: डिप्टी सीएम ने किया कविता संग्रह बस्तर की सुबह का विमोचन
Thu, Mar 7, 2024
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टरायपुर - बस्तर के मानवशास्त्री एवं साहित्यकार डॉ० रूपेन्द्र कवि की बहुप्रतीक्षित कविता संग्रह "बस्तर की सुबह" का विमोचन छत्तीसगढ़ के यशस्वी उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के हाथों उनके निवास कार्यालय सिविल लाईन में आज संपन्न हुआ। बताते चलें फिलहाल यह किताब जहाँ दो भाषाओं हलबी व हिन्दी में लिखी गई है , वहीं अन्य भाषाओं में भी इसके अनुवाद करने की ज़रूरत है। इस किताब को डिप्टी सीएम शर्मा ने अवार्ड विनिंग बुक कहकर लेखक प्रकाशक को शुभकामनायें दी है। इस कविता संग्रह विमोचन के समय और कोई साहित्यकार एवं साहित्यप्रेमी उपस्थित थे।
अपने संक्षिप्त परिचय देते हुये कवि डा० रूपेन्द्र ने अरविन्द तिवारी को बताया कि उनका जन्म वनांचल बस्तर के जगदलपुर में 17 फरवरी 1979 में हुआ। प्रारंभिक शिक्षा बस्तर में होने के बाद उनकी उच्च शिक्षा पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय रायपुर में सम्पन्न हुई। मानव विज्ञान में इन्होंने पीएचडी कार्य सम्पन्न किया। भाषाविज्ञान, विरासत प्रबन्धन संग्रहालय विज्ञान ,समाजशास्त्र , हिंदी साहित्य आदि विषयों की पढ़ाई इनके ज्ञान विस्तार और जिज्ञासावृत्ति के सूचक हैं। देश विदेश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में पचास से अधिक शोधपत्र , राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में इनका शामिल होना और अध्यक्षता इनके अकादमिक अभिरुचि के अभिलक्षण हैं। ये अपने लोक बस्तर को साहित्यिक सृजन की दृष्टि से देखते हैं , जिसका शुभ पक्ष इनकी कविता लेखन यात्रा है। भारतीय जाति व्यवस्था: शास्त्रीय एवं आधुनिक' , 'बस्तर में आदिवासी विकास' इनके द्वारा लिखित मानवविज्ञान की मानीखेज़ पुस्तक है। इसके अलावा इनकी बाल साहित्य की पुस्तकें नेशनल बुक ट्रस्ट ऑफ इंडिया से प्रकाशित हुई है। 'आधारभूत मानवविज्ञान ' इनकी शीघ्र प्रकाश्य पुस्तक है। बस्तर के लोकजीवन पर इनके संजीदा विचार उल्लेखनीय हैं। इनको देश के विभिन्न सामाजिक-सांस्कृतिक संस्थाओं द्वारा सम्मानित किया गया है। इनकी लेखन यात्रा अनवरत जारी है। कवि रूपेन्द्र वर्तमान में उपसंचालक आदिमजाति अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, (छत्तीसगढ़)में पदस्थ हैं। बस्तर के यशस्वी रचनाकार डॉ.रूपेंद्र कवि,'कवि ' नाम के अनुरूप मूलतः मानवविज्ञानी होते हुये भी कविकर्म को साथ लेकर चलते हैं। कवि की प्रथम कविता संग्रह 'बस्तर की सुबह' दो अर्थों में विशेष है - प्रथम यह अपने बस्तर भूमि से बस्तर की हल्बी बोली में हिंदी कविता का अर्थविस्तारक है। यह कविता संग्रह द्विभाषी है-हल्बी और हिंदी। दूसरा संग्रह की कवितायें बस्तर की संस्कृति और संस्कृति की को मानवविज्ञान की नजर से देखता है। बस्तर की धरती से देश दुनियां की संवेदनलय से हमें जोड़ती है।
: आईजी ने हाई लेवल वर्चुअल बैठक में दिये कई अतिआवश्यक निर्देश
Thu, Mar 7, 2024
