: एसपी विजय अग्रवाल ने किया महिलाओं का सम्मान
Thu, Mar 9, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टजांजगीर चांपा - अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस और होली त्योहार के मद्देनजर जिला पुलिस बल जांजगीर-चांपा द्वारा महिलाओं का सम्मान समारोह कार्यक्रम एवं परिवार परामर्श केन्द्र के नवीन सदस्यों का स्वागत तथा पुराने सदस्यों के विदाई समारोह का आयोजन गत दिवस परिवार परामर्श केन्द्र में किया गया। उक्त कार्यक्रम विजय अग्रवाल पुलिय अधीक्षक की अध्यक्षता मे संपन्न हुई , जिसमें जिला जांजगीर चांपा के विभिन्न थाना चौकी एंव कार्यालयो में कार्यरत महिला अधिकारी, कर्मचारीगण , नवीन/पुराने परिवार परामर्शदात्री के सदस्य तथा योग विद्या स्कूल के शिक्षकगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम के शुभारंभ में विजय अग्रवाल पुलिस अधीक्षक द्वारा नवीन परामर्शदात्री सदस्यों का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया उसके पश्चात् नवीन परामर्शदात्री सदस्यो का परिचय लिया गया। इस दौरान नवीन परामर्शदात्री के सदस्यों द्वारा अपने लगन एवं मेहनत तथा उत्साह से अपने कार्यो का निर्वहन करने के संबंध में इच्छा जाहिर की गई। पुराने परामर्शदात्री सदस्यो द्वारा परामर्शदात्री के संबंध में लंबे समय से कार्य करने के अनुभव को साझा किया गया , साथ ही नवीन सदस्यों को उत्साह एवं निष्पक्ष भावना से कार्य करने एवं प्रकरणों का निराकरण आपसी सुलहनामा से कराये जाने की सलाह दिये गये। पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा पुराने परामर्शदात्री के सदस्यों को स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ से सम्मानित किया गया। अपने उद्बोधन में एसपी अग्रवाल द्वारा अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओ की सम्मान को दृष्टिगत रखते हुये स्व. सुश्री शशिकांता राठौर की परिवार परामर्श केन्द्र को दिये गये योगदान को प्रेरणाश्रोत बताया गया। परिवार परामर्श केन्द्र को नवीन स्थान मे सर्व सुविधा युक्त बनाने का प्रयास करने एवं होली पर्व के अवसर पर महिला पुलिस कर्मियों द्वारा पेट्रोलिंग ड्यूटी करने से महिलाये निडर एवं निर्भिक होकर गली एव मोहल्लो मे होली खेलने के संबंध में अवगत कराया गया। साथ ही पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा महिला पुलिस अधीकारी एवं कर्मचारियों को विवेचना में उत्कृष्ट कार्य करने पर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। स्वर्गीय सुश्री शशिकांता राठौर राज्य महिला आयोग सदस्य को नवीन एवं पुराने परामर्शदात्री सदस्यो तथा पुलिस अधीक्षक द्वारा उनके परिवार परामर्श केन्द्र जांजगीर में संकिय भुमिका को याद करते हुये भावुक होकर श्रद्धांजली दी गई। योग विद्या शिक्षको द्वारा समय समय पर रक्षित केन्द्र एंव जिला जेल जांजगीर मे योगाभ्यास कराया जाता है। जिन्हे शाल एंव श्रीफल से सम्मानित किया गया तथा महिला पुलिस कर्मचारी को श्रीफल व गुलाब देकर सम्मानित किया गया। नवीन परामर्शदात्री के सदस्य दुष्यंत सिंह ने अपने उद्बोधन में