुसा और घर के आखरी वाले कमरे के नीचे पलंग में जाकर छिप गया था। बब्बू महाराज रात करीब नौ बजे आकर खाना बनाया और खाकर लेटा हुआ था , रात्रि करीब पौने बारह बजे मौका देखकर आरोपी दीपक यादव ने ड्रेसिंग टेबल के दराज (प्लाई लकड़ी का) निकालकर सोये अवस्था में बब्बू महाराज के सिर पर वार किया जिससे बब्बू महाराज जग गया और दोनों के बीच काफी संघर्ष हुआ। आरोपी ने कुर्सी से चोट पहुंचाया और अंतत: गमछा से फंदा बनाकर बब्बू महाराज का गला में खींचकर हत्या कर दिया और फिर तकिया के नीचे रखे चाबी से अलमारी को खोलकर अलमारी में रखे 10,500 रूपये चोरी किया। मकान से जाते समय कमरे से डीवीआर वायर को कटर से कटकर डीवीआर और मॉडेम को थैले मे लेकर मृतक के घर के पीछे रेल पटरी के किनारे घास के बीच में डीवीआर , मॉडेम के थैले को छुपा कर रखना बताया। पुलिस ने आरोपी के मेमोरेंडम पर डीवीआर , मॉडेम थैले की जप्ती की गई है तथा आरोपी से चुराई 10,500 रूपये और घटना में प्रयुक्त गमछा , घटना समय पहने कपड़े बरामद किये गये हैं । आरोपी दीपक यादव पिता स्व. मिलाऊ राम यादव उम्र 41 वर्ष निवासी बाजीराव मोदहापारा थाना जूटमिल , जिला रायगढ़ को पुलिस ने हत्या के अपराध में विधिवत गिरफ्तार का माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला के मार्गदर्शन एवं पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के कुशल नेतृत्व में थाना जूटमिल एवं साइबर सेल स्टाफ के साथ गठित टीम ने इस जटिल हत्याकांड का शीघ्र ही सटीकता से खुलासा किया। इस हत्याकांड के खुलासे में एडिशनल एसपी आकाश मरकाम , डीएसपी अखिलेश कौशिक , डीएसपी अभिनव उपाध्याय , निरीक्षक मोहन भारद्वाज , उप निरीक्षक गिरधारी साव , प्रधान आरक्षक सतीश पाठक , कृष्ण कुमार गुप्ता , रामनाथ बनर्जी , खीरेंद्र जलतारे , दिलदार कुरैशी , शिव वर्मा , आरक्षक विकास सिंह , तरुण महिलाने , सुशील यादव , जितेश्वर चौहान , नरेश रजत , लखेश्वर पुरसेठ , शशि भूषण साहू , बंसी रात्रे तथा साइबर सेल के प्रधान आरक्षक दुर्गेश सिंह , बृजलाल गुर्जर , रेणु मंडावी सिंह , आरक्षक धनंजय कश्यप , रविंद्र गुप्ता , प्रशांत पंडा , महेश पंडा , पुष्पेंद्र जटवार , जगमोहन ओग्रे , विकास प्रधान , विक्रम सिंह , नवीन शुक्ला , प्रताप बेहरा , परमानंद पटेल , सुदर्शन पांडे (छसबल) , महिला आरक्षक मेनका चौहान और धनुर्जय चंद बेहरा (पुसौर) , उत्तम सारथी (कोतवाली) , अखिलेश कुशवाहा (कोतरारोड़) सहित थाना जूटमिल , साइबर सेल के अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।