अरविन्द तिवारी की रिपोर्टदुर्ग - रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राम गोपाल गर्ग (भापुसे.) ने रेंज के अधिकारियों के साथ एक हाई लेवल वर्चुअल बैठक आयोजित किया। जिसमे बालोद, बेमेतरा , दुर्ग के पुलिस अधीक्षक वर्चुअल सम्मिलित हुये। इस बैठक के दौरान, लघु अधिनियम और प्रतिबंधात्मक कार्यवाही, वारंटो की तामिली, पोलिंग स्टेशन का निरीक्षण करने के संबंध में कार्यवाही हेतु दिशा-निर्देश दिये गये। पुलिस महानिरीक्षक ने बैठक में महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की और संबंधित अधिकारियों को आगे की कार्यवाही के लिये निर्देश दिये। उन्होंने लघु अधिनियम के पालन और प्रतिबंधात्मक के संबंध में सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिये है। साथ ही आगामी लोकसभा चुनाव के संबंध में भी तैयारी शुरू करने के निर्देश दिये गये हैं। इसके अंतर्गत चुनाव सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिये आवश्यक कदम उठाने का निर्देश दिया गया है। पुलिस महानिरीक्षक ने समाज के सुरक्षा और लोकतंत्र के मूल्यों की रक्षा करने के लिये अधिकारियों के साथ मिलकर कठिन परिस्थितियों का सामना करने की बात कही। उपरोक्त वर्चुअल बैठक में पुलिस अधीक्षक दुर्ग जितेंद्र शुक्ला, पुलिस अधीक्षक बालोद एस आर भगत, पुलिस अधीक्षक बेमेतरा राम कृष्ण साहू, पुमनि कार्यालय दुर्ग रेंज से पनिक राम कुजूर एवं रेंज के राजपत्रित अधिकारीगण उपस्थित थे।
: बालको में मंत्री लखनलाल देवांगन ने किया दाल भात केन्द्र का शुभारंभ
Tue, Mar 5, 2024
बालकोनगर, 04 मार्च, 2024। छ्त्तीसगढ़ शासन में उद्योग, वाणिज्य व श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने बालको संयंत्र के एलुमिना गेट के सामने कोरबा जिले के पहले अन्नपूर्णा दाल भात केन्द्र का शुभारंभ किया। छ्त्तीसगढ़ के शहीद वीर नारायण सिंह श्रम अन्न योजना के अंतर्गत निर्माण, संगठित एवं असंगठित वर्ग के श्रमिकों के लिए 5 रूपये राशि में भोजन की व्यवस्था की गई है। पंजीकृत हितग्राहियों को गरम व पौष्टिक भोजन प्रदान की जाएगी। कार्यक्रम के दौरान श्रम मंत्री श्री देवांगन और बालको के सीईओ राजेश कुमार ने श्रमिकों को भोजन परोसने के बाद उनके साथ बैठकर भोजन भी ग्रहण किया। कार्यक्रम में श्रम आयुक्त श्री राजेश आदिले, बालको के अधिकारी तथा श्रमिक संगठन के पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित थे।
दाल-भात केंद्र का शुभारंभ करते हुए श्रम मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि इस योजना को प्रारंभ करने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने तत्काल सहमति दी और आज उनके प्रयास से गरीब मजदूरों को किफायती दर में भरपेट भोजन उपलब्ध होगा। उन्होंने कहा कि इस योजना से श्रमिकों को काफी लाभ मिलेगा जो कार्य के दौरान अधिक पैसा खर्च नहीं कर सकते हैं उनके लिए यह योजना एक वरदान है। ठेके के माध्यम से पूरे प्रदेश में इस योजना को लागू किया गया है। श्रमिकों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में 21 स्थानों पर दाल-भात केंद्र प्रारंभ है। अन्य 22 स्थानों पर भी इसका संचालन किया जाएगा। कोरबा जिले में तीन स्थानों पर दाल-भात केंद्र का संचालन होगा जिससे हमारे श्रमिकों को दाल-भात केंद्र के माध्यम से कम कीमत पर पौष्टिक भोजन का लाभ मिलेगा।
बालको के सीईओ श्री राजेश कुमार ने दाल-भात केंद्र का शुभारंभ किए जाने पर छत्तीसगढ़ सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कंपनी श्रमिकों के कल्याण और उत्थान के लिए कटिबद्ध है। देश को विकास की राह में आगे बढ़ाने में श्रमिकों योगदान का बहुमूल्य है। हमारे श्रमवीर अपने परिश्रम से कंपनी के उत्कृष्ट एल्यूमिनियिम के उत्पादन में भरपूर सहयोग दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि शासन के सहयोग से हम इस योजना को अच्छे से चलाएंगे और सभी श्रमिकों को भोजन उपलब्ध कराएंगे।