प्रकरण का निराकरण परिवार परामर्श केन्द्र में ही करने का प्रयास करने के संबंध में बताया। वहीं संतोष राठौर ने अपने उद्बोधन में कहा - नारी-नारी कहते है नारी नर की खान। नारी से नर होत है ध्रुव प्रहलाद समान। उक्त कार्यक्रम का संचालन अनिल सोनी अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक द्वारा किया गया , जिनके द्वारा यत्र नारी पूज्यंते तत्र देवता रमन्ते उद्बोधित कर कार्यक्रम का संचालन किया गया। उक्त कार्यक्रम में लगभग 60-70 लोग उपस्थित रहे।
: डकैती के चार आरोपी सहित चार विधि से संघर्षरत बालक गिरफ्तार
Thu, Mar 9, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टसक्ती - भागवत कथा टीम के साथ घर वापस आ रहे लोगों से रात में मारपीट कर जान से मारने की धमकी देते हुये भागवत कथा में मिले दक्षिणा एवं स्वयं के खर्च हेतु रखे रुपये , मोबाइल और टीम के साजो सामान , दैनिक सामाग्री की लूट करने वाले चार आरोपियों सहित चार विधि से संघर्षरत बालकों को हसौद पुलिस ने गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये हसौद थाना प्रभारी उपनिरीक्षक नवीन पटेल ने अरविन्द तिवारी को बताया प्रार्थी मुकेश कुमार साहू पिता बाबूलाल साहू 34 वर्ष निवासी अड़भार चौकी अड़भार थाना मालखरौदा जिला सक्ती छग द्वारा गत 07 मार्च को थाना में उपस्थित होकर लिखित आवेदन पत्र पेश कर रिपोर्ट दर्ज कराया कि 01 मार्च 2023 को ग्राम पेंड्रावन (सरसींवा) से अपने भागवत कथा टीम के साथ उमेश कुमार डडसेना के मोटर सायकल में बैठा था एवं एक मोटर सायकल में लक्ष्मण राठौर एवं गोवर्धन केवट थे। मोटर सायकल से वापस आते समय भेड़ीकोना पुल के आगे करीब रात दस बजे दो मोटर सायकल में सवार चार - चार व्यक्ति अपने मोटरसायकल को ओवरटेक कर रोककर एक लड़का मोटर सायकल को लात से धक्का मारकर हम लोगों को गिरा दिये एवं सभी एक राय होकर हाथ मुक्का से मारपीट कर जान से मारने की धमकी दे रहे थे। भागवत कथा में मिला दक्षिणा राशि 21000 रूपये एवं स्वयं के खर्च हेतु रखे 6000 रूपये कुल 27000 रूपये एवं दो नग मोबाईल को छोटे बैंग में रखा एवं एक बैग में टीम का साजो सामान , दैनिक सामाग्री को भी लूट कर भाग गये। प्रार्थी की रिपोर्ट पर अपराध पंजीबद्ध कर पुलिस अधीक्षक महोदय एम० आर० अहिरे (भा.पु.से) , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महोदया श्रीमति गायत्री सिंह एवं अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) महोदय चन्द्रपुर / डभरा बी. एस. खुटिया को मामले से अवगत कराकर आरोपी को गिरफ्तार कर त्वरित कार्यवाही करने निर्देश प्राप्त होने उनके कुशल मार्गदर्शन में आरोपी रितेश भारद्वाज पिता निर्भय भारद्वाज उम्र 18 वर्ष निवासी हसौद भाठापारा थाना हसौद , तुलसी यादव पिता घसिया यादव उम्र 20 वर्ष निवासी बाजार चौक हसौद , प्रीतम कुमार यादव पिता दिलदार यादव उम्र 20 वर्ष निवासी धमनी थाना हसौद , मोहन यादव पिता रामनारायण यादव उम्र 19 वर्ष निवासी हसौद थाना हसौद जिला सक्ती (छ०ग०) एवं चार विधि से संघर्षरत बालक को पुछताछ किया गया जिन्होंने घटनाकारित करना स्वीकार किया। इस घटना में प्रयुक्त दो मोटरसायकल एवं लूट की रकम 27000 रूपये में से 8000 रुपये एवं दो नग मोबाईल को पेश करने पर जप्त करते हुये आज गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर भेजा गया। उक्त मामले की कार्यवाही में हसौद थाना प्रभारी उपनिरीक्षक नवीन पटेल , सउनि जे०के वर्मा , प्रधान आरक्षक अश्वनी सिदार , पूरन लाल कैवर्त , अनूप खलखो , आरक्षक मिरीश साहू , घनश्याम टंडन , घनश्याम पाण्डेय , बृजमोहन नेताम , संदीप सोनंत , दिगम्बर साहू , महेन्द्र महेश्वरी , मनोज कोशले , विनोद कटकवार , जयपाल कंवर , शिवगोपाल रात्रे , सहदेव यादव , जयप्रकाश गबेल , रणजीत जांगड़े का विशेष योगदान रहा है।
: लोगों को जगाने के लिये महिलाओं का जागृत होना जरूरी - रतन लाल डांगी
Thu, Mar 9, 2023
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - देश में यदि महिलाओं को गरिमापूर्ण स्थान समाज में दिया है , तो वो मात्र देश का संविधान ही है। देश का संविधान ही एकमात्र ऐसा ग्रंथ है जिसमे महिला एवं पुरुष में किसी प्रकार का भेद नहीं किया गया है। हमारे देश का जितना नुकसान लैंगिक भेदभाव ने किया है , शायद ही किसी और कारण ने किया हो। जिस दिन हमारे देश की हर महिला शक्ति भारत के संविधान को सुबह-शाम पढ़ना शुरू कर देगी , उस दिन से उसे सभी प्रकार के शोषण से मुक्ति का रास्ता मिल जायेगा एवं उसे आगे बढ़ने और देश के निर्माण की भागीदारी से कोई नहीं रोक पायेगा।
उक्त बातें वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एवं राज्य पुलिस अकादमी चंदखुरी के निदेशक रतन लाल डांगी ने आज अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर पं० रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में विधि संकाय के छात्रों को संबोधित करते हुये कही। उन्होंने
अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर समस्त महिला शक्ति को बधाई एवं प्रणाम निवेदित करते हुये कहा कि
हर व्यक्ति को अपने आपसे ये सवाल जरूर पूछना चाहिये किआखिर महिला दिवस मनाने की आवश्यकता क्यों पड़ी ? क्या महिला के बिना इस मानव जाति का अस्तित्व संभव है ? जिस महिला शक्ति के बिना मानव जाति की कल्पना नहीं की जा सकती वह महिला शक्ति सदियों से अपने अस्तित्व के लिये संघर्ष कर रही है और हर युग में उसके साथ छल ही हुआ है , छल भी उसके अपनों ने ही किया है। वैदिक काल से लेकर आधुनिक काल तक महिलाओं की स्थिति में उतार-चढ़ाव रहा है। वैदिक काल में महिलाओं की स्थिति काफी हद तक ठीक थी लेकिन उत्तर वैदिक काल से ही उनकी समाज में स्थिति उत्तरोत्तर खराब ही होती गई , स्त्री को शूद्र की कैटेगरी में रखा गया। उनको भी शूद्रों की तरह ना तो शिक्षा का अधिकार था और ना हीं सामाजिक व्यवस्था में सम्मान। उनके साथ दोयम दर्जे का बर्ताव किया जाता था। मनुस्मृति में महिलाओं के लिये बहुत निम्न किस्म की शब्दावली का प्रयोग किया गया है एवं स्त्री को पुरुष की दासी के रूप में स्थापित किया गया है। आईपीएस डांगी ने कहा लैंगिक भेदभाव राष्ट्र में सांस्कृतिक , सामाजिक , आर्थिक और शैक्षिक अंतर ले आता है , जो देश को पीछे की ओर ढ़केलता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुये संविधान निर्माताओं ने विशेषकर डॉ० भीमराव अंबेडकर ने लैंगिग भेदभाव को संविधान में कहीं पर भी स्थान नहीं दिया है। उनका कहना भी था कि "मैं किसी समुदाय की प्रगति उस समुदाय की महिलाओं की प्रगति के आधार पर मापता हूं।” इसीलिये संविधान में लिंग भेद का कोई स्थान नहीं है। यानि महिलाओं को भी वो सब अधिकार दिये है जो पुरुषों को दिये। संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों का ही कमाल है की आज हर क्षेत्र में महिला शक्ति ने अपना लोहा मनवाया है। उनका कहना है कि महिलायें चाहे वो देश की राष्ट्रपति हो , प्रधानमंत्री , राज्यपाल , मुख्यमंत्री , मंत्री , न्यायाधीश , आईएएस , आईपीएस , वैज्ञानिक , डॉक्टर , अंतरिक्ष , सेना ऐसा कोई क्षेत्र नहीं बचा है जहां महिलाओं ने संविधान द्वारा दिये अधिकारों से प्राप्त अवसर मिलने से यह साबित कर दिया कि कोई भी व्यक्ति किसी से कम नहीं होता है , वो सब कर सकता है यदि उसे अवसर दिया जाये। कहा भी गया है की यदि किसी देश को विकसित करना है तो लोगों को जगाना होगा और “लोगों को जगाने के लिये , महिलाओं का जागृत होना जरुरी है। एक बार जब वो अपना कदम उठा लेती है तो परिवार आगे बढ़ता है , गाँव आगे बढ़ता है और राष्ट्र विकास की ओर उन्मुख होता है।“ भारत में , महिलाओं को सशक्त बनाने के लिये सबसे पहले समाज में उनके अधिकारों और मूल्यों को क्षति पहुंचाने वाले उन सभी राक्षसी सोच को मारना जरुरी है जैसे दहेज प्रथा , अशिक्षा , यौन हिंसा , असमानता , भ्रूण हत्या , महिलाओं के प्रति घरेलू हिंसा , बलात्कार , वैश्यावृत्ति , मानव तस्करी और भी ऐसे ही दूसरे विषय। इस तरह की बुराईयों को मिटाने के लिये एवं भारत के संविधान में उल्लिखित समानता के अधिकार को सुनिश्चित करने के लिये महिलाओं को सशक्त बनाना सबसे प्रभावशाली उपाय है। लैंगिक समानता को प्राथमिकता देने से ही पूरे भारत में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। महिला सशक्तिकरण के उच्च लक्ष्य को प्राप्त करने के लिये इसे हर एक परिवार में बचपन से प्रचारित व प्रसारित करना होगा। केवल शिक्षित व्यक्ति ही अपने अधिकारों को जान सकता है इसलिये यह जरूरी है की हर बेटी को पढ़ने का मौका समाज को देना होगा। मजबूत समाज एवं राष्ट्र के लिये ये जरुरी है कि महिलायें शारीरिक , मानसिक और सामाजिक रुप से मजबूत हो। चूंकि एक बेहतर शिक्षा की शुरुआत बचपन से घर पर हो सकती है , महिलाओं के उत्थान के लिये एक स्वस्थ परिवार की जरुरत है जो राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिये आवश्यक है। आज भी कई पिछड़े क्षेत्रों में माता-पिता की अशिक्षा , असुरक्षा और गरीबी की वजह से कम उम्र में विवाह हो जाता है और बच्चे भी जिससे महिलाओं के शारीरिक एवं मानसिक विकास प्रभावित होता है। महिलाओं को मजबूत बनाने के लिये महिलाओं के खिलाफ होने वाले दुर्व्यवहार , लैंगिक भेदभाव , सामाजिक अलगाव तथा हिंसा आदि को रोकने के लिये सरकार कई सारे कदम भी उठा रही है। फिर भी अभी बहुत किया जाना अपेक्षित